डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति ओबामा और बाइडन को ईरान के परमाणु खतरे के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि अगर उन्होंने ओबामा के भयानक ईरान परमाणु समझौते को खत्म नहीं किया होता, तो ईरान के पास तीन साल पहले ही परमाणु हथियार होते।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और बराक ओबामा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु खतरे के लिए यह दोनों जिम्मेदार हैं। अगर उन्होंने ओबामा के ''भयानक'' ईरान परमाणु समझौते को समाप्त नहीं किया होता, तो ईरान के पास तीन साल पहले ही परमाणु हथियार होते। ट्रंप ने संयुक्त व्यापक कार्य योजना की आलोचना की, जिसे उन्होंने 2018 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान एकतरफा रूप से समाप्त कर दिया था। ट्रंप ने दावा किया, ''अगर मैंने ओबामा के भयानक ईरान परमाणु समझौते को खत्म नहीं किया होता, तो उसके पास तीन साल पहले ही परमाणु हथियार होता। यह अब तक का सबसे खतरनाक समझौता था। अगर इसे कायम रहने दिया जाता, तो आज दुनिया बिल्कुल अलग होती। इसके लिए आप बराक हुसैन ओबामा और जो बाइडन को दोषी ठहरा सकते हैं।'' उन्होंने ईरान परमाणु समझौते से हटने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, ''मुझे राष्ट्रपति ओबामा द्वारा किए गए समझौते को रद करने पर गर्व है। उनके पास परमाणु हथियार होते और वे उनका इस्तेमाल कर चुके होते। लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगा।'' उन्होंने कहा कि ईरानी शासन की मिसाइलों में पहले से ही यूरोप और अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने की क्षमता है और वे अमेरिका को निशाना बनाने में सक्षम लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करने की क्षमता रखते हैं। इस तेजी से बढ़ते मिसाइल कार्यक्रम का उद्देश्य परमाणु हथियार विकास को छिपाना और किसी के लिए भी उन्हें इन हथियारों को बनाने से रोकना बेहद मुश्किल बनाना था। परमाणु हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस ईरानी शासन न केवल पश्चिम एशिया के लिए, बल्कि अमेरिका के लिए भी एक भयंकर खतरा पैदा कर सकता था।.
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और बराक ओबामा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु खतरे के लिए यह दोनों जिम्मेदार हैं। अगर उन्होंने ओबामा के ''भयानक'' ईरान परमाणु समझौते को समाप्त नहीं किया होता, तो ईरान के पास तीन साल पहले ही परमाणु हथियार होते। ट्रंप ने संयुक्त व्यापक कार्य योजना की आलोचना की, जिसे उन्होंने 2018 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान एकतरफा रूप से समाप्त कर दिया था। ट्रंप ने दावा किया, ''अगर मैंने ओबामा के भयानक ईरान परमाणु समझौते को खत्म नहीं किया होता, तो उसके पास तीन साल पहले ही परमाणु हथियार होता। यह अब तक का सबसे खतरनाक समझौता था। अगर इसे कायम रहने दिया जाता, तो आज दुनिया बिल्कुल अलग होती। इसके लिए आप बराक हुसैन ओबामा और जो बाइडन को दोषी ठहरा सकते हैं।'' उन्होंने ईरान परमाणु समझौते से हटने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, ''मुझे राष्ट्रपति ओबामा द्वारा किए गए समझौते को रद करने पर गर्व है। उनके पास परमाणु हथियार होते और वे उनका इस्तेमाल कर चुके होते। लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगा।'' उन्होंने कहा कि ईरानी शासन की मिसाइलों में पहले से ही यूरोप और अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने की क्षमता है और वे अमेरिका को निशाना बनाने में सक्षम लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करने की क्षमता रखते हैं। इस तेजी से बढ़ते मिसाइल कार्यक्रम का उद्देश्य परमाणु हथियार विकास को छिपाना और किसी के लिए भी उन्हें इन हथियारों को बनाने से रोकना बेहद मुश्किल बनाना था। परमाणु हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस ईरानी शासन न केवल पश्चिम एशिया के लिए, बल्कि अमेरिका के लिए भी एक भयंकर खतरा पैदा कर सकता था।
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