इतिहासकार रामचंद्र गुहा का दावा- इतिहास के चौथे संकट से गुजर रहा देश, याद किए गणतंत्र के 70 साल
इतिहासकार रामचंद्र गुहा का दावा- इतिहास के चौथे संकट से गुजर रहा देश, याद किए गणतंत्र के 70 साल जनसत्ता ऑनलाइन Edited By नितिन गौतम नई दिल्ली | Updated: January 26, 2020 3:06 PM मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा। मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने अपने एक लेख में दावा किया है कि देश अपनी आजाद के बाद के इतिहास के चौथे सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है। गुहा ने अपने लेख में लिखा कि भारत को जब आजादी मिली थी, उस वक्त देश काफी परेशानियों में घिरा हुआ था। इसमें देश के बंटवारे के साथ ही हिंसा और बड़ी संख्या में...
संबंधित खबरें गुहा ने लिखा कि ऐसे मुश्किल हालात में भी यदि देश नहीं टूटा, जैसा कि कई पश्चिमी देशों ने भविष्यवाणी की थी, तो उसकी वजह उस वक्त की लीडरशिप थी, जिसने देश को एकजुट रखा। इनमें बीआर अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू और वल्लभभाई पटेल जैसे लोग सरकार में थे। वहीं सिविल सोसाइटी में कमलादेवी चट्टोपाध्याय, मृदुला साराभाई और अनिस किदवई आदि लोगों ने उल्लेखनीय काम किया था।
Also Read मशहूर इतिहासकार के अनुसार, देश के सामने तीसरा बड़ा संकट साल 1989 से लेकर 1192 के मध्य में आया, जब देश में सांप्रदायिक हिंसा की आग भड़की और साथ ही देश की आर्थिक हालत भी काफी खराब हो गई थी।
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