अलविदा प्रणब दा: भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का क्लर्क, शिक्षक, पत्रकार से होते हुए राष्ट्रपति बनने तक का सफर

इंडिया समाचार समाचार

अलविदा प्रणब दा: भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का क्लर्क, शिक्षक, पत्रकार से होते हुए राष्ट्रपति बनने तक का सफर
इंडिया ताज़ा खबर,इंडिया मुख्य बातें
  • 📰 Amar Ujala
  • ⏱ Reading Time:
  • 77 sec. here
  • 3 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 34%
  • Publisher: 51%

अलविदा प्रणब दा: भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का क्लर्क, शिक्षक, पत्रकार से होते हुए राष्ट्रपति बनने तक का सफर PranabMukherjee POI13 PranabMukherjee PranabMukherje PranabMukherjeePassesAway PMOIndia narendramodi

भारतीय राजनीति में हर तबके और पक्ष-विपक्ष में सभी के सम्मानित नेता रहे प्रणब दा के निधन की खबर मिलते ही हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई। इसके बाद कांग्रेस-भाजपा के नेताओं समेत प्रधानमंत्री ने भी अपनी संवेदनाएं प्रकट की।प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के वीरभूमि जिले के मिराती नामक गांव में हुआ था। उनके पिता कामदा किंकर मुखर्जी एक स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस के नेता थे और उनकी माता राजलक्ष्मी मुखर्जी एक गृहणी। प्रणब दा शुरू से ही पढ़ाई में तेज थे और जिले के सुरी विद्यासागर कॉलेज...

मंत्री रहे। इसके बाद जनवरी 1974 से अक्टूबर 1974 तक वह जहाजरानी और परिवहन मंत्री के पद पर रहे। अक्टूबर 1974 से दिसंबर 1975 तक वह वित्त राज्य मंत्री रहे।जुलाई 1975 में वह दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए। दिसंबर 1975 से मार्च 1977 तक वह राजस्व और बैंकिंग मंत्रालय में राज्य मंत्री बने रहे। साल 1978 से 1980 तक वह राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी के उप नेता रहे। वे कई वर्षों तक कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्य रहे और पार्टी के विभिन्न पदों का जिम्मा भी संभाला। पार्टी में कई अहम पदों के साथ ही उन्होंने...

भारतीय राजनीति में हर तबके और पक्ष-विपक्ष में सभी के सम्मानित नेता रहे प्रणब दा के निधन की खबर मिलते ही हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई। इसके बाद कांग्रेस-भाजपा के नेताओं समेत प्रधानमंत्री ने भी अपनी संवेदनाएं प्रकट की।प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के वीरभूमि जिले के मिराती नामक गांव में हुआ था। उनके पिता कामदा किंकर मुखर्जी एक स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस के नेता थे और उनकी माता राजलक्ष्मी मुखर्जी एक गृहणी। प्रणब दा शुरू से ही पढ़ाई में तेज थे और जिले के सुरी विद्यासागर कॉलेज...

मंत्री रहे। इसके बाद जनवरी 1974 से अक्टूबर 1974 तक वह जहाजरानी और परिवहन मंत्री के पद पर रहे। अक्टूबर 1974 से दिसंबर 1975 तक वह वित्त राज्य मंत्री रहे।जुलाई 1975 में वह दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए। दिसंबर 1975 से मार्च 1977 तक वह राजस्व और बैंकिंग मंत्रालय में राज्य मंत्री बने रहे। साल 1978 से 1980 तक वह राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी के उप नेता रहे। वे कई वर्षों तक कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्य रहे और पार्टी के विभिन्न पदों का जिम्मा भी संभाला। पार्टी में कई अहम पदों के साथ ही उन्होंने...

हमने इस समाचार को संक्षेप में प्रस्तुत किया है ताकि आप इसे तुरंत पढ़ सकें। यदि आप समाचार में रुचि रखते हैं, तो आप पूरा पाठ यहां पढ़ सकते हैं। और पढो:

Amar Ujala /  🏆 12. in İN

इंडिया ताज़ा खबर, इंडिया मुख्य बातें

Similar News:आप इससे मिलती-जुलती खबरें भी पढ़ सकते हैं जिन्हें हमने अन्य समाचार स्रोतों से एकत्र किया है।

नहीं रहे भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पीएम मोदी ने कुछ इस तरह किया यादनहीं रहे भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पीएम मोदी ने कुछ इस तरह किया यादपीएम मोदी ने भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट कर कहा कि उन्होंने हमारे राष्ट्र के विकास पथ पर एक अमिट छाप छोड़ी है। एक विद्वान सम उत्कृष्टता, एक राजनीतिज्ञ, और समाज के सभी वर्गों द्वारा प्रशंसित था। PMOIndia PranabMukherjee
और पढो »

प्रणब मुखर्जी का सियासी सफर, जब दो बार हाथ से निकला प्रधानमंत्री बनने का मौकाप्रणब मुखर्जी का सियासी सफर, जब दो बार हाथ से निकला प्रधानमंत्री बनने का मौकादेश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सोमवार शाम निधन हो गया। 84 वर्षीय प्रणब मुखर्जी की ब्रेन सर्जरी के बाद हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। पूर्व राष्ट्रपति की बेटी और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी समेत उनके प्रणव दा के समर्थक और चाहने वाले उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। प्रणब मुखर्जी 5 दशक से अधिक समय तक राजनीति में सक्रिय रहे। इंदिरा गांधी के करीबी माने जाने वाले प्रणब मुखर्जी दो बार प्रधानमंत्री बनते-बनते रह गए। उनके सियासी सफर पर एक नजर-
और पढो »

'प्रणब का राजनीति में होना कानून का नुकसान था', देखें क्यों बोले अभिषेक मनु सिंघवी'प्रणब का राजनीति में होना कानून का नुकसान था', देखें क्यों बोले अभिषेक मनु सिंघवीदेश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया है. सोमवार शाम को 84 साल की उम्र में प्रणब मुखर्जी ने अंतिम सांस ली. वो पिछले कई दिनों से बीमार थे और दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती थे. बीते दिनों प्रणब मुखर्जी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, उनकी सर्जरी भी हुई थी. प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर प्रणब मुखर्जी के निधन की जानकारी दी. पिछले कई दिनों से बड़े डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे थे, लेकिन लगातार उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई थी. जिसके बाद सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली. भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने आजतक से बातचीत के दौरान शोक व्यक्त किया और प्रणब दा के बारे में कई सारे बातें बताईं. क्या बोले सिंघवी, जानने के लिए देखिए वीडियो.
और पढो »

अलविदा प्रणब मुखर्जी: भारत के 13वें राष्ट्रपति जो बनना चाहते थे प्रधानमंत्रीअलविदा प्रणब मुखर्जी: भारत के 13वें राष्ट्रपति जो बनना चाहते थे प्रधानमंत्रीप्रणब मुखर्जी को एक ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाएगा जो देश का प्रधानमंत्री हो सकता था लेकिन अंतत उनका राजनीतिक सफर राष्ट्रपति भवन तक पहुंच कर संपन्न हुआ।
और पढो »

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधनपूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधनभारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया है. वो पिछले कुछ समय से बीमार थे और अस्पताल में उनकी स्थिति नाज़ुक बनी हुई थी.
और पढो »



Render Time: 2025-08-29 07:56:01