सीजेपी के अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली बरखा त्रेहन की पहचान सामने आई है। वह पुरुष आयोग की फाउंडर और मोदी भक्त है। पिछले साल उने रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर का समर्थन किया था।
नई दिल्ली, सीजेपी के दिग्गज नेता अभिजीत दीपके पर स्याही फेंक ने वाली महिला की पहचान बरखा त्रेहन के नाम से सामने आई है। यह घटना सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन हटाए जाने के बाद जंतर-मंतर में हुई थी, जहां ब्रह्मस সম্প անգ莖 অভিজ anủ काउंसिल के अधिकCnts कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। बरखा त्रेहन, जिन्हें पुरुष आयोग की फाउंडर और अध्यक्ष कहा जा रहा है, पहले भी विवादित मुद्दों में उल्लेखनीय रहे हैं। वे पिछले साल बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, जिन्हें उन्नाव रेप केस में दोषी साबित किया गया था, के समर्थन में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर खड़ी हुई थीं। सेंगर के बेल अधिकार और सजा के निलंबन का समर्थन करने वाली बरखा ने तब कहा था कि रेप पर राजनीति बंद होनी चाहिए और कोर्ट के आदेश का सम्मान करना चाहिए। फैक्ट चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने इस बार की घटना के बाद बरखा की पहचान बताते हुए उनके कई पुराने पोस्ट शेयर किए, जिनमें वह खुद को पुरुष आयोग की फाउंडर, पुरुषों की आवाज उठाने वाली कार्यकर्ता, इगैलिटेरियन और कॉन्स्टिट्यूशनलिस्ट बताती दिखाई देते हैं। बरखा के लिंक्डín अकाउंट पर भी यही जानकारी दी गई है। जुबैर ने लिखा कि बरखा मोदी भक्त और मेन्स राइट्स एक्टिविस्ट भी हैं और वे हाल ही में कुलदीप सेंगर के समर्थन की मुहिम में सक्रिय रही थीं। इसके अलावा, बरखा ने पीएम नरेंद्र मोदी को राखी भी बांधी थी। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने बरखा त्रेहन को पकड़कर दिल्ली पुलिस को सौंप दिया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर जंतर-मंतर से बाहर जा रही थी, तब उसने खुद के साथ मारपीट होने का आरोप लगाया। मीडिया वालों से बातचीत में उसने स्याही फेंक ने का कारण नहीं बताया बल्कि जयश्रीराम के नारे लगाए। सूत्रों के अनुसार, बरखा त्रेहन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, लेकिन यह साफ नहीं है कि उनके खिलाफ कोई केस दर्ज किया गया है या नहीं। इस घटना पर राहुल गांधी ने कहा कि सोनम वांगचुक को जबरन हटाने का फैसला गलत है और मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा पर आधारित हैं.
नई दिल्ली, सीजेपी के दिग्गज नेता अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला की पहचान बरखा त्रेहन के नाम से सामने आई है। यह घटना सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन हटाए जाने के बाद जंतर-मंतर में हुई थी, जहां ब्रह्मस সম্প անգ莖 অভিজ anủ काउंसिल के अधिकCnts कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। बरखा त्रेहन, जिन्हें पुरुष आयोग की फाउंडर और अध्यक्ष कहा जा रहा है, पहले भी विवादित मुद्दों में उल्लेखनीय रहे हैं। वे पिछले साल बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, जिन्हें उन्नाव रेप केस में दोषी साबित किया गया था, के समर्थन में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर खड़ी हुई थीं। सेंगर के बेल अधिकार और सजा के निलंबन का समर्थन करने वाली बरखा ने तब कहा था कि रेप पर राजनीति बंद होनी चाहिए और कोर्ट के आदेश का सम्मान करना चाहिए। फैक्ट चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने इस बार की घटना के बाद बरखा की पहचान बताते हुए उनके कई पुराने पोस्ट शेयर किए, जिनमें वह खुद को पुरुष आयोग की फाउंडर, पुरुषों की आवाज उठाने वाली कार्यकर्ता, इगैलिटेरियन और कॉन्स्टिट्यूशनलिस्ट बताती दिखाई देते हैं। बरखा के लिंक्डín अकाउंट पर भी यही जानकारी दी गई है। जुबैर ने लिखा कि बरखा मोदी भक्त और मेन्स राइट्स एक्टिविस्ट भी हैं और वे हाल ही में कुलदीप सेंगर के समर्थन की मुहिम में सक्रिय रही थीं। इसके अलावा, बरखा ने पीएम नरेंद्र मोदी को राखी भी बांधी थी। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने बरखा त्रेहन को पकड़कर दिल्ली पुलिस को सौंप दिया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर जंतर-मंतर से बाहर जा रही थी, तब उसने खुद के साथ मारपीट होने का आरोप लगाया। मीडिया वालों से बातचीत में उसने स्याही फेंकने का कारण नहीं बताया बल्कि जयश्रीराम के नारे लगाए। सूत्रों के अनुसार, बरखा त्रेहन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, लेकिन यह साफ नहीं है कि उनके खिलाफ कोई केस दर्ज किया गया है या नहीं। इस घटना पर राहुल गांधी ने कहा कि सोनम वांगचुक को जबरन हटाने का फैसला गलत है और मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा पर आधारित हैं
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