आजमगढ़ में त्रिभुवन पांडेय हत्याकांड में गैंग्स्टर के तीन आरोपित गिरफ्तार, न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा। महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के आरोपितों पर गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
आजमगढ़ में त्रिभुवन पांडेय हत्याकांड में गैंग्स्टर के तीन आरोपित गिरफ्तार , न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया। महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के आरोपितों पर गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक अनुराग कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आराजी जजमनजोत गांव में दबिश दी और तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों में अमरनाथ यादव, रामभवन पांडेय और आदित्य पांडेय शामिल थे। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। इस मामले में जमीनी रंजिश में 26 अक्टूबर 2025 को बैनामा की जमीन के विवाद में त्रिभुवन पांडेय की हत्या कर शव बैरिया नदी के किनारे फेंक दिया गया था। इस मामले में महराजगंज थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान प्रारंभिक नामजद आरोपित श्रीराम यादव की संलिप्तता नहीं पाई गई, जबकि जांच में अमरनाथ यादव, रामभवन पांडेय, दीनदयाल पांडेय और आदित्य पांडेय के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले। आरोपित संगठित गिरोह के रूप में कार्य कर रहे थे और उनकी गतिविधियों से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था। लोग उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने और गवाही देने से भी कतराते थे। इसे देखते हुए पुलिस ने गैंग चार्ट तैयार कर अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी को भेजा था। अनुमोदन मिलने के बाद दो जून को चारों आरोपितों के खिलाफ गैंग्स्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया.
आजमगढ़ में त्रिभुवन पांडेय हत्याकांड में गैंग्स्टर के तीन आरोपित गिरफ्तार, न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया। महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के आरोपितों पर गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक अनुराग कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आराजी जजमनजोत गांव में दबिश दी और तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों में अमरनाथ यादव, रामभवन पांडेय और आदित्य पांडेय शामिल थे। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। इस मामले में जमीनी रंजिश में 26 अक्टूबर 2025 को बैनामा की जमीन के विवाद में त्रिभुवन पांडेय की हत्या कर शव बैरिया नदी के किनारे फेंक दिया गया था। इस मामले में महराजगंज थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान प्रारंभिक नामजद आरोपित श्रीराम यादव की संलिप्तता नहीं पाई गई, जबकि जांच में अमरनाथ यादव, रामभवन पांडेय, दीनदयाल पांडेय और आदित्य पांडेय के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले। आरोपित संगठित गिरोह के रूप में कार्य कर रहे थे और उनकी गतिविधियों से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था। लोग उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने और गवाही देने से भी कतराते थे। इसे देखते हुए पुलिस ने गैंग चार्ट तैयार कर अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी को भेजा था। अनुमोदन मिलने के बाद दो जून को चारों आरोपितों के खिलाफ गैंग्स्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया
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