चीन के साथ शोध से रोकना, नुकसान पहुंचाएगा : सत्या नडेला
Image captionमाइक्रोसॉफ्ट अमरीका के बाहर अगर कहीं भी सबसे अधिक अनुसंधान और विकास काम करता है तो वह है चीन. हालांकि,अमेरिका-चीन के बीच व्यापार और साइबर-सुरक्षा के मुद्दों पर खटास जारी रहने का असर चीन के साथ दशकों से जारी माइक्रोसॉफ्ट के संबंधों पर भी पड़ा है.
बीबीसी न्यूज़ के साथ एक साक्षात्कार में माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी सत्य नडेला ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के बावजूद, चीन से अलग होना ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा.उन्होंने बताया,"मेरे लिए यह है कि नवचेतना और वैज्ञानिक क्रांति के बाद का सच क्या है. इसलिए मुझे लगता है कि इसे सीमाओं में बांधने से स्थिति में सुधार होने की बजाय यह इसे किसी भी तरीके से उसे अधिक प्रभावित कर देगी." माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक और तत्कालीन मुख्य कार्यकारी बिल गेट्स ने चीन में पहला कार्यालय 1992 में खोला था. बीजिंग स्थित इसके मुख्य कार्यालय में इस समय 200 से अधिक वैज्ञानिक काम कर रहे हैं और इसमें 300 से अधिक अतिथि विद्वान और छात्र शामिल हैं. माइक्रोसॉफ्ट इस समय मशीन लर्निंग के शोधकर्ताओं और अन्य काम के लिए लोगों की भर्ती कर रहा है. अप्रैल में फाइनेंशियल टाइम्स ने खबर दी थी कि माइक्रोसॉफ्ट के शोधकर्ता चीन के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ डिफेंस टेक्नोलॉजी की टीमों के साथ मिल कर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. हालांकि, कुछ बाहरी पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी कि इसका उपयोग दमनकारी साधनों के लिए किया जा सकता है. रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज़ ने समाचार पत्र से कहा कि"अमरीकी कंपनियों को यह समझने की जरूरत है कि चीन में व्यापार करना महत्वपूर्ण और काफी जोखिम भरा होता है." उन्होंने कहा,"अमरीकी कंपनियों पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा जासूसी के लिए निशाना बनाए जाने का खतरा हैै. इसके अलावा अमरीकी कंपनियां चीन के कम्युनिस्ट पार्टी के मानवाधिकार उल्लंघनों के जोखिम को भी बढ़ावा दे रही है."नडेला ने इस जोखिम को स्वीकार किया. उन्होंने बीबीसी से कहा,"हम जानते हैं कि कोई भी प्रौद्योगिकी एक उपकरण या हथियार हो सकता है."उन्होंने कहा,"सवाल यह है कि आप कैसे सुनिश्चित करेंग कि ये हथियार नहीं बनेंगे? मुझे लगता है कि कई तंत्र है. पहली बात यह है कि एक निर्माणकर्ता के रूप में हमें यह सुनिश्चित करने के लिए नैतिक सिद्धांतों को पालन करना चाहिए कि हम जो एआई बना रहे हैं वह ठीक है, सुरक्षित है, निजी है और पक्षपाती नहीं है." उन्होंने बताया कि उन्हें लगता है कि उभरती प्रौद्योगिकियों को लेकर शुरू हुए विवाद को पर उनकी कंपनी का पर्याप्त नियंत्रण है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने चीन और साथ ही कहीं और भी ऐसी परियोजनाओं में शामिल होने से इंकार कर दिया है जो अनुचित, तकनीकी रूप से असक्षम या नैतिक रूप से चिंतित करने वाली थी. उन्होंने कहा,"हमारी तकनीक किसे मिलेगा इस पर हमारा नियंत्रण है. इससे परे हट कर कि हम इसका निर्माण कैसे करते हैं, लोग इसका उपयोग कैसे करते हैं,यह ऐसी बातें हैं जिसे हम उपयोग की शर्तों के माध्यम से नियंत्रित करते हैं और यह हमारा सिद्धांत है. साथ ही हम इस्तेमाल की शर्तों को विकसित कर रहे हैं." उन्होंने कहा,"हम यह भी स्वीकार करते हैं कि चाहे यह अमेरिका या चीन या फिर ब्रिटेन में हो, क्या स्वीकार करें या नहीं स्वीकार करें यह सब उनके अपने विधायी प्रक्रियाएं होंगी और हम उसका पालन करेंगे."मैट शीहान पॉलसन इंस्टीट्यूट में कैलिफोर्निया की प्रौद्योगिकी परिदृश्य और चीनी अर्थव्यवस्था के बीच संबंधों का अध्ययन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट के प्रयासों पर, विशेषकर बीजिंग कार्यालय में जबर्दस्त प्रभाव पड़ा है.उन्होंने बताया,"यह प्रभावशाली तरीके से इस क्षेत्र को आगे ले जाता है. इसके प्रयासों ने अमरीका और यूरोप के बेहतरीन एएल शोध प्रयोगशालाओं को आगे बढ़ाने में मदद की है." उन्होंने कहा,"लेकिन उन्हीं प्रयासों से कंप्यूटर क्षेत्र में प्रगति हुई है जो चीन के निगरानी तंत्र का एक प्रमुख औजार है."वह चीन के साथ और चीन में काम करने की समस्या को उजागर करने के लिए एक खास पेपर का हवाला देते हैं. वह बताते हैं कि 2016 में एक शोध पत्र डीप रेजिडेंशियल लर्निंग फॉर इमेज रिकॉग्निशन प्रकाशित हुआ था जिसे माइक्रोसॉफ्ट में काम करने वाले चार चीनी शोधकर्ताओं ने तैयार किया था. गूगल स्कॉलर के मुताबिक, उनके पत्र ने 2014—2018 के बीच शोध के किसी अन्य क्षेत्र में प्रकाशित किसी अन्य पत्रों के मुकाबले उनके शोध पत्रों में जो सूची प्रकाशित प्रकाशित हुई है उसका 25,256 बार उल्लेख किया है. फेसबुक का हवाला देते हुए शीहान कहते हैं,"इस शोध पत्र के प्रमुख शोधकर्ता अब कैर्लिफोनिया में एक अमरीकी टेक कंपनी के लिए काम करते हैं." उन्होंने बताया,"दो अन्य शोधकर्ता अब चीन के एक निगरानी कंपनी के लिए काम करते हैं. और एक अन्य शोधकर्ता चीन में खुद से वाहन बनाने का प्रयास कर रहा है." उन्होंने बताया,"हम यह सब क्या बनाते हैं? ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि मुझे यह छोड़ देना चाहिए और दूसरों को भी इसे छोड़ देना चाहिए और इस पर आश्चर्य करना चाहिए."
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
भारत को नहीं है विशेषाधिकार पाने का अधिकार, जीएसपी पर हो सकती है बातः अमेरिकाभारत को नहीं है विशेषाधिकार पाने का अधिकार, जीएसपी पर हो सकती है बातः अमेरिका WorldEconomicForum America realDonaldTrump nsitharaman FinMinIndia narendramodi BJP4India INCIndia GSP economy
Read more »
हिज्बुल्लाह की वजह से लेबनान पर गहरा रहा है आर्थिक संकट | DW | 04.10.2019अमेरिका ने हिज्बुल्लाह की वजह से लेबनान पर कई तरह के प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं. यदि हिजबुल्लाह अमेरिका के खिलाफ लड़ने का फैसला लेता है तो लेबनान की हालत भी वेनेजुएला जैसी हो सकती है.
Read more »
ZEE जानकारी: बेहद खतरनाक है 'हेपेटाइटिस बी' वायरस, जानें इससे कैसे बचा जा सकता है...ZEEजानकारी : बेहद खतरनाक है 'हेपेटाइटिस बी' वायरस, जानें इससे कैसे बचा जा सकता है... HepatitisB DiseaseAwareness
Read more »
क्या है आरे कॉलोनी विवाद, जिस पर मुंबई में बवाल मचा हुआ है
Read more »
किसी भी वक्त हैक हो सकता है आपका एंड्रॉयड स्मार्टफोन, इन 10 मोबाइल पर है खतराअब एक नई रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया जा रहा है कि एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम में एक बड़ी खामी है जिसकी वजह से
Read more »
तालिबान से वार्ता को लेकर PAK पर भड़का अफगानिस्तान, बारीकी से नजर रख रहा है भारततालिबान से वार्ता को लेकर PAK पर भड़का अफगानिस्तान, बारीकी से नजर रख रहा है भारत Taliban Pak ImranKhanPTI
Read more »



