BLOG: मोदी से मुकाबले को फ्रंटफुट पर खेल रहीं ममता क्या कांग्रेस को पहुंचा रही हैं नुकसान?
यह भी पढ़ेंममता बनर्जी ये संकेत दे रही हैं कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में वाम दलों के 34 साल के शासन को उखाड़ फेंकने के लिए उन्हें कांग्रेस से अलग होकर जमीनी स्तर पर लेफ्ट के काडर से सीधे मोर्चा संभालने वाली तृणमूल कांग्रेस को खड़ा किया था. उनके रणनीतिकारों का तर्क है कि ममता ने चुनाव दर चुनाव बंगाल में तीसरी बार सत्ता हासिल की है, जीत के दायरे के साथ उनका कद भी बड़ा होता चला गया है. मोदी की तरह ही मुख्यमंत्री के तौर पर लंबे कार्यकाल के बाद केंद्रीय राजनीति में उनकी भूमिका में कुछ भी गलत नही है.
ममता के समर्थक और चुनावी विश्लेषक बंगाल चुनाव के बाद से लगातार यह तर्क दे रहे हैं कि अगर बंगाल में बीजेपी मजबूत हुई भी है तो कांग्रेस और लेफ्ट दलों की कीमत पर. जबकि ममता की लोकप्रियता दिनोंदिन बढ़ी है. उनका कहना है कि हिन्दुत्व, विकास मॉडल और जमीनी पकड़ वाले बीजेपी के करिश्माई नेता मोदी का मुकाबला करना है तो वैसा ही मंझा और मुखर चेहरा ही सामने लाना होगा.
अगर सियासी गणित को परे रखकर मोदी को कहीं से भी चुनौती देने वाले नेताओं की बात की जाए तो सामान्य तौर पर दो-तीन विकल्प नजर आते हैं. आम आदमी पार्टी पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, हिमाचल जैसे छोटे राज्यों में कांग्रेस या बीजेपी के मुकाबले तीसरे विकल्प के तौर पर खुद को पेश कर रही है. केंद्र में उसकी संभावनाओं का सबसे बड़ा इम्तेहान कुछ महीनों बाद पंजाब में है, जहां अगर वो दिल्ली के बाद कांग्रेस को हटाने में सफल रहती है तो 2024 की रेस के लिए वो गंभीरता से तैयारी कर सकती है.
निस्संदेह टीएमसी की क्षेत्रीय क्षत्रपों को भी साधेगी, जिनके नेता खुद केंद्रीय राजनीति में सीधे बीजेपी के खिलाफ चेहरा बनने की राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं रखते या वो ऐसी स्थिति में नहीं हैं. शरद पवार से पहले महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की अगुवाई कर रही शिवसेना के नेता संजय राउत और आदित्य ठाकरे से भी मिली हैं.
इस दौड़ में एक अन्य दावेदारी अखिलेश यादव की हो सकती है, अगर वो 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में मोदी और योगी के तौर पर बीजेपी की सबसे लोकप्रिय जोड़ी को हराकर सत्ता में पहुंचते हैं तो और उसी लोकप्रियता को कायम रखते हुए अखिलेश अगर 80 लोकसभा सीटों वाले राज्य में 50-60 सीटें जीतते हैं तो कद्दावर विपक्षी नेताओं की लड़ाई में बाजी उनके हाथ भी लग सकती है.
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