केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले समय में हवाई जहाज भी एथेनॉल आधारित ईंधन से उड़ान भर सकते हैं।
Green fuel India: भारत में एथेनॉल को भविष्य के ग्रीन फ्यूल के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले समय में हवाई जहाज भी एथेनॉल आधारित ईंधन से उड़ान भर सकते हैं।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि एथेनॉल भविष्य का ग्रीन फ्यूल है और आने वाले समय में हवाई जहाज भी एथेनॉल आधारित ईंधन से उड़ान भरेंगे। इसके लिए फ्लेक्सी एयर फ्यूल तकनीक विकसित की जाएगी और इस दिशा में काम शुरू करने की जरूरत है। देश की पहली फ्लेक्सी फ्यूल मोटरसाइकिल के लॉन्च कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण लगातार बढ़ रहा है और इससे कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि फार्मूला रेस कारें भी एथेनॉल आधारित ईंधन का उपयोग करती रही हैं। गडकरी ने कहा कि पहले जब वे इलेक्ट्रिक वाहनों की बात करते थे तो जो लोग मजाक उड़ाते थे, वे ही आज ईवी चला रहे हैं। उनके अनुसार भारत वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में 14वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है और इस क्षेत्र में औसतन 26 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज हो रही है। नितिन गडकरी ने कहा कि भारत में दो चीजों की वृद्धि को रोकना मुश्किल है- जनसंख्या और ऑटोमोबाइल क्षेत्र की बढ़ोतरी। ऐसे में ईवी, हाइड्रोजन, एथेनॉल और अन्य वैकल्पिक ईंधनों पर समानांतर काम करना जरूरी है। उन्होंने एथेनॉल के खिलाफ बनाए जा रहे नैरेटिव को गलत बताते हुए इसे हरित भविष्य का ईंधन कहा। कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटानी होगी। उन्होंने आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने पर जोर दिया।भारत में यदि एक वर्ष में बिकने वाले कुल वाहनों में से एथेनॉल से चलने वाले वाहनों की हिस्सेदारी केवल 1 प्रतिशत तक भी पहुंच जाए, तो देश एक एथेनॉल सप्लाई वर्ष में लगभग 195 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बचत कर सकता है। यह जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को दी। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बाजार में फ्लेक्स-फ्यूल मोबिलिटी की शुरुआत भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि स्वच्छ और वैकल्पिक परिवहन विकल्पों को भी तेजी से बढ़ावा मिलेगा।भारत में एथेनॉल क्रांति की तैयारी: नितिन गडकरी बोले- हवाई जहाज भी चलेंगे ग्रीन फ्यूल सेअरावली पर्वतमाला की परिभाषा और सीमांकन: सुप्रीम कोर्ट ने गठित की समिति, 31 अगस्त तक रिपोर्ट देने के निर्देशडीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने पर बीजेपी का सवाल, पार्टी नेता राम कदम बोले-‘राहुल गांधी बताये, किस मजबूरी में सीएम बदला गया’ ममता बनर्जी को बड़ा झटका, बागी गुट का दावा- हमारे साथ 60 विधायक, केशव प्रसाद ने कहा TMC ‘तृण-तृण’ हुई.
Green fuel India: भारत में एथेनॉल को भविष्य के ग्रीन फ्यूल के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले समय में हवाई जहाज भी एथेनॉल आधारित ईंधन से उड़ान भर सकते हैं।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि एथेनॉल भविष्य का ग्रीन फ्यूल है और आने वाले समय में हवाई जहाज भी एथेनॉल आधारित ईंधन से उड़ान भरेंगे। इसके लिए फ्लेक्सी एयर फ्यूल तकनीक विकसित की जाएगी और इस दिशा में काम शुरू करने की जरूरत है। देश की पहली फ्लेक्सी फ्यूल मोटरसाइकिल के लॉन्च कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण लगातार बढ़ रहा है और इससे कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि फार्मूला रेस कारें भी एथेनॉल आधारित ईंधन का उपयोग करती रही हैं। गडकरी ने कहा कि पहले जब वे इलेक्ट्रिक वाहनों की बात करते थे तो जो लोग मजाक उड़ाते थे, वे ही आज ईवी चला रहे हैं। उनके अनुसार भारत वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में 14वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है और इस क्षेत्र में औसतन 26 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज हो रही है।नितिन गडकरी ने कहा कि भारत में दो चीजों की वृद्धि को रोकना मुश्किल है- जनसंख्या और ऑटोमोबाइल क्षेत्र की बढ़ोतरी। ऐसे में ईवी, हाइड्रोजन, एथेनॉल और अन्य वैकल्पिक ईंधनों पर समानांतर काम करना जरूरी है। उन्होंने एथेनॉल के खिलाफ बनाए जा रहे नैरेटिव को गलत बताते हुए इसे हरित भविष्य का ईंधन कहा। कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटानी होगी। उन्होंने आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने पर जोर दिया।भारत में यदि एक वर्ष में बिकने वाले कुल वाहनों में से एथेनॉल से चलने वाले वाहनों की हिस्सेदारी केवल 1 प्रतिशत तक भी पहुंच जाए, तो देश एक एथेनॉल सप्लाई वर्ष में लगभग 195 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बचत कर सकता है। यह जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को दी। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बाजार में फ्लेक्स-फ्यूल मोबिलिटी की शुरुआत भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि स्वच्छ और वैकल्पिक परिवहन विकल्पों को भी तेजी से बढ़ावा मिलेगा।भारत में एथेनॉल क्रांति की तैयारी: नितिन गडकरी बोले-हवाई जहाज भी चलेंगे ग्रीन फ्यूल सेअरावली पर्वतमाला की परिभाषा और सीमांकन: सुप्रीम कोर्ट ने गठित की समिति, 31 अगस्त तक रिपोर्ट देने के निर्देशडीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने पर बीजेपी का सवाल, पार्टी नेता राम कदम बोले-‘राहुल गांधी बताये, किस मजबूरी में सीएम बदला गया’ ममता बनर्जी को बड़ा झटका, बागी गुट का दावा- हमारे साथ 60 विधायक, केशव प्रसाद ने कहा TMC ‘तृण-तृण’ हुई
एथेनॉल ग्रीन फ्यूल हवाई जहाज नितिन गडकरी हरदीप सिंह पुरी




