Weather Safety Rules; How To Stay Healthy And Fit During Summer मौसम बदलने पर लाइफस्टाइल और खानपान में क्या बदलाव जरूरी है?इस मौसम में इन्फेक्शन और वायरल बीमारियों से कैसे बच सकते हैं?
मौसम बदलने पर बढ़ता बीमारियों का रिस्क, डॉक्टर से जानें स्वस्थ रहने के 7 टिप्सखत्म हो गया है। मार्च के पहले सप्ताह में टेम्परेचर में और बदलाव होने की उम्मीद है। दिन में गर्मी और तेज होगी, वहीं अभी रात में हल्की ठंडक बनी रह सकती है। मौसम बदलने के साथ हमारे शरीर की जरूरतें भी बदलती हैं, इसलिए लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करना बहुत जरूरी है। गर्मी करीब आ रही है। ऐसे में तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल इन्फेक्शन और पाचन संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए इस मौसम में अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है।मौसम बदलने पर लाइफस्टाइल और खानपान में क्या बदलाव जरूरी है?एक्सपर्ट: डॉ.
अंकित बंसल, एसोसिएट कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, नई दिल्लीफरवरी-मार्च के महीने में तापमान में काफी उतार-चढ़ाव होता है। बदलता मौसम शरीर के लिए आसान नहीं होता है। शरीर को नए वातावरण के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ा वक्त लगता है। इस दौरान इम्यून सिस्टम पर दबाव पड़ता है, जिससे शरीर की बैक्टीरिया या वायरस से लड़ने की क्षमता प्रभावित होती है। इसके अलावा गर्मियों में हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे बैक्टीरिया के पनपने का खतरा अधिक रहता है।डॉ. अंकित बंसल बताते हैं कि मौसम बदलने पर सर्दी, खांसी और फ्लू जैसे वायरल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा गर्मियों में भोजन जल्दी खराब होने लगता है, जिससे डायरिया, पेट दर्द और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही शरीर में पानी की जरूरत बढ़ जाती है। पानी की कमी से डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर आना और थकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मौसम में बदलाव के कारण बॉडी क्लॉक पर भी असर पड़ता है, जिससे नींद भी प्रभावित हो सकती है।सवाल- इस मौसम में बीमारियों और इन्फेक्शन से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?डॉ. अंकित बंसल बताते हैं कि मौसम बदलने के साथ हमें अपनी दिनचर्या और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने की जरूरत होती है। इससे हम मौसमी बीमारियों और वायरल इन्फेक्शन से बच सकते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-मौसम बदलने के साथ अपने पहनावे में भी धीरे-धीरे बदलाव करने चाहिए। तुरंत फुल स्लीव्स से हाफ स्लीव्स या ऊनी कपड़ों से हल्के कपड़े पहनने लगना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अभी कुछ दिन सुबह-शाम फुल स्लीव्स या ऊनी कपड़े ही पहनें। दिन में तापमान बढ़ने के साथ हल्के और आरामदायक कपड़े पहन सकते हैं। इससे न केवल शरीर मौसम के अनुकूल धीरे-धीरे ढलेगा, बल्कि आपको स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी नहीं रहेगा।मौसम बदलने पर हमारी खाने-पीने की आदतों में भी बदलाव जरूरी होता है। इसे इन पॉइंट्स से समझिए- गर्मियों में शरीर की पाचन क्रिया सामान्य से धीमी हो जाती है। इसलिए इस मौसम में ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना, फास्ट फूड और जंक फूड खाने से बचना चाहिए। इससे शरीर में भारीपन, गैस, अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्मियों में शरीर को हल्के, सुपाच्य और पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है, ताकि पाचन तंत्र ठीक से काम करे और शरीर हाइड्रेटेड बना रहे। कुछ लोग मौसम बदलते ही गर्म चाय, कॉफी, सूप से अचानक ठंडे पेय पदार्थों जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम, ठंडा पानी की ओर शिफ्ट कर लेते हैं। ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक है। अचानक बदलाव से पाचन तंत्र पर नेगेटिव असर पड़ सकता है और गले में खराश या इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन तापमान बढ़ने के साथ शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है। कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसलिए दिन भर में 8-10 गिलास पानी पीने की आदत डालें, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। बहुत ज्यादा पसीना आने पर पानी की मात्रा बढ़ाएं। घर से बाहर जाने से पहले और लौटने के बाद पानी जरूर पिएं। ध्यान रखें कि एकदम ठंडा या बर्फ वाला पानी न पिएं। इससे गले में खराश, सर्दी-जुकाम हो सकता है।मौसम बदलते ही शरीर को नई परिस्थितियों के अनुकूल ढलने में समय लगता है। इसलिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव जरूर करें। इसे नीचे दिए पॉइंटर्स से समझिए-मौसम बदलने पर हैवी एक्सरसाइज, जैसे वेट लिफ्टिंग, हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट या लंबी दौड़ करने से बचना चाहिए। इससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यह थकान, कमजोरी या डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है।सर्दी में रातें लंबी होती हैं, जबकि गर्मी में रातें छोटी होती हैं। इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपने सोने-जागने का सही समय निर्धारित करें। 7-8 घंटे की नींद लेने की आदत डालें, जिससे शरीर को पर्याप्त आराम मिल सके।मौसम बदलने पर तुरंत कूलर या पंखे का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इससे सर्दी-जुकाम, गले में खराश और बुखार जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।सेहत की ये खबर भी पढ़ें... सेहतनामा- एक साल में दोगुने से ज्यादा हुए डेंगू केस:भारत में गर्मी बढ़ने से बढ़ रहा खतरा, डॉक्टर से जानें हर जरूरी सवाल का जवाब भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 10-15 वर्षों में भारत के तापमान में 5-7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि भारत में भी डेंगू का जोखिम बढ़ रहा है।चश्मा टेस्ट के बाद रोजाना इस्तेमाल जरूरी, नहीं तो बढ़ सकती हैं आंखों की समस्याएंशुगर-कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार, डॉक्टर से जानें किसे नहीं खाना चाहिएदिमाग चले तेज, शुगर-कोलेस्ट्रॉल रहे कंट्रोल, डॉक्टर से जानें 7 जरूरी सावधानियांझांसी में कल बारिश की संभावनाकानपुर में कल हल्की बारिश के आसारपंजाब के 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 9 में यलोलखनऊ में हाथी-घोड़े, डीजे-डांस के साथ शिव बारात निकाली
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