जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने जम्मू में भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की, जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने और महंगाई के मुद्दों पर सरकार की आलोचना की।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने सोमवार को जम्मू स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस के कई कार्यकर्ता और नेता शहीदी चौक स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता, जिनमें महिलाएं भी थीं राज्य का दर्जा बहाल करो और हमारी रियासत हमारा हक लिखी तख्तियां
लेकर आए थे और मोदी सरकार तथा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के सामने पूर्ण समर्पण कर दिया है। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने की भी मांग उठाई। केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कर्रा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है और उन संस्थाओं को कमजोर किया है जो कभी देश की विदेश नीति की पहचान थीं। उन्होंने कहा कि भारत कभी गुटनिरपेक्ष आंदोलन और क्षेत्रीय सहयोग मंच जैसे सार्क का प्रमुख समर्थक था, लेकिन आज देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। प्रधानमंत्री के आचरण ने इस पद की गरिमा और सम्मान को कम किया है। कर्रा ने आरोप लगाया कि सरकार वैश्विक शक्तियों के साथ अपने संबंधों में भारत के हितों से समझौता कर रही है। उन्होंने कहा कि वे यह तक तय कर रहे हैं कि भारत रूस से तेल खरीदे या नहीं। हमारे व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े फैसले किसी दूसरे देश के निर्देश पर नहीं हो सकते। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मामलों में पूर्ण समर्पण कर चुके हैं और उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़राइल के झंडे भी जलाए। कर्रा ने कहा कि हमें अपने संवैधानिक अधिकार के तहत विरोध करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह लोकतंत्र नहीं बल्कि निरंकुशता है और नाजी युग की झलक है। कर्रा ने एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी सहित महंगाई के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उनका कहना था कि बढ़ती कीमतों से करोड़ों लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और देश की आर्थिक स्थिति और खराब होगी।\विरोध प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मोदी सरकार पर भारत के हितों को कमजोर करने और वैश्विक शक्तियों के सामने झुकने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री पर भारत की विदेश नीति को नुकसान पहुंचाने और देश की छवि को धूमिल करने का भी आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया, जिससे आम जनता पर भारी बोझ पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को भी देश के लिए हानिकारक बताया और इसका विरोध किया। कांग्रेस पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन कर रही है और विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की और कहा कि उनकी नीतियों ने देश को नुकसान पहुंचाया है। इस विरोध प्रदर्शन ने जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस पार्टी की बढ़ती सक्रियता को दर्शाया है और केंद्र सरकार के खिलाफ उनकी नाराजगी को उजागर किया है।\इस प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह था कि इसमें महिलाओं सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने 'राज्य का दर्जा बहाल करो' और 'हमारी रियासत हमारा हक' जैसे नारे लगाए, जो जम्मू-कश्मीर के लोगों की मांगों को दर्शाते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए तख्तियां और बैनर भी दिखाए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़राइल के झंडे जलाकर विदेश नीति के मुद्दों पर भी अपनी राय व्यक्त की। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत विरोध करने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार पर निरंकुशता का आरोप लगाया और कहा कि यह नाजी युग की याद दिलाता है। इस प्रदर्शन में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी सहित महंगाई के मुद्दों को भी उठाया गया, जिससे सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की गई। कुल मिलाकर, यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस पार्टी द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने का प्रयास था, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर उनकी नाराजगी को व्यक्त किया गया था और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की गई थी। इस प्रदर्शन ने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और भविष्य में इस तरह के और विरोध प्रदर्शनों की संभावना बढ़ गई है
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