Beyond the Breaking News

क्या ब्रिटेन को नहीं चाहिए विदेशी वर्कर? वर्क वीजा जारी करने में 37% की दर्ज हुई गिरावट

Uk Work Visa For Indians समाचार

क्या ब्रिटेन को नहीं चाहिए विदेशी वर्कर? वर्क वीजा जारी करने में 37% की दर्ज हुई गिरावट
Uk Work VisaHow To Get Uk Work VisaUk Work Visa Rules

UK Work Visa News: ब्रिटेन दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां सबसे ज्यादा विदेशी वर्कर नौकरी करने जाते हैं। लंदन दुनिया के सबसे बड़े शहरों में है और यहां पर कई प्रमुख कंपनियां मौजूद हैं। हालांकि, ब्रिटेन की तरफ से वर्क वीजा जारी करने में लगातार गिरावट की जा रही...

UK Work Visa: ब्रिटेन में विदेशी वर्कर को दिए जाने वाले वर्क वीजा में भारी गिरावट देखने को मिली है। गुरुवार को सरकार की तरफ से वीजा से जुड़े आधिकारिक आंकड़े जारी किए गए, जिसमें ये जानकारी सामने निकलकर आई। पिछली सरकार ने हेल्थ और सोशल केयर वर्कर्स की संख्या पर प्रतिबंध लगाए थे, जिस वजह से इस बार इन सेक्टर्स में कम लोगों को वीजा दिए गए हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग अब ये सवाल कर रहे हैं कि क्या ब्रिटेन को अब विदेशी वर्कर्स की जरूरत नहीं है।UK India Young Professionals Scheme 2025: ब्रिटेन की सरकार 3000 भारतीयों को दे रही वीजा!, देखें दरअसल, ये सवाल काफी ज्यादा लाजिमी नजर आ रहा है। ब्रिटिश गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2024 तक ब्रिटिश अधिकारियों ने 2,10,098 वर्क वीजा जारी किए। यह पिछले साल के मुकाबले 37% कम है। हेल्थ और सोशल केयर कर्मचारियों के वीजा में 81% की गिरावट आई है। अब केवल 27,174 वीजा ही जारी किए गए हैं। यह गिरावट 2024 की शुरुआत से जारी है, जब पिछली कंजर्वेटिव सरकार ने नेट माइग्रेशन कम करने के लिए प्रतिबंध लगाए थे।इमिग्रेशन ब्रिटेन का प्रमुख मुद्दाब्रिटेन में कई साल से इमिग्रेशन एक प्रमुख मुद्दा रहा है। मतदाताओं के बीच ये मुद्दा अहम रहा है। 2016 के यूरोपियन यूनियन छोड़ने के फैसले में भी इमिग्रेशन की बड़ी भूमिका थी। आलोचकों का कहना है कि बड़ी संख्या में प्रवासियों के आने से पहले से ही तनावग्रस्त सार्वजनिक सेवाओं पर और बोझ पड़ता है। वहीं, कुछ लोगों का तर्क है कि कुछ क्षेत्रों, खासकर हेल्थकेयर में खाली पदों को भरने के लिए प्रवासियों की जरूरत है। ब्रिटेन के हेल्थकेयर में ज्यादातर लोग विदेशी ही हैं। पीएम भी कम करना चाहते हैं इमिग्रेशनप्रधानमंत्री कीर स्टारर ने भी अपने पूर्ववर्तियों की तरह, इमिग्रेशन कम करने का वादा किया है। नवंबर में उन्होंने कहा था कि वे पॉइंट-बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार के लिए एक योजना बनाएंगे। इस योजना में ब्रिटिश कर्मचारियों को ट्रेन्ड करने की जिम्मेदारी व्यवसायों पर होगी। उनका यह प्रस्ताव उन आधिकारिक आंकड़ों के बाद आया था, जिनमें जून 2023 तक नेट माइग्रेशन 9,00,000 से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। यह अनुमान से कहीं अधिक था।.

UK Work Visa: ब्रिटेन में विदेशी वर्कर को दिए जाने वाले वर्क वीजा में भारी गिरावट देखने को मिली है। गुरुवार को सरकार की तरफ से वीजा से जुड़े आधिकारिक आंकड़े जारी किए गए, जिसमें ये जानकारी सामने निकलकर आई। पिछली सरकार ने हेल्थ और सोशल केयर वर्कर्स की संख्या पर प्रतिबंध लगाए थे, जिस वजह से इस बार इन सेक्टर्स में कम लोगों को वीजा दिए गए हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग अब ये सवाल कर रहे हैं कि क्या ब्रिटेन को अब विदेशी वर्कर्स की जरूरत नहीं है।UK India Young Professionals Scheme 2025: ब्रिटेन की सरकार 3000 भारतीयों को दे रही वीजा!, देखें दरअसल, ये सवाल काफी ज्यादा लाजिमी नजर आ रहा है। ब्रिटिश गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2024 तक ब्रिटिश अधिकारियों ने 2,10,098 वर्क वीजा जारी किए। यह पिछले साल के मुकाबले 37% कम है। हेल्थ और सोशल केयर कर्मचारियों के वीजा में 81% की गिरावट आई है। अब केवल 27,174 वीजा ही जारी किए गए हैं। यह गिरावट 2024 की शुरुआत से जारी है, जब पिछली कंजर्वेटिव सरकार ने नेट माइग्रेशन कम करने के लिए प्रतिबंध लगाए थे।इमिग्रेशन ब्रिटेन का प्रमुख मुद्दाब्रिटेन में कई साल से इमिग्रेशन एक प्रमुख मुद्दा रहा है। मतदाताओं के बीच ये मुद्दा अहम रहा है। 2016 के यूरोपियन यूनियन छोड़ने के फैसले में भी इमिग्रेशन की बड़ी भूमिका थी। आलोचकों का कहना है कि बड़ी संख्या में प्रवासियों के आने से पहले से ही तनावग्रस्त सार्वजनिक सेवाओं पर और बोझ पड़ता है। वहीं, कुछ लोगों का तर्क है कि कुछ क्षेत्रों, खासकर हेल्थकेयर में खाली पदों को भरने के लिए प्रवासियों की जरूरत है। ब्रिटेन के हेल्थकेयर में ज्यादातर लोग विदेशी ही हैं। पीएम भी कम करना चाहते हैं इमिग्रेशनप्रधानमंत्री कीर स्टारर ने भी अपने पूर्ववर्तियों की तरह, इमिग्रेशन कम करने का वादा किया है। नवंबर में उन्होंने कहा था कि वे पॉइंट-बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार के लिए एक योजना बनाएंगे। इस योजना में ब्रिटिश कर्मचारियों को ट्रेन्ड करने की जिम्मेदारी व्यवसायों पर होगी। उनका यह प्रस्ताव उन आधिकारिक आंकड़ों के बाद आया था, जिनमें जून 2023 तक नेट माइग्रेशन 9,00,000 से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। यह अनुमान से कहीं अधिक था।

GooglePlease follow us on Google to support us
हमने इस समाचार को संक्षेप में प्रस्तुत किया है ताकि आप इसे तुरंत पढ़ सकें। यदि आप समाचार में रुचि रखते हैं, तो आप पूरा पाठ यहां पढ़ सकते हैं। और पढो:

NBT Hindi News /  🏆 20. in İN

Uk Work Visa How To Get Uk Work Visa Uk Work Visa Rules Uk Work Visa Requirements Uk Work Visa News ब्रिटेन का वर्क वीजा ब्रिटेन में नौकरी ब्रिटेन में जॉब कैसे पाएं यूके का वर्क वीजा

 

इंडिया ताज़ा खबर, इंडिया मुख्य बातें

Similar News: आप इससे मिलती-जुलती खबरें भी पढ़ सकते हैं जिन्हें हमने अन्य समाचार स्रोतों से एकत्र किया है।

हांगकांग में आबादी में गिरावट का खतरा, स्कूल बंद होने की आशंकाहांगकांग में आबादी में गिरावट का खतरा, स्कूल बंद होने की आशंकादुनिया का सबसे अमीर इलाकों में से एक हांगकांग भी आबादी में गिरावट का शिकार है। जन्म दर में लगातार गिरावट के कारण कई किंडरगार्टन स्कूलों को बंद करने की आशंका है।
और पढो »

वीजा अस्वीकृति के बाद क्षमा सावंत और भारतीय अधिकारियों के बीच तनाववीजा अस्वीकृति के बाद क्षमा सावंत और भारतीय अधिकारियों के बीच तनावसिएटल शहर परिषद की सदस्य क्षमा सावंत, भारत सरकार द्वारा उनकी बीमार मां से मिलने के लिए उनके वीजा आवेदन को खारिज करने की वजह से चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
और पढो »

ब्रिटेन में स्टडी वीज़ा आवेदनों में वृद्धि, विदेशी छात्रों की रुचि बढ़ती जा रही हैब्रिटेन में स्टडी वीज़ा आवेदनों में वृद्धि, विदेशी छात्रों की रुचि बढ़ती जा रही हैएक साल से अधिक समय के बाद ब्रिटेन में पढ़ाई से जुड़े वीज़ा के लिए आवेदनों में वृद्धि देखी गई है। ब्रिटिश गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 में स्पांसर्ड स्टडी वीज़ा के लिए आवेदन पिछले साल के मुकाबले 13 फीसदी ज्यादा हैं। हालांकि, डिपेंडेंट के लिए आवेदनों की संख्या अभी भी कम है।
और पढो »

FII की बिकवाली से गिरा भारतीय शेयर बाजारFII की बिकवाली से गिरा भारतीय शेयर बाजारभारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है, जिसका मुख्य कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली है।
और पढो »

भारतीय शेयर बाजार में स्टार्टअप कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावटभारतीय शेयर बाजार में स्टार्टअप कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावटपिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, इसके असर से स्टार्टअप कंपनियों के शेयरों में भी 23 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
और पढो »

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, क्या करें निवेशकभारतीय शेयर बाजार में गिरावट, क्या करें निवेशकभारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी है, इससे निवेशकों में चिंता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय निवेश का अवसर है और एसआईपी जारी रखना चाहिए।
और पढो »



Render Time: 2026-08-14 01:21:26