OPEC से निकला UAE सस्ते तेल से भर देगा बाजार! अब अपना क्रूड लेकर कहां जाएंगे ये गरीब देश

UAE News

OPEC से निकला UAE सस्ते तेल से भर देगा बाजार! अब अपना क्रूड लेकर कहां जाएंगे ये गरीब देश
OPECOil ProductionEnergy Market

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 1 मई से ओपेक और ओपेक प्लस से अलग होने का फैसला किया है. यूएई अब 2027 तक तेल उत्पादन को 34 लाख बैरल से बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना बना रहा है. इससे अफ्रीकी तेल उत्पादक देशों जैसे नाइजीरिया, अल्जीरिया, कांगो आदि की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर होगा.

संयुक्त अरब अमीरात 1 मई यानी शुक्रवार के दिन से तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और ओपेक प्लस से अलग हो गया है.

इसके साथ ही मध्य पूर्व का यह तेल दिग्गज हाल के सालों में संगठन से अलग होने वाला नया देश बन गया है. यूएई दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में शामिल है और ओपेक का तीसरा सबसे बड़ा सदस्य है, उससे आगे सिर्फ सऊदी अरब और इराक हैं. यूएई का ओपेक से बाहर होना भारत जैसे देशों के लिए तो अच्छी खबर है लेकिन कई देशों की अर्थव्यवस्था के लिए यह विनाशकारी साबित हो सकता है.

और पढ़ेंयूएई के ओपेक छोड़ने के पीछे मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि वो नवीकरणीय ऊर्जा की ओर वैश्विक बदलाव तेज होने से पहले अपने तेल संसाधनों का अधिकतम फायदा उठाना चाहता है. ओपेक में रहते हुए यूएई कोटा के भीतर रहकर ही तेल उत्पादन कर सकता था. वो वर्तमान में अधिक क्षमता होते हुए भी 34 लाख बैरल तेल प्रतिदिन उत्पादित कर रहा था.

अब उस पर कोटा का बंधन नहीं रह गया है और वो 2027 तक अपना तेल उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करना चाहता है. ओपेक से बाहर निकलने के बाद यूएई को अपनी रणनीतिक, आर्थिक और क्षेत्रीय नीतियां तय करने में ज्यादा स्वतंत्रता मिलेगी. साथ ही चीन और अमेरिका जैसे बड़े ग्राहकों के साथ स्वतंत्र संबंध बनाए रखने में भी आसानी होगी.

अफ्रीका के तेल उत्पादक देशों पर पड़ेगा बड़ा असर Advertisement विशेषज्ञों का मानना है कि यूएई के बाहर निकलने से ओपेक काफी कमजोर हो सकता है और तेल कीमतों को कंट्रोल करने की उसकी क्षमता घट सकती है. इसका सबसे बुरा असर अफ्रीका के बड़े तेल और गैस उत्पादक देशों पर पड़ सकता है.

ओपेक देशों में यूएई उन गिने-चुने सदस्यों में था जिसके पास अतिरिक्त उत्पादन क्षमता थी, इसलिए उसके बाहर होने से अफ्रीकी उत्पादक देशों पर बाजार की सीधी मार बढ़ सकती है. नाइजीरिया, अल्जीरिया, कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, गैबॉन और लीबिया जैसे तेल पर निर्भर अफ्रीकी देशों के लिए प्रतिस्पर्धा और कठिन हो सकती है. ओपेक कोटा से मुक्त होने के बाद यूएई अगले एक-दो साल में लगभग 50% तक उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रहा है.

एनर्जी इंक एडवाइजर्स के मुताबिक यूएई का कच्चा तेल उत्पादन काफी सस्ता है और यह साफ होता है जिससे इसकी रिफाइनिंग में भी ज्यादा खर्च नहीं आता. यूएई का तेल अक्सर जमीन की सतह के करीब मिलता है, इसलिए इसकी निकासी लागत बहुत कम है. इसके मुकाबले कई अफ्रीकी देशों को ज्यादा परिचालन खर्च, पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. तबाह हो जाएगी इन अफ्रीकी देशों की अर्थव्यवस्था?

यूएई का मुरबन जैसे क्रूड ग्रेड हल्के और कम सल्फर वाले हैं, जिन्हें पेट्रोल और जेट फ्यूल जैसे महंगे उत्पादों में बदलना आसान और सस्ता है. इसके विपरीत कुछ अफ्रीकी क्रूड की रिफाइनिंग अधिक जटिल और महंगी है. Advertisement जब यूएई 50 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन लक्ष्य की ओर बढ़ेगा, तो वो उन्हीं यूरोपीय बाजारों में अपना तेल भरेगा जहां नाइजीरिया और अंगोला जैसे देश तेल बेच रहे हैं.

बहुत संभव है कि कम कीमत के कारण यूएई यूरोपीय बाजारों में अपना प्रभुत्व जमा ले और अफ्रीकी देश प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएं. विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि इससे तेल की कीमतों को लेकर तनाव बढ़ सकता है, जहां अधिक से अधिक ग्राहक पाने के लिए सभी तेल उत्पादक देश उत्पादन बढ़ाएंगे और कीमतें नीचे जा सकती हैं.

तेल की कीमतें कम होने से नाइजीरिया जैसे देशों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, जिन्हें बजट संतुलन के लिए लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल तेल कीमत चाहिए. नाइजीरिया की विदेशी मुद्रा आय का 80% से ज्यादा और निर्यात आय का लगभग 90% तेल से आता है. इसलिए कीमतों में गिरावट से राजकोषीय घाटा, मुद्रा अवमूल्यन और सरकारी खर्च की क्षमता में कमी आ सकती है. अगर ऐसा होता है तो नाइजीरिया की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर होगा. ---- समाप्त ----

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

AajTak /  🏆 5. in İN

OPEC Oil Production Energy Market Renewable Energy Middle East Oil Oil Prices Africa Oil Economy Nigeria Oil Global Oil Market Energy Policy Oil Export Crude Oil Production UAE OPEC Exit Oil Market Impact Global Oil Prices Crude Oil Supply OPEC+ Breakdown UAE Oil Production Energy Geopolitics Africa Oil Economy Nigeria Oil Crisis Oil Price War Murban Crude Oil Demand Europe Asia Energy Transition Strategy Renewable Shift Impact Oil Supply Competition Low Cost Oil Producers Global Energy Market Oil Export Countries Fuel Price Volatility Strategic Oil Policy

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

OPEC से निकलने वाला UAE कच्चे तेल का कितना बड़ा उत्पादक, कहां-कहां बेचता है तेल; भारत दूसरा सबसे बड़ा खरीदारOPEC से निकलने वाला UAE कच्चे तेल का कितना बड़ा उत्पादक, कहां-कहां बेचता है तेल; भारत दूसरा सबसे बड़ा खरीदारसंयुक्त अरब अमीरात ने 1 मई 2026 से ओपेक और ओपेक प्लस से बाहर होने की घोषणा की है, यह फैसला 65 साल बाद लिया गया है। यूएई दुनिया का 7वां सबसे बड़ा तेल उत्पादक है और इसका अधिकांश कच्चा तेल एशियाई देशों को निर्यात होता है, जिसमें भारत प्रमुख खरीदारों में से एक...
Read more »

भारत को प्रॉफिट, पाकिस्तान को लॉस... UAE के OPEC छोड़ने से किसे कितना नफा-नुकसान?भारत को प्रॉफिट, पाकिस्तान को लॉस... UAE के OPEC छोड़ने से किसे कितना नफा-नुकसान?संयुक्त अरब अमीरात ने OPEC से बाहर निकलने का फैसला लिया है, जो सऊदी अरब और पाकिस्तान के गठजोड़ के खिलाफ उसकी नाराजगी को दर्शाता है. ईरान के साथ टकराव, अमेरिका की नीति बदलाव और खाड़ी सहयोग परिषद के समर्थन की कमी ने यूएई को यह कदम उठाने पर मजबूर किया.
Read more »

UAE Leaves OPEC: UAE का 'मास्टरस्ट्रोक' और भारत की लॉटरी, OPEC छोड़ने के बाद अब 'रुपये' के भाव आएगा अरबों का तेल!UAE Leaves OPEC: UAE का 'मास्टरस्ट्रोक' और भारत की लॉटरी, OPEC छोड़ने के बाद अब 'रुपये' के भाव आएगा अरबों का तेल!ओपेक और ओपेक प्लस छोड़ना यूएई का एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। इसे भारत के फायदे से भी जोड़ा जा रहा है। दिग्गजों का कहना है कि यूएई का यह फैसला अमेरिकी डॉलर का साम्राज्य खत्म कर भारत के लिए रुपये के रास्ते खोल सकता है।
Read more »

OPEC से यूएई का एग्जिट, सऊदी-पाकिस्तान फैक्टर ने कैसे बदला पूरा खेल?OPEC से यूएई का एग्जिट, सऊदी-पाकिस्तान फैक्टर ने कैसे बदला पूरा खेल?यूएई ने ओपेक से बाहर निकलने का फैसला सऊदी अरब के उत्पादन नियंत्रण और पाकिस्तान के रवैये से पनपे असंतोष के कारण लिया। इस कदम से यूएई को तेल उत्पादन की स्वतंत्रता मिलेगी, सऊदी की पकड़ कमजोर होगी और भारत को भी तेल आपूर्ति बढ़ने से फायदा हो सकता है।
Read more »

UAE ने OPEC ही नहीं छोड़ा, वेस्ट एशिया का पावर गेम बदल दियाUAE ने OPEC ही नहीं छोड़ा, वेस्ट एशिया का पावर गेम बदल दियाफारस की खाड़ी के मुहाने पर बसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तेवर और फैसलों से हलचल है. वह तेल निर्यातकों की गोलबंदी OPEC से बाहर हो गया है. एक ऐसा कदम, जो सिर्फ ऑयल के कारोबार का मामला नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी एशिया की जियोपॉलिटिक्स को हिला देने वाला है.
Read more »

UAE OPEC: 'यूएई का ओपेक छोड़ना सऊदी को झटका, ट्रंप को तोहफा', एक्सपर्ट ने बताया मुस्लिम देशों में क्या चल रहा?UAE OPEC: 'यूएई का ओपेक छोड़ना सऊदी को झटका, ट्रंप को तोहफा', एक्सपर्ट ने बताया मुस्लिम देशों में क्या चल रहा?संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने घोषणा की है कि वह प्रमुख तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक और ओपेक प्लस से बाहर हो रहा है। यूएई के इस फैसले का कई देशों पर सीधा असर हो सकता है।
Read more »



Render Time: 2026-05-16 13:01:27