प्रमोद विश्वकर्मा लखीमपुर से गाजियाबाद पहुंचे और फिर दिल्ली के लिए चल दिए थे पैदल (रिपोर्ट: puneetaajtak)
कोरोना वायरस ने हिंदुस्तान समेत पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है. मोदी सरकार ने इस जानलेवा वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन कर रखा है. इसके चलते लोगों का कामकाज ठप हो गया है और प्रवासी मजदूर अपने घरों को पलायन कर रहे हैं. इसके अलावा कई लोग ऐसे भी हैं, जो इधर-उधर गए थे, वो भी फंस गए हैं और अब किसी भी तरह अपने परिवार के पास लौट रहे हैं.
इस दौरान विचलित कर देने वाली तस्वीरें भी सामने आ रही हैं. ऐसी ही एक तस्वीर नोएडा से सामने आई, जहां पर हाईवे पर करीब 40 साल का एक दिव्यांग शख्स पैदल ही अपने घर दिल्ली की तरफ जा रहा था. दिल्ली स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड में डाटा एंट्री का काम करने वाले प्रमोद विश्वकर्मा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से बस से गाजियाबाद पहुंचे और यहां से पैदल दिल्ली जा रहे थे.
जब आजतक संवाददाता पुनीत शर्मा की नजर उन पर पड़ी, तो उन्होंने नोएडा के एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह को फोन किया और जानकारी दी. इसके बाद रणविजय सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रमोद विश्वकर्मा को एक गाड़ी में बैठाकर दिल्ली स्थित उनके घर नत्थूपुरा भेजा, ताकि वो अपनी पत्नी से मिल सकें. रणविजय ने प्रमोद विश्वकर्मा को खाने के लिए खाना और फल भी दिए.जब प्रमोद विश्वकर्मा को गाजियाबाद में छोड़ दिया गया, तो वो बेहद परेशान हो गए थे और रो रहे थे.
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