ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने चीन को धन्यवाद दिया है जिसने पूरे देश को फुट-एंड-माउथ रोग से मुक्त मानते हुए ब्राजील के बीफ के लिए अपने बाजार में पहुंच बढ़ाई है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि अगर अमेरिका ब्राजील का सामान नहीं खरीदना चाहता तो वे अन्य ग्राहक खोज लेंगे.
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने चीन को धन्यवाद दिया है जिसने पूरे देश को फुट-एंड-माउथ रोग से मुक्त मानते हुए ब्राजील के बीफ के लिए अपने बाजार में पहुंच बढ़ाई है.
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि अगर अमेरिका ब्राजील का सामान नहीं खरीदना चाहता तो वे अन्य ग्राहक खोज लेंगे. कैंसिल ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने चीन का आभार जताया है क्योंकि चीन ने ब्राजील को पूरे देश के लेवल पर फुट-एंड-माउथ से मुक्त मानते हुए उसके बीफ के लिए अपने बाजार में अच्छी-खासी पहुंच दे दी है.
साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि अगर अमेरिका ब्राजील का सामान नहीं खरीदना चाहता, तो वो कोई और ग्राहक ढूंढ लेंगे. मंगलवार को लूला ने यह टिप्पणी उस समय की जब चीन ने दुनिया के सबसे बड़े बीफ आयातक बाजार चीन मेंलूला ने कहा, 'भगवान कई बार मुश्किल या उलझे हुए रास्तों से भी अच्छे नतीजे निकाल देते हैं.
मेरी तरह एक ईसाई व्यक्ति को भी जीवन में कुछ मुफ्त में नहीं मिलता, हर चीज के लिए संघर्ष करना पड़ता है. ट्रंप के फैसले का नतीजा क्या निकला? अंतिम संस्कार होने वाला था, बॉडी में कुछ ऐसा दिखा, लेकर भागे अस्पतालकदम रखते ही सांप कर देते हैं अटैक, इस जगह इंसानों का जाना है बैनउन्होंने आगे कहा, 'मैं अमेरिका के फैसले पर रोने वाला नहीं हूं.
अगर आप मुझसे खरीदना नहीं चाहते, तो अपनी चीजें अपने पास रखिए, मैं किसी और को बेच दूंगा.
'ब्राजील का यह घटनाक्रम लैटिन अमेरिका में प्रभाव बढ़ाने को लेकर चीन और अमेरिका के बीच जारी प्रतिस्पर्धा का नया उदाहरण माना जा रहा है. एक ओर ब्राजील चीन के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत कर रहा है वहीं दूसरी ओर उसे ट्रंप प्रशासन के बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है. चीन के सीमा शुल्क प्रशासन और कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्रालय ने मंगलवार को ब्राजील के हक में यह फैसला किया.
यह घोषणा ऐसे समय हुई जब ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा चीन दौरे पर थे. रिस्क एनालिसिस के बाद चीन ने उत्तरी ब्राजील पर लगी पुरानी पाबंदियां हटा दीं और पूरे देश को इस बीमारी से मुक्त मान्यता दे दी. चीन की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार यह फैसला 29 मई को लिया गया था.
इस फैसले के साथ ही चीन ने 2002, 2005 और 2009 के अपने पुराने फैसलों को पलट दिया. 2009 के फैसले में ब्राजील के केवल सांता कैटरीना और कुछ अन्य राज्यों को ही इस बीमारी से मुक्त माना गया था. ब्राजीलियन एसोसिएशन ऑफ बीफ एक्सपोर्टिंग इंडस्ट्रीज के अनुसार, 2025 में चीन ब्राजीलियाई बीफ का सबसे बड़ा खरीदार था. कुल निर्यात मात्रा का 48 प्रतिशत यानी 16.8 लाख टन बीफ चीन भेजा गया, जिसकी कीमत 8.9 अरब डॉलर थी.
हालांकि, ब्राजील को चीन की तरफ से मिली यह राहत शर्तों के साथ आई है. चीन ने 1 जनवरी से लागू एक सुरक्षा व्यवस्था के तहत ब्राजीलियाई बीफ आयात पर वार्षिक 11 लाख टन का कोटा तय किया है, जो तीन वर्षों तक लागू रहेगा. अगर ब्राजील चीन को हर साल 11 लाख टन बीफ बेचता है तो उसे 12 प्रतिशत टैरिफ देना पड़ेगा.
अगर वो इस तय लिमिट से ज्यादा बीफ चीन में बेचना चाहेगा तो उसे 55 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ देना होगा. उधर, चीन के इस फैसले के बीच अमेरिका ने भी ब्राजील के निर्यात पर दबाव बढ़ा दिया है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने ब्राजीलियाई वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है. यह कदम जुलाई 2025 में शुरू की गई जांच के बाद उठाया गया, जिसमें ब्राजील की कई नीतियों को 'अनुचित' बताया गया था.
फिलहाल प्रस्ताव पर बात हो रही है और इसमें कुछ छूट भी शामिल हैं. इसके अलावा अमेरिका ने एक और प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अगर यह पाया जाता है कि ब्राजील जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर रहा है तो उसे अतिरिक्त 12.5 प्रतिशत टैरिफ देना पड़ सकता है. यह प्रस्ताव भी अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत लाया गया है.
इसके तहत ब्राजील को चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन के साथ हाई रिस्क वाले ग्रुप में रखा गया है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि ब्राजील के साथ बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी बने हुए हैं. ग्रीर ने कहा, 'पिछले एक वर्ष में राष्ट्रपति ट्रंप और मैंने राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा तथा उनके मंत्रिमंडल के साथ कई बैठकें कीं, जिनकी गति हाल के हफ्तों में और बढ़ी.
लेकिन इस जांच में उठाए गए मुद्दों के समाधान को लेकर हमारे बीच अभी भी महत्वपूर्ण मतभेद हैं.
'तनाव केवल व्यापार तक सीमित नहीं है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सीनेट की एक सुनवाई में कहा कि ब्राजील अमेरिका का मित्र देश नहीं है. रुबियो ने कहा कि पश्चिमी गोलार्ध में अब एक दर्जन से अधिक देश अमेरिका के करीबी सहयोगी हैं. उनके अनुसार पिछले 20 सालों की उपेक्षा के दौरान चीन और अन्य शक्तियों ने इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाया है.
उन्होंने कहा, 'यह अब अमेरिकी सहयोगियों से भरा क्षेत्र है.
' हालांकि उन्होंने निकारागुआ, क्यूबा, वेनेजुएला और ब्राजील को अपवाद बताया और यह भी कहा कि ब्राजील इस समय चुनावी दौर से गुजर रहा है. लूला ने बुधवार को प्लानाल्टो पैलेस में मंत्रियों की बैठक के दौरान रुबियो पर पलटवार करते हुए कहा कि 'वो एक निराश लैटिनो हैं जो अमेरिका को पसंद नहीं करता और ब्राजील को तो बिल्कुल नहीं.
'उन्होंने कहा, 'किसी को किसी चीज से डरने की जरूरत नहीं है. हम सिर नहीं झुकाएंगे. हम एक लोकतांत्रिक और संप्रभु देश हैं.
' उन्होंने यह भी कहा कि ब्राजील को किसी 'तुच्छ छोटे गणराज्य' की तरह नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा कि वह न तो चीन और न ही अमेरिका के साथ टकराव चाहते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'ट्रंप दुनिया के सम्राट नहीं हैं.
' लूला ने संकेत दिया कि वो इस विवाद को अगले जी-7 शिखर सम्मेलन में भी उठाएंगे. Gajkesari Yog: गजकेसरी योग से चमकेगी किस्मत! 3 दिन 6 राशियों के लिए बेहद शुभपिता की ट्रेनिंग में छिपा दीपिका पादुकोण की सक्सेस का सीक्रेट, हर पैरेंट्स के लिए जरूरीपुणे के IT हब में नासिक जैसा मामला, महिला कर्मचारी ने सहकर्मी और कंपनी अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप यूपी में सपा MP का छलका दर्द, बोले- 'हम पाकिस्तान के सांसद थोड़े ही हैं, हिंदुस्तान के ही हैं', जानें क्यों भड़के आनंद भदौरिया




