पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब पाकिस्तान में इसी संबंध में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इसका कारण पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख मार्शल आसिम मुनीर का पाकिस्तान में रह रहे शिया समुदाय ों को खुली धमकी है। दरअसल पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने रावलपिंडी में एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान शिया धर्मगुरुओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर आपको ईरान इतना पसंद है, तो आप वहां चले जाएं। इस बयान को शिया समुदाय के नेताओं ने आपत्तिजनक और भड़काऊ बताया है। शिया घर्मगुरुओं का कहना है कि इससे पूरे समुदाय को गलत तरीके से निशाना बनाया गया है। ये भी पढ़ें:- ईरान के दो वार और हांफने लगा अमेरिका: जानिए आखिर कैसे नरम पड़े ट्रंप के तेवर, अब युद्ध खत्म करने की कर रहे बात खामेनेई की मौत पर पाकिस्तान में प्रदर्शन बता दें कि मुनीर का यह बयान ऐसे समय में आया है। जब बीते दिनों अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमले में वहां के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद पाकिस्तान में कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भी हुई, जिसके बाद सेना प्रमुख ने चेतावनी दी थी कि दूसरे देशों की घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिया नेताओं का आरोप मुनीर के इस बयान के बाद शिया नेताओं का आरोप है कि मुनीर ने इन प्रदर्शनों के लिए शिया समुदाय को जिम्मेदार ठहराया, जो गलत और अपमानजनक है। शिया धर्मगुरु मुहम्मद शिफा नजफी ने भी इस पर आपत्ति जताई और कहा कि पूरे समुदाय को एक साथ दोषी ठहराना सही नहीं है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान की स्थापना करने वाले मोहम्मद अली जिन्ना भी शिया थे और देश में शिया समुदाय की अहम भूमिका रही है। ये भी पढ़ें:- 'भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता': पश्चिम एशिया संकट के बीच यूएई के राजदूत बोले- देश पूरी तरह सुरक्षित पाकिस्तान की बदलती विदेश नीति भी समझिए गौरतलब है कि पाकिस्तान में शिया समुदाय करीब 15% आबादी का हिस्सा है और ईरान के बाद यहां उनकी सबसे बड़ी संख्या है। दूसरी ओर पाकिस्तान की विदेश नीति में भी बदलाव दिख रहा है। देश अब सऊदी अरब और खाड़ी देशों के करीब जाता नजर आ रहा है, जबकि हाल ही में उसने ईरान के हमलों की निंदा भी की। हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने ईरान पर हुए हमलों को अनुचित बताते हुए बातचीत की अपील भी की है। कुल मिलाकर, मुनीर के इस बयान ने पाकिस्तान के अंदर सांप्रदायिक तनाव और उसकी बदलती विदेश नीति दोनों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।.
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब पाकिस्तान में इसी संबंध में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इसका कारण पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख मार्शल आसिम मुनीर का पाकिस्तान में रह रहे शिया समुदायों को खुली धमकी है। दरअसल पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने रावलपिंडी में एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान शिया धर्मगुरुओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर आपको ईरान इतना पसंद है, तो आप वहां चले जाएं। इस बयान को शिया समुदाय के नेताओं ने आपत्तिजनक और भड़काऊ बताया है। शिया घर्मगुरुओं का कहना है कि इससे पूरे समुदाय को गलत तरीके से निशाना बनाया गया है। ये भी पढ़ें:- ईरान के दो वार और हांफने लगा अमेरिका: जानिए आखिर कैसे नरम पड़े ट्रंप के तेवर, अब युद्ध खत्म करने की कर रहे बात खामेनेई की मौत पर पाकिस्तान में प्रदर्शन बता दें कि मुनीर का यह बयान ऐसे समय में आया है। जब बीते दिनों अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमले में वहां के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद पाकिस्तान में कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भी हुई, जिसके बाद सेना प्रमुख ने चेतावनी दी थी कि दूसरे देशों की घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिया नेताओं का आरोप मुनीर के इस बयान के बाद शिया नेताओं का आरोप है कि मुनीर ने इन प्रदर्शनों के लिए शिया समुदाय को जिम्मेदार ठहराया, जो गलत और अपमानजनक है। शिया धर्मगुरु मुहम्मद शिफा नजफी ने भी इस पर आपत्ति जताई और कहा कि पूरे समुदाय को एक साथ दोषी ठहराना सही नहीं है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान की स्थापना करने वाले मोहम्मद अली जिन्ना भी शिया थे और देश में शिया समुदाय की अहम भूमिका रही है। ये भी पढ़ें:- 'भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता': पश्चिम एशिया संकट के बीच यूएई के राजदूत बोले- देश पूरी तरह सुरक्षित पाकिस्तान की बदलती विदेश नीति भी समझिए गौरतलब है कि पाकिस्तान में शिया समुदाय करीब 15% आबादी का हिस्सा है और ईरान के बाद यहां उनकी सबसे बड़ी संख्या है। दूसरी ओर पाकिस्तान की विदेश नीति में भी बदलाव दिख रहा है। देश अब सऊदी अरब और खाड़ी देशों के करीब जाता नजर आ रहा है, जबकि हाल ही में उसने ईरान के हमलों की निंदा भी की। हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने ईरान पर हुए हमलों को अनुचित बताते हुए बातचीत की अपील भी की है। कुल मिलाकर, मुनीर के इस बयान ने पाकिस्तान के अंदर सांप्रदायिक तनाव और उसकी बदलती विदेश नीति दोनों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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