चीन का इरादा भारत से टकराने का नहीं, दुनिया का बीजिंग से ध्यान भटकाने का है China indiachina
मामलों के विशेषज्ञ और कूटनीतिज्ञ अभी दोनों देशों में टकराव बढ़ने का कोई कारण नहीं देख पा रहे हैं। उनकी नजर में एक नूरा कुश्ती चल रही है और जून के पहले सप्ताह तक इसका पटाक्षेप हो जाएगा।
स्वर्ण सिंह कहते हैं कि इसलिए पिछले कुछ साल से चीन ने घुसपैठ की कोशिश बढ़ा दी है। पिछले साल उनकी सेनाओं ने कोई 600 बार ऐसा प्रयास किया था। दूसरा दोकलाम में 70 दिन की दोनों सेनाओं की जद्दोजहद बताती है कि वे अब बड़ी गाड़ियां, ट्रक, टैंक जैसे वाहन लेकर भी आते हैं। आक्रमकता या हमले जैसी स्थिति को पैदा कर रहे हैं, लेकिन युद्ध या सैन्य झड़प नहीं होती। स्वर्ण सिंह के मुताबिक इस समय भी चीन की सेना टैक्टिल मूव करती दिखाई दे रही...
स्वर्ण सिंह कहते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1988 में जब चीन की यात्रा की थी, तब चीन की जीडीपी और भारत की जीडीपी में कोई खास अंतर नहीं था। चीन की जीडीपी महज 18 बिलियन डॉलर अधिक थी। आज चीन की जीडीपी 13.7 बिलियन डालर और भारत की 2.7 बिलियन डालर के करीब है। पांच गुना का अंतर है। 2005 से चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार तेजी से बढ़ा। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी प्राग्मैटिक रुख अख्तियार किया। अब भारत और चीन के रिश्ते में तिब्बत का मुद्दा या दलाई लामा नाराजगी का कारण नहीं हैं। दोकलाम के बाद अस्ताना में जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी मिले तो दोनों नेताओं ने आपसी मतभेद को विवाद का रूप न देने का वक्तव्य दिया।
विशेषज्ञों और कूटनीति के जानकारों का मानना है कि जून के पहले सप्ताह तक भारत-चीन के बीच में चल रही तनाव की स्थिति समाप्त हो जाएगी। बताते हैं बीजिंग में अधिवेशन समाप्त होने के कुछ दिन बाद यह गतिरोध खत्म हो जाएगा। चीन की सेना भी सीमावर्ती क्षेत्र में लोगों का ध्यान आकर्षित करने की नीति से पीछे हट जाएगी। बताते हैं प्रधानमंत्री मोदी राजनीतिक स्तर से सक्रिय हैं।
स्वर्ण सिंह कहते हैं कि इसलिए पिछले कुछ साल से चीन ने घुसपैठ की कोशिश बढ़ा दी है। पिछले साल उनकी सेनाओं ने कोई 600 बार ऐसा प्रयास किया था। दूसरा दोकलाम में 70 दिन की दोनों सेनाओं की जद्दोजहद बताती है कि वे अब बड़ी गाड़ियां, ट्रक, टैंक जैसे वाहन लेकर भी आते हैं। आक्रमकता या हमले जैसी स्थिति को पैदा कर रहे हैं, लेकिन युद्ध या सैन्य झड़प नहीं होती। स्वर्ण सिंह के मुताबिक इस समय भी चीन की सेना टैक्टिल मूव करती दिखाई दे रही है।1962 में भारत-चीन की सेना के बीच युद्ध के बाद से अब तक भारतीय सामरिक...
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