दिल्ली के होटल अग्निकांड में हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि होटल केकमरे 3,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये प्रतिदिन तक के किराये पर दिए जाते थे, जबकि भूतल पर स्थित रेस्टोरेंट से अतिरिक्त आय होती थी। जांचकर्ताओं ने पाया कि बजाज ने कथित तौर पर जय मिश्रा के नाम पर लाइसेंस लिए थे, जो होटल के संचालन और बैंक खातों का मैनेजमेंट करता...
Subscribe दिल्ली के होटल अग्निकांड में हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि होटल केकमरे 3,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये प्रतिदिन तक के किराये पर दिए जाते थे, जबकि भूतल पर स्थित रेस्टोरेंट से अतिरिक्त आय होती थी। जांचकर्ताओं ने पाया कि बजाज ने कथित तौर पर जय मिश्रा के नाम पर लाइसेंस लिए थे, जो होटल के संचालन और बैंक खातों का मैनेजमेंट करता था।दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार को जिस होटल में भीषण आग लग गई थी, उसके मालिक ने नियमों के घोर उल्लंघन के बारे में पूछे जाने पर पुलिस से कहा कि ‘दिल्ली में सब चलता है।’ अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि पूछताछ में उसने जरा भी पश्चाताप नहीं दिखाया, यहां तक कि आग लगने के बाद बचाव अभियान के दौरान जलती हुई इमारत के पास से वह बिना रुके अपनी गाड़ी से निकल गया।पुलिस के मुताबिक, आरोपी लवकेश बजाज पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रहा है। दक्षिण दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में भीषण आग लगने की घटना के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बजाज ने जांचकर्ताओं को बताया कि होटल व्यवसाय से पर्याप्त मुनाफा होने के बाद, 'दिल्ली में सब चलता है' की धारणा से उसे इमारत में अवैध रूप से अतिरिक्त मंजिलें बनाने का प्रोत्साहन मिला। यह इमारत पहले ढाई मंजिल की थी, लेकिन अवैध निर्माण के माध्यम से इसे पांच मंजिला कर दिया।अधिकारियों ने बताया कि इस होटल के पास रेस्टोरेंट का लाइसेंस नहीं था। इसे केवल चाय की दुकान के रूप में संचालित करने की अनुमति थी। इसके पास दिल्ली सरकार की ‘बेड-एंड-ब्रेकफास्ट’ नीति के तहत मूल रूप से केवल 6 कमरों को संचालित करने की अनुमति थी, लेकिन आरोप है कि प्रतिष्ठान का विस्तार लगभग 25-26 कमरों तक कर दिया गया, जिनमें तहखाने के कुछ कमरे भी शामिल हैं।पुलिस ने बताया कि कमरे 3,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये प्रतिदिन तक के किराये पर दिए जाते थे, जबकि भूतल पर स्थित रेस्टोरेंट से अतिरिक्त आय होती थी। जांचकर्ताओं ने पाया कि बजाज ने कथित तौर पर जय मिश्रा के नाम पर लाइसेंस लिए थे, जो होटल के संचालन और बैंक खातों का मैनेजमेंट करता था। पुलिस की 5 टीमें मिश्रा की तलाश में जुटी हैं, जो फरार है। सूत्रों ने बताया कि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान इस इमारत को अस्थायी आवास लाइसेंस मिला था। तब इस इमारत का मालिक कोई और था।पूछताछ के दौरान बजाज ने जांचकर्ताओं को बताया कि इलाके में उसके कम से कम चार होटल हैं और वह उनमें बहुत कम जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने दावा किया कि 2022 में इमारत खरीदने के बाद उसने होटल का दैनिक प्रबंधन मिश्रा को सौंप दिया था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि जब आग लगी तो बजाज संयोगवश इमारत के पास से गुजर रहा था, लेकिन वह रुका नहीं। इसके बजाय उसने कथित तौर पर इलाके को छोड़ दिया और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में घूमता रहा, जिसके बाद बुधवार को ही उसे ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया गया।संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार ने बताया कि आरोपी बजाज की चार दिन की पुलिस हिरासत मिल गई है। उन्होंने कहा कि हम उससे वहां मौजूद कर्मचारियों के बारे में पूछताछ करेंगे, क्योंकि वे सभी फरार हैं। कुमार ने कहा कि प्राथमिकी में दर्ज धाराएं सही हैं और घटना की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए कई धाराएं जोड़ी गई हैं। उन्होंने कहा कि परिसर के नाम पर कोई गैस कनेक्शन नहीं लिया गया था, लेकिन चार सिलेंडर मिले।अक्षय श्रीवास्तव, नवभारत टाइम्स में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मार्च 2025 में उन्होंने टाइम्स समूह का डिजिटल विंग नवभारत टाइम्स ज्वाइन किया। यहां अक्षय न्यूज टीम का हिस्सा हैं और राष्ट्रीय खबरों के साथ-साथ दिल्ली और अपराध से जुड़े समाचारों का संपादन और क्यूरेशन करते हैं। समय-समय पर वह फील्ड रिपोर्टिंग में भी उतरते हैं। अक्षय ग्राउंड पर जाकर खबरों के पीछे छिपी कहानी को निकालने में रुचि रखते हैं। अपने 13 साल के पत्रकारिता के अनुभव में अक्षय ने रिपोर्टिंग के साथ-साथ डेस्क पर भी कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। अक्षय ने साल 2019 और 2024 की राजनीति के निर्णायक लोकसभा चुनाव भी कवर किए हैं। करियर के दौरान अक्षय ने प्रिंट मीडिया में एक लंबी पारी खत्म कर साल 2018 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा। यहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता का शुरुआती काम सीखा। इसके बाद वह दैनिक भास्कर के डिजिटल सेक्शन में काम करने लगे। यहां उन्होंने जीके सेक्शन की जिम्मेदारी संभाली। आज तक में कार्य के दौरान अक्षय ने कनमैलियों पर एक एक्सक्लूसिव स्टोरी की, जो चर्चा का विषय रही। नवभारत टाइम्स में वह कफ सिरप पीकर अपने बच्चे गंवाने वाले परिवारों तक पहुंचे और उनका दर्द जाना। पत्रकारिता का अनुभव अक्षय का पत्रकारिता करियर हिंदी अखबार दैनिक नव भारत भोपाल के साथ साल 2013 में बतौर ट्रेनी शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश से प्रकाशित राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर में 2014 से 2016 तक उप-संपादक के रूप में कार्य किया। 2016 से 2018 तक अक्षय ने दैनिक हरिभूमि समाचार पत्र में बतौर उप-संपादक काम किया। साल 2018 में दैनिक भास्कर के साथ उन्होंने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद जनवरी 2022 में AajTak डिजिटल के साथ जुड़े और मार्च 2015 तक होम पेज पर अपनी सेवाएं दीं। अक्षय ने एशिया के पहले पत्रकारिता विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से बीएससी और एमएससी की पढ़ाई की है। विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान वह कई प्रतियोगताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं।की ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद.
Subscribe दिल्ली के होटल अग्निकांड में हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि होटल केकमरे 3,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये प्रतिदिन तक के किराये पर दिए जाते थे, जबकि भूतल पर स्थित रेस्टोरेंट से अतिरिक्त आय होती थी। जांचकर्ताओं ने पाया कि बजाज ने कथित तौर पर जय मिश्रा के नाम पर लाइसेंस लिए थे, जो होटल के संचालन और बैंक खातों का मैनेजमेंट करता था।दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार को जिस होटल में भीषण आग लग गई थी, उसके मालिक ने नियमों के घोर उल्लंघन के बारे में पूछे जाने पर पुलिस से कहा कि ‘दिल्ली में सब चलता है।’ अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि पूछताछ में उसने जरा भी पश्चाताप नहीं दिखाया, यहां तक कि आग लगने के बाद बचाव अभियान के दौरान जलती हुई इमारत के पास से वह बिना रुके अपनी गाड़ी से निकल गया।पुलिस के मुताबिक, आरोपी लवकेश बजाज पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रहा है। दक्षिण दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में भीषण आग लगने की घटना के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बजाज ने जांचकर्ताओं को बताया कि होटल व्यवसाय से पर्याप्त मुनाफा होने के बाद, 'दिल्ली में सब चलता है' की धारणा से उसे इमारत में अवैध रूप से अतिरिक्त मंजिलें बनाने का प्रोत्साहन मिला। यह इमारत पहले ढाई मंजिल की थी, लेकिन अवैध निर्माण के माध्यम से इसे पांच मंजिला कर दिया।अधिकारियों ने बताया कि इस होटल के पास रेस्टोरेंट का लाइसेंस नहीं था। इसे केवल चाय की दुकान के रूप में संचालित करने की अनुमति थी। इसके पास दिल्ली सरकार की ‘बेड-एंड-ब्रेकफास्ट’ नीति के तहत मूल रूप से केवल 6 कमरों को संचालित करने की अनुमति थी, लेकिन आरोप है कि प्रतिष्ठान का विस्तार लगभग 25-26 कमरों तक कर दिया गया, जिनमें तहखाने के कुछ कमरे भी शामिल हैं।पुलिस ने बताया कि कमरे 3,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये प्रतिदिन तक के किराये पर दिए जाते थे, जबकि भूतल पर स्थित रेस्टोरेंट से अतिरिक्त आय होती थी। जांचकर्ताओं ने पाया कि बजाज ने कथित तौर पर जय मिश्रा के नाम पर लाइसेंस लिए थे, जो होटल के संचालन और बैंक खातों का मैनेजमेंट करता था। पुलिस की 5 टीमें मिश्रा की तलाश में जुटी हैं, जो फरार है। सूत्रों ने बताया कि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान इस इमारत को अस्थायी आवास लाइसेंस मिला था। तब इस इमारत का मालिक कोई और था।पूछताछ के दौरान बजाज ने जांचकर्ताओं को बताया कि इलाके में उसके कम से कम चार होटल हैं और वह उनमें बहुत कम जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने दावा किया कि 2022 में इमारत खरीदने के बाद उसने होटल का दैनिक प्रबंधन मिश्रा को सौंप दिया था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि जब आग लगी तो बजाज संयोगवश इमारत के पास से गुजर रहा था, लेकिन वह रुका नहीं। इसके बजाय उसने कथित तौर पर इलाके को छोड़ दिया और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में घूमता रहा, जिसके बाद बुधवार को ही उसे ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया गया।संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार ने बताया कि आरोपी बजाज की चार दिन की पुलिस हिरासत मिल गई है। उन्होंने कहा कि हम उससे वहां मौजूद कर्मचारियों के बारे में पूछताछ करेंगे, क्योंकि वे सभी फरार हैं। कुमार ने कहा कि प्राथमिकी में दर्ज धाराएं सही हैं और घटना की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए कई धाराएं जोड़ी गई हैं। उन्होंने कहा कि परिसर के नाम पर कोई गैस कनेक्शन नहीं लिया गया था, लेकिन चार सिलेंडर मिले।अक्षय श्रीवास्तव, नवभारत टाइम्स में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मार्च 2025 में उन्होंने टाइम्स समूह का डिजिटल विंग नवभारत टाइम्स ज्वाइन किया। यहां अक्षय न्यूज टीम का हिस्सा हैं और राष्ट्रीय खबरों के साथ-साथ दिल्ली और अपराध से जुड़े समाचारों का संपादन और क्यूरेशन करते हैं। समय-समय पर वह फील्ड रिपोर्टिंग में भी उतरते हैं। अक्षय ग्राउंड पर जाकर खबरों के पीछे छिपी कहानी को निकालने में रुचि रखते हैं। अपने 13 साल के पत्रकारिता के अनुभव में अक्षय ने रिपोर्टिंग के साथ-साथ डेस्क पर भी कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। अक्षय ने साल 2019 और 2024 की राजनीति के निर्णायक लोकसभा चुनाव भी कवर किए हैं। करियर के दौरान अक्षय ने प्रिंट मीडिया में एक लंबी पारी खत्म कर साल 2018 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा। यहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता का शुरुआती काम सीखा। इसके बाद वह दैनिक भास्कर के डिजिटल सेक्शन में काम करने लगे। यहां उन्होंने जीके सेक्शन की जिम्मेदारी संभाली। आज तक में कार्य के दौरान अक्षय ने कनमैलियों पर एक एक्सक्लूसिव स्टोरी की, जो चर्चा का विषय रही। नवभारत टाइम्स में वह कफ सिरप पीकर अपने बच्चे गंवाने वाले परिवारों तक पहुंचे और उनका दर्द जाना। पत्रकारिता का अनुभव अक्षय का पत्रकारिता करियर हिंदी अखबार दैनिक नव भारत भोपाल के साथ साल 2013 में बतौर ट्रेनी शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश से प्रकाशित राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर में 2014 से 2016 तक उप-संपादक के रूप में कार्य किया। 2016 से 2018 तक अक्षय ने दैनिक हरिभूमि समाचार पत्र में बतौर उप-संपादक काम किया। साल 2018 में दैनिक भास्कर के साथ उन्होंने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद जनवरी 2022 में AajTak डिजिटल के साथ जुड़े और मार्च 2015 तक होम पेज पर अपनी सेवाएं दीं। अक्षय ने एशिया के पहले पत्रकारिता विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से बीएससी और एमएससी की पढ़ाई की है। विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान वह कई प्रतियोगताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं।की ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद
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