फर्रुखाबाद बवाल: पुलिस भांप न सकी गुस्सा, हो गया हमला, कारों में तोड़फोड़; पथराव और लाठीचार्ज की इनसाइड स्टोरी

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फर्रुखाबाद बवाल: पुलिस भांप न सकी गुस्सा, हो गया हमला, कारों में तोड़फोड़; पथराव और लाठीचार्ज की इनसाइड स्टोरी
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फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना इलाके के गांव चाचूपुर जटपुरा में पथराव होने के कुछ ही देर बाद चाचूपुर छावनी में तब्दील हो गया। हर गली में पुलिस के बूटों की आवाज सुनाई दे रही

फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना इलाके के गांव चाचूपुर जटपुरा में पथराव होने के कुछ ही देर बाद चाचूपुर छावनी में तब्दील हो गया। हर गली में पुलिस के बूटों की आवाज सुनाई दे रही थी। कोई बच्चा भी गली में घूमता नहीं दिखा। सभी घरों में दुबक गए थे या खेतों की ओर भाग गए थे। पथराव के कुछ देर बाद ही पांच थानों व पुलिस लाइन से फोर्स चाचूपुर पहुंच गया। इसके बाद पुलिस एक्शन में नजर आई। लाठियां फटकार कर ग्रामीणों को खदेड़ दिया। लोग घरों में घुस गए। सड़क पर सन्नाटा होने के बाद पुलिस ने उपद्रव करने वालों को चिह्नित कर उन्हें घर से पकड़ लिया। इसके अलावा उधर से गुजरने वाले लोगों को रोकर उनकी तस्दीक करने के बाद ही आगे जाने दिया गया। बाइक से निकलने वाले गांवों के लोगों को रोकर पूछताछ की और हाथों मिट्टी लगे होने या कपड़ों में मिट्टी लगी होने पर उन्हें पकड़ लिया और थाने भेज दिया। गांव में आए दिन होता विवाद, पहले भी हो चुकी ठेका बंद कराने की मांग चाचूपुर गांव में देसी शराब का ठेका करीब बीस वर्ष से है। जबकि पिछले दो वर्ष से अंग्रेजी शराब का भी ठेका खुल गया है। गांव की महिलाओं का कहना है कि शराब का ठेका होने से उनके घरों के पुरुष शराब पीने के आदी हो गए हैं। इसके चलते गांव में आए दिन विवाद होता है। मजदूरी करने के बाद शराब पीने से आर्थिक स्थिति भी नहीं सुधर पा रही है। ब्रजेश भी मजदूरी करता था और शराब पीने का आदी था। ग्रामीणों का आरोप है उसका शुक्रवार को शराब ठेके के सेल्समैन से विवाद हुआ था। इसके बाद वह जाकर पुलिया पर बैठ गया था। देर शाम गांव के लोगों ने उसे देखा था। पर बाद में नजर नहीं आया था। इसके चलते ही उसके परिजन हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगा रहे थे। तभी उन्होंने शव उठाकर शराब ठेके के बाहर ले जाकर रख दिया था। इस शराब के ठेके को बंद कराने के लिए करीब दो वर्ष पूर्व भी महिलाओं ने जाम लगाया था। तब उन्हें ठेका हटाए जाने का भरोसा देकर शांत कर दिया गया था। सीओ व लेखपाल के भी लगा पत्थर पथराव के दौरान सीओ अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय व पूर्व थानाध्यक्ष रहे सुदेश विश्वकर्मा व लेखपाल आशीष यादव के भी पत्थर लगा। पर वह घायल होने से बच गए। इसके अलावा कुछ ग्रामीणों के भी पत्थर लगे। इससे वह चीखते नजर आए। पथरव बंद होने के बाद पुलिस ने ट्रैक्टर से खींचकर कार को सीधा कराया। कड़हर मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास, ठेके में की तोड़फोड़ ब्रजेश का शव पड़ा मिलने के बाद पुलिस सुबह ही मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस की मौजूदगी में ही शव को पानी से बाहर निकाला गया। कुछ देर वहां रखने के बाद परिजन शव उठाकर जाम लगाने के लिए कड़हर मार्ग पर पहुंचे। पुलिस के रोकने पर ग्रामीणों ने शव उठाकर ठेके के सामने रख दिया। तब ठेका खुला था। ग्रामीणों ने ठेके में तोड़फोड़ कर दी। इस पर सेल्समैन ने अंदर से शटर बंद कर लिया। डर की वजह से वह मामला शांत होने के बाद भी ठेके से बाहर निकल सका। पुलिस भांप नहीं सकी ग्रामीणों का गुस्सा और हो गया हमला फर्रुखाबाद में युवक का शव मिलने के बाद गांव से शराब का ठेका हटाने की मांग को लेकर ग्रामीण गुस्से में थे। उनके गुस्से को पुलिस भांप नहीं सकी और शव को जबरदस्ती उठा लिया। इससे भड़के ग्रामीण पुलिस पर हमलावर हो गए। उन्होंने पुलिस से डंडे छीन लिए और पास में पड़े पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस को ग्रामीणों के गुस्से का अंदाजा नहीं था। इसके चलते ही राजेपुर, अमृतपुर व कादरीगेट थाने का फोर्स ही मौके पर था। यदि पुलिस को अंदाजा होता तो वह अन्य थानों व पुलिस लाइन से फोर्स पहले ही मंगा लेती। इससे दबाव बनाकर शव को आसानी से हटाया जा सकता था। पुलिस ने शव के पास बैठी कुछ महिलाओं को हटाकर शव उठाने का प्रयास किया। यह देख आसपास खड़े ग्रामीण भड़क गए। वह पुलिस पर हमलावर हो गए। इसके साथ ही महिलाएं भी पुलिस कर्मियों से डंडे छीनकर भिड़ गई और पथराव शुरू हो गया। इसके बाद एसडीएम रविंद्र कुमार सिंह व एएसपी गिरीश कुमार सिंह कई थानों व पुलिस लाइन के फोर्स के साथ पहुंचे। उपद्रव शुरू होते दुकानें बंद कर भागे दुकानदार दोपहर को उपद्रव होते ही गांव की दुकानों के शटर नीचे हो गए। सभी दुकानदार दुकानें बंद कर खिसक गए। इस महिलाओं ने बच्चों को अंदर बुलाकर दरवाजे बंद कर लिए। इस दौरान कड़हर की ओर से आने वाहन भी वापस चले गए। जयपुर में करता मजदूरी, चार दिन पूर्व आया था गांव ब्रजेश जयपुर में मजदूरी करता था। चार दिन पूर्व ही वह गांव आया था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। बड़े भाई संजय और छोटे कल्याण हैं। सभी मजदूरी करते हैं। मां सावित्री देवी व पिता बालकराम रो-रोकर बेहाल हो गए। दो बहनें हैं दोनों की शादी हो चुकी हैं। देर शाम शराब ठेके के सेल्समैन ने गांव के ही कुछ लोगों के खिलाफ ठेके में तोड़फोड़ करने के आरोप में तहरीर दी है। वीडियो से उपद्रवियों की हो रही पहचान पुलिस उपद्रवियों की पहचान करनी शुरू कर दी है। देर शाम को पुलिस ने गांव के कुछ लोगों को बुलाकर उन्हें वीडियो दिखाए गए। उनसे लोगों की पहचान कराई जा रही है। पुलिस उन्हें पकड़ने का भी प्रयास कर कर रही है। बीस मिनट पथराव के बाद पुलिस ने दो घंटे में स्थिति पर किया नियंत्रण ग्रामीणों ने करीब बीस मिनट तक पुलिस पर पथराव व लाठी-डंडे चलाए। इस दौरान पुलिस कर्मियों को हाईवे तक दौड़ा लिया। बाद में फोर्स बढ़ने पर पुलिस ने दो घंटे मशक्कत कर स्थिति पर नियंत्रण किया। ग्रामीण लिखकर दें, तब होगा ठेका हटाने पर विचार आबकारी निरीक्षक रीतू वर्मा ने बताया कि ठेका एक दिन में नहीं हट सकता है। ग्रामीण लिखित रूप में शिकायत करें। उसके बाद ठेका हटाए जाने पर विचार किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों से शव छीनने पर पथराव एसओ, तीन पुलिसकर्मियों समेत 9 घायल फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना इलाके के गांव चाचूपुर जटपुरा में युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जबरन ले जाने पर शनिवार को जमकर बवाल हुआ। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर एसओ की गाड़ी गड्ढे में पलट दी। पुलिस वाहन और लेखपाल के वाहनों के शीशे तोड़ दिए। पथराव में राजेपुर एसओ सहित चार पुलिस कर्मी, आबकारी निरीक्षक और चार ग्रामीण घायल हैं। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने दो महिलाओं समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। गांव चाचूपुर जटपुरा का ब्रजेश मजदूरी करता था। शुक्रवार रात को वह घर नहीं पहुंचा। खोजबीन करने पर पता चला कि ब्रजेश इटावा-बरेली हाईवे से गांव कड़हर जाने वाले मार्ग पर स्थित शराब ठेके के पास पुलिया पर दिखाई दिया था। शनिवार सुबह उसका शव इसी पुलिया के नीचे गड्ढे में भरे पानी में पड़ा मिला। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव उठाकर ठेके के सामने रख दिया और ठेका हटाए जाने की मांग करने लगे। दोपहर 12:45 बजे पुलिस ने महिलाओं को हटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जबरन वाहन में रखकर भेज दिया। इससे ग्रामीण भड़क गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस कर्मी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। ग्रामीणों ने पुलिस वाहन और लेखपाल आशीष यादव की कार के शीशे तोड़ दिए। कादरीगेट एसओ की कार को गड्ढे में पलट दिया। आनन-फानन पांच थानों की पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने लाठियां चलाकर ग्रामीणों को खदेड़ दिया। शराब ठेके के सेल्समैन पर हत्या का आरोप ग्रामीणों ने गांव के शराब ठेके के सेल्समैन पर हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीण ठेका हटाने और सेल्समैन पर कार्रवाई की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के शव को पोस्टमार्टम के लिए जबरन ले जाने पर मामला बिगड़ गया। पुलिस वाहन, लेखपाल की गाड़ी के शीशे तोड़े भीड़ ने पथराव कर पुलिस का वाहन व लेखपाल की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। पथराव में राजेपुर एसओ नागेंद्र सिंह, रोडवेज चौकी इंचार्ज कपिल कुमार घायल हुए। आबकारी निरीक्षक रीतू वर्मा पत्थर लगने से चोटिल हैं। सिपाही विष्णु और अक्षय कुमार के अलावा ग्रामीण सविता, अमर सिंह, श्रीदेवी व कावेश घायल हैं। ग्रामीणों ने शराब का ठेका हटाने के लिए पथराव किया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-आरती सिंह, पुलिस अधीक्षक.

फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना इलाके के गांव चाचूपुर जटपुरा में पथराव होने के कुछ ही देर बाद चाचूपुर छावनी में तब्दील हो गया। हर गली में पुलिस के बूटों की आवाज सुनाई दे रही थी। कोई बच्चा भी गली में घूमता नहीं दिखा। सभी घरों में दुबक गए थे या खेतों की ओर भाग गए थे। पथराव के कुछ देर बाद ही पांच थानों व पुलिस लाइन से फोर्स चाचूपुर पहुंच गया। इसके बाद पुलिस एक्शन में नजर आई। लाठियां फटकार कर ग्रामीणों को खदेड़ दिया। लोग घरों में घुस गए। सड़क पर सन्नाटा होने के बाद पुलिस ने उपद्रव करने वालों को चिह्नित कर उन्हें घर से पकड़ लिया। इसके अलावा उधर से गुजरने वाले लोगों को रोकर उनकी तस्दीक करने के बाद ही आगे जाने दिया गया। बाइक से निकलने वाले गांवों के लोगों को रोकर पूछताछ की और हाथों मिट्टी लगे होने या कपड़ों में मिट्टी लगी होने पर उन्हें पकड़ लिया और थाने भेज दिया। गांव में आए दिन होता विवाद, पहले भी हो चुकी ठेका बंद कराने की मांग चाचूपुर गांव में देसी शराब का ठेका करीब बीस वर्ष से है। जबकि पिछले दो वर्ष से अंग्रेजी शराब का भी ठेका खुल गया है। गांव की महिलाओं का कहना है कि शराब का ठेका होने से उनके घरों के पुरुष शराब पीने के आदी हो गए हैं। इसके चलते गांव में आए दिन विवाद होता है। मजदूरी करने के बाद शराब पीने से आर्थिक स्थिति भी नहीं सुधर पा रही है। ब्रजेश भी मजदूरी करता था और शराब पीने का आदी था। ग्रामीणों का आरोप है उसका शुक्रवार को शराब ठेके के सेल्समैन से विवाद हुआ था। इसके बाद वह जाकर पुलिया पर बैठ गया था। देर शाम गांव के लोगों ने उसे देखा था। पर बाद में नजर नहीं आया था। इसके चलते ही उसके परिजन हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगा रहे थे। तभी उन्होंने शव उठाकर शराब ठेके के बाहर ले जाकर रख दिया था। इस शराब के ठेके को बंद कराने के लिए करीब दो वर्ष पूर्व भी महिलाओं ने जाम लगाया था। तब उन्हें ठेका हटाए जाने का भरोसा देकर शांत कर दिया गया था। सीओ व लेखपाल के भी लगा पत्थर पथराव के दौरान सीओ अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय व पूर्व थानाध्यक्ष रहे सुदेश विश्वकर्मा व लेखपाल आशीष यादव के भी पत्थर लगा। पर वह घायल होने से बच गए। इसके अलावा कुछ ग्रामीणों के भी पत्थर लगे। इससे वह चीखते नजर आए। पथरव बंद होने के बाद पुलिस ने ट्रैक्टर से खींचकर कार को सीधा कराया। कड़हर मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास, ठेके में की तोड़फोड़ ब्रजेश का शव पड़ा मिलने के बाद पुलिस सुबह ही मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस की मौजूदगी में ही शव को पानी से बाहर निकाला गया। कुछ देर वहां रखने के बाद परिजन शव उठाकर जाम लगाने के लिए कड़हर मार्ग पर पहुंचे। पुलिस के रोकने पर ग्रामीणों ने शव उठाकर ठेके के सामने रख दिया। तब ठेका खुला था। ग्रामीणों ने ठेके में तोड़फोड़ कर दी। इस पर सेल्समैन ने अंदर से शटर बंद कर लिया। डर की वजह से वह मामला शांत होने के बाद भी ठेके से बाहर निकल सका। पुलिस भांप नहीं सकी ग्रामीणों का गुस्सा और हो गया हमला फर्रुखाबाद में युवक का शव मिलने के बाद गांव से शराब का ठेका हटाने की मांग को लेकर ग्रामीण गुस्से में थे। उनके गुस्से को पुलिस भांप नहीं सकी और शव को जबरदस्ती उठा लिया। इससे भड़के ग्रामीण पुलिस पर हमलावर हो गए। उन्होंने पुलिस से डंडे छीन लिए और पास में पड़े पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस को ग्रामीणों के गुस्से का अंदाजा नहीं था। इसके चलते ही राजेपुर, अमृतपुर व कादरीगेट थाने का फोर्स ही मौके पर था। यदि पुलिस को अंदाजा होता तो वह अन्य थानों व पुलिस लाइन से फोर्स पहले ही मंगा लेती। इससे दबाव बनाकर शव को आसानी से हटाया जा सकता था। पुलिस ने शव के पास बैठी कुछ महिलाओं को हटाकर शव उठाने का प्रयास किया। यह देख आसपास खड़े ग्रामीण भड़क गए। वह पुलिस पर हमलावर हो गए। इसके साथ ही महिलाएं भी पुलिस कर्मियों से डंडे छीनकर भिड़ गई और पथराव शुरू हो गया। इसके बाद एसडीएम रविंद्र कुमार सिंह व एएसपी गिरीश कुमार सिंह कई थानों व पुलिस लाइन के फोर्स के साथ पहुंचे। उपद्रव शुरू होते दुकानें बंद कर भागे दुकानदार दोपहर को उपद्रव होते ही गांव की दुकानों के शटर नीचे हो गए। सभी दुकानदार दुकानें बंद कर खिसक गए। इस महिलाओं ने बच्चों को अंदर बुलाकर दरवाजे बंद कर लिए। इस दौरान कड़हर की ओर से आने वाहन भी वापस चले गए। जयपुर में करता मजदूरी, चार दिन पूर्व आया था गांव ब्रजेश जयपुर में मजदूरी करता था। चार दिन पूर्व ही वह गांव आया था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। बड़े भाई संजय और छोटे कल्याण हैं। सभी मजदूरी करते हैं। मां सावित्री देवी व पिता बालकराम रो-रोकर बेहाल हो गए। दो बहनें हैं दोनों की शादी हो चुकी हैं। देर शाम शराब ठेके के सेल्समैन ने गांव के ही कुछ लोगों के खिलाफ ठेके में तोड़फोड़ करने के आरोप में तहरीर दी है। वीडियो से उपद्रवियों की हो रही पहचान पुलिस उपद्रवियों की पहचान करनी शुरू कर दी है। देर शाम को पुलिस ने गांव के कुछ लोगों को बुलाकर उन्हें वीडियो दिखाए गए। उनसे लोगों की पहचान कराई जा रही है। पुलिस उन्हें पकड़ने का भी प्रयास कर कर रही है। बीस मिनट पथराव के बाद पुलिस ने दो घंटे में स्थिति पर किया नियंत्रण ग्रामीणों ने करीब बीस मिनट तक पुलिस पर पथराव व लाठी-डंडे चलाए। इस दौरान पुलिस कर्मियों को हाईवे तक दौड़ा लिया। बाद में फोर्स बढ़ने पर पुलिस ने दो घंटे मशक्कत कर स्थिति पर नियंत्रण किया। ग्रामीण लिखकर दें, तब होगा ठेका हटाने पर विचार आबकारी निरीक्षक रीतू वर्मा ने बताया कि ठेका एक दिन में नहीं हट सकता है। ग्रामीण लिखित रूप में शिकायत करें। उसके बाद ठेका हटाए जाने पर विचार किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों से शव छीनने पर पथराव एसओ, तीन पुलिसकर्मियों समेत 9 घायल फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना इलाके के गांव चाचूपुर जटपुरा में युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जबरन ले जाने पर शनिवार को जमकर बवाल हुआ। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर एसओ की गाड़ी गड्ढे में पलट दी। पुलिस वाहन और लेखपाल के वाहनों के शीशे तोड़ दिए। पथराव में राजेपुर एसओ सहित चार पुलिस कर्मी, आबकारी निरीक्षक और चार ग्रामीण घायल हैं। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने दो महिलाओं समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। गांव चाचूपुर जटपुरा का ब्रजेश मजदूरी करता था। शुक्रवार रात को वह घर नहीं पहुंचा। खोजबीन करने पर पता चला कि ब्रजेश इटावा-बरेली हाईवे से गांव कड़हर जाने वाले मार्ग पर स्थित शराब ठेके के पास पुलिया पर दिखाई दिया था। शनिवार सुबह उसका शव इसी पुलिया के नीचे गड्ढे में भरे पानी में पड़ा मिला। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव उठाकर ठेके के सामने रख दिया और ठेका हटाए जाने की मांग करने लगे। दोपहर 12:45 बजे पुलिस ने महिलाओं को हटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जबरन वाहन में रखकर भेज दिया। इससे ग्रामीण भड़क गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस कर्मी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। ग्रामीणों ने पुलिस वाहन और लेखपाल आशीष यादव की कार के शीशे तोड़ दिए। कादरीगेट एसओ की कार को गड्ढे में पलट दिया। आनन-फानन पांच थानों की पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने लाठियां चलाकर ग्रामीणों को खदेड़ दिया। शराब ठेके के सेल्समैन पर हत्या का आरोप ग्रामीणों ने गांव के शराब ठेके के सेल्समैन पर हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीण ठेका हटाने और सेल्समैन पर कार्रवाई की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के शव को पोस्टमार्टम के लिए जबरन ले जाने पर मामला बिगड़ गया। पुलिस वाहन, लेखपाल की गाड़ी के शीशे तोड़े भीड़ ने पथराव कर पुलिस का वाहन व लेखपाल की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। पथराव में राजेपुर एसओ नागेंद्र सिंह, रोडवेज चौकी इंचार्ज कपिल कुमार घायल हुए। आबकारी निरीक्षक रीतू वर्मा पत्थर लगने से चोटिल हैं। सिपाही विष्णु और अक्षय कुमार के अलावा ग्रामीण सविता, अमर सिंह, श्रीदेवी व कावेश घायल हैं। ग्रामीणों ने शराब का ठेका हटाने के लिए पथराव किया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-आरती सिंह, पुलिस अधीक्षक

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