Beyond the Breaking News

₹1500 बांट रहीं ममता, 3.15 करोड़ आधी आबादी टारगेट: लड़कियों को पैसे नहीं, नौकरी चाहिए, महिलाएं बोलीं- नमक क...

West Bengal Election 2026 News

₹1500 बांट रहीं ममता, 3.15 करोड़ आधी आबादी टारगेट: लड़कियों को पैसे नहीं, नौकरी चाहिए, महिलाएं बोलीं- नमक क...
West Bengal Election 2026 NewsBanglar Yuba SathiAnnapurna Yojana

West Bengal (WB) Assembly Election 2026 TMC BJP Freebies/Schemes Impact Analysis Report; Follow Banglar Yuba Sathi, Annapurna Yojana, Lakshmi Bhandar Scheme, Bengal Chunav, Mamata Banerjee TMC, BJP, Congress Latest News On Dainik Bhaskar.

लड़कियों को पैसे नहीं, नौकरी चाहिए, महिलाएं बोलीं- नमक का फर्ज अदा करेंगेपश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने 7 मार्च से 'बांग्लार युवा साथी योजना' लागू की। 1500 रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी। दुर्गापुर की रहने वाली मोमिता ने फॉर्म भरा था, लेकिन खाते में पैसे नहीं आए। गुस्से से भरी मोमिता कहती हैं, ‘पैसों से ज्यादा हमें नौकर21 साल की मोमिता के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है, इसीलिए ग्रेजुएशन पूरा किए बिना पढ़ाई छोड़ दी और छोटा-मोटा काम करने लगीं। वे बहन के साथ काम से लौट रही थीं, तभी मुलाकात हुई। पढ़ाई दोबारा शुरू करने सवाल पर कहती हैं- ‘इतने कम पैसों में पढ़ाई कैसे कर पाएंगे।’ युवा साथी योजना चुनाव से ठीक पहले शुरू हुई है। चुनावी साल में ममता सरकार ने पंडितों और मौलवियों के भत्ते भी बढ़ाए हैं। लक्ष्मी भंडार के तहत महिलाओं को मिलने वाली रकम 500 रुपए बढ़ाई गई है। BJP ने भी कई वादे किए हैं। इन घोषणाओं का जमीन पर कितना असर है,पश्चिम बंगाल में 3.

16 करोड़ महिला वोटर्स हैं, जो किसी भी राजनीतिक पार्टी की जीत में अहम रोल निभाती हैं।ममता बनर्जी ने इस साल बजट में ‘युवा साथी योजना’ का ऐलान किया था। पहली किस्त चुनाव से ठीक पहले आई। इसे लेकर दुर्गापुर की 20 साल की मोह कहती हैं, ‘सरकारी योजनाएं हमारी सुविधा के लिए हैं, फिर फायदा लेने में क्या हर्ज। सरकार कुछ भी अपने घर से नहीं देती है। ये जरूरतमंदों के लिए जनता का ही पैसा है।‘ ‘हमें ऐसी योजनाओं से दिक्कत नहीं, लेकिन नौकरियां भी हों।‘ वहीं, BJP के तीन हजार रुपए देने वादे पर उनकी बहन मोमिता कहती हैं, ‘अगर इसका फायदा मिला, तो हम बहनों की पढ़ाई फिर शुरू हो सकती है।‘पैसे सिर्फ 5 साल मिलेंगे, नौकरी हमेशा रहेगी आसनसोल की रहने वाली संध्या की राय इससे अलग है। 12वीं पास करने के बाद ही संध्या की शादी कर दी गई इसलिए पढ़ नहीं पाईं। कंप्यूटर का बेसिक कोर्स करने के बाद बेकिंग का काम सीखा है। लक्ष्मी भंडार का फायदा लेने के लिए उनकी उम्र नहीं, इसलिए युवा साथी का फॉर्म भरा। खाते में पहली किस्त के 1500 रुपए भी आ गए हैं।हमने पूछा इससे केक बेकिंग का काम भी तो शुरू कर सकती हैं? जवाब मिला, ‘इतने कम पैसों में कैसे होगा। साल भर पैसे जमा करने पड़ेंगे, तभी इस लायक पूंजी होगी।’योजनाओं को लेकर पेरेंट्स की राय अलग है। आसनसोल के रहने वाले गौतम बाध्यकर का कहना है कि ऐसी स्कीम्स ने कई पेरेंट्स की परेशानियां कम कर दी हैं। ये बच्चों की पढ़ाई के काम आएंगी। वे कहते हैं, ‘बच्चे इससे कॉम्पिटीशन के फॉर्म भर सकेंगे। नौकरी का इंटरव्यू देने जाने के लिए घरवालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। माता-पिता का बोझ कम होगा।‘ आसनसोल में राशन दुकान चलाने वाले रवींद्र प्रसाद का भी यही मानना है। वे कहते हैं, ‘महंगाई में पेरेंट्स को थोड़ी राहत मिली है। बच्चों की ट्यूशन फीस आराम से निकल रही है। उनके मोबाइल रिचार्ज जैसे छोटे-मोटे काम हो जा रहे हैं।‘आसनसोल में हम 65 साल की कल्याणी देवी सिंह से मिले। योजनाओं का पूछते ही वे कहती हैं, ‘सिर्फ विधवा पेंशन मिलती है, बाकी का पता नहीं।‘ स्वास्थ्य साथी कार्ड के बारे में वे नहीं जानतीं। हां, राशन कार्ड के लिए फॉर्म भरा है, लेकिन नहीं बना।‘ वोट किसे देंगी, पूछने पर कल्याणी कहती हैं, ‘हमारी एक ही पसंद है, जिसका नमक खाया है। उसे अदा करना है।‘ इसके बाद हम कुल्टी विधानसभा में प्रतिमा केवड़ा से मिले। पति गुजर गए इसलिए घरों में काम करके परिवार चला रही हैं। सरकारी योजनाओं का नाम पर सिर्फ लक्ष्मी भंडार का फायदा मिलता है। जॉब कार्ड है, लेकिन कभी उस पर काम नहीं मिला। स्वास्थ्य साथी कार्ड की कभी जरूरत नहीं पड़ी। प्रतिमा को सबसे ज्यादा जरूरत राशन की है। राशन कार्ड है, लेकिन राशन नहीं मिल रहा।इसके बाद हम मुर्शिदाबाद पहुंचे। यहां हमें ईरानी मूल की भारतीय रुखसार खातून से मिलीं। उनके परिवार के कई लोगों के नाम SIR में कट गए, इसलिए गुस्से में हैं। सरकारी योजनाओं के बारे में पूछने पर कहती हैं, ‘मुझे और बेटी को लक्ष्मी भंडार का पैसा मिलता है। छोटी बेटी को स्कूल से कन्या श्री की राशि मिली है। सरकारी घर भी है।‘ BJP के 3 हजार और कांग्रेस के 2 हजार देने के वादे पर कहती हैं, ‘ये सब राजनीति है। इन पर भरोसा नहीं है, जिन्होंने हमारा साथ दिया, हम उनके साथ हैं।‘ क्या सरकारी मकान पीएम आवास योजना के तहत मिला? इस पर कहती हैं, ‘BJP, बिहार वालों को दे रही है, यहां तो सब दीदी ने दिया है।‘इसके बाद हम शमशेरगंज विधानसभा गए। यहां तकरीबन हर घर में बीड़ी बनाने का काम होता है। यहां मिलीं सुमित्रा दास भी बीड़ी बांधती हैं। 100 बीड़ी बंधाने पर 100 रुपए मिलते हैं। उन्हें लक्ष्मी भंडार योजना का फायदा मिल रहा है, लेकिन वे इससे खुश नहीं हैं। BJP के 3 हजार देने के वादे पर कहती हैं, ‘इतने पैसों से कुछ नहीं होता। पांच साल से लक्ष्मी भंडार के पैसे मिल रहे हैं, लेकिन पहले भी काम करके घर चल रहा था और अब भी। कोई 1500 दे या 3 हजार इससे फर्क नहीं पड़ने वाला है।‘ पुरुलिया जिले की रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के दलित गांव में रहने वाली झरना बाउरी का घर विधवा पेंशन और लक्ष्मी भंडार से चल रहा है। हालांकि वे भी सरकार से खफा हैं क्योंकि स्वास्थ्य साथी कार्ड का फायदा नहीं मिल सका।ममता की योजनाओं का असर समझने के लिए हमने पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रोफेसर मैदुल इस्लाम से बात की। उनका कहना है, ‘ममता बनर्जी ने पिछले 15 साल में इंसान के पैदा होने से लेकर मरने तक कई स्कीमें शुरू कीं, जिनका उन्हेंं फायदा भी मिला। 2021 में लक्ष्मी भंडार योजना की घोषणा हुई। तब महिला वोटर्स TMC के साथ गईं और सीटें भी बढ़ीं।‘ ‘यही 2024 के लोकसभा चुनाव में हुआ। ममता सरकार ने लक्ष्मी भंडार की रकम बढ़ाई और TMC की सीट 22 से बढ़कर 29 हो गई। जबकि BJP की 18 से घटकर 12 हो गईं। अब BJP राज्य में सरकार बनने पर TMC से ज्यादा भत्ता देने की बात कर रही है, लेकिन लोगों तक अपनी बात नहीं पहुंचा पा रही है। वहीं लोगों को ये लगता है कि अगर BJP सत्ता में आई, तो सारी स्कीमें बंद हो जाएगी।‘ ‘साफ है कि इसे वोट के लिए शुरू किया गया है। लेफ्ट की सरकार में बेरोजगारी भत्ता के नाम से ऐसी योजना थी। उसमें युवाओं को हर महीने कुछ राशि मिलती थी, शर्त इतनी थी कि एक्सचेंज ऑफिस जाकर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था।‘ एंटी इनकम्बेंसी को इसकी वजह बताते हुए वे आगे कहते हैं, ‘इसे मैनेज करने के लिए ममता, महिला और युवा वोटरों को स्कीम के जरिए टारगेट कर रही हैं। जहां तक युवाओं को काम और भत्ते देने की बात है, ये दोनों जरूरी हैं। क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें उतनी नौकरियां नहीं दे पा रहीं, जितनी होनी चाहिए। लिहाजा, सरकार को भत्ता देना पड़ रहा है। ये लगभग हर राज्य में हो रहा है।‘ वहीं, पॉलिटिकल एक्सपर्ट उन्नयन बंदोपाध्याय कहते हैं, ‘चुनाव से पहले सभी पार्टियां आजकल ऐसे लोकलुभावन वादे करती हैं। ममता ने भी युवाओं को टारगेट कर अबकी युवा साथी योजना का ऐलान किया है। इसका मकसद 21 से 40 साल तक के वोटर्स को अपनी ओर खींचना है। राज्य में इस वर्ग के युवा वोटर्स लगभग 40-50% हैं।’ ’ममता ने पिछले कार्यकाल में भी कई ऐसी योजनाएं शुरू कीं, लेकिन लोगों की पहली पसंद रोजगार होगा क्योंकि उसमें ज्यादा सिक्योरिटी है।’हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है।पश्चिमी यूपी में मौसम बदला, गाजियाबाद-मेरठ में बारिशहरियाणा में बारिश के साथ ओले गिरेगायाजी में 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा पारानर्मदापुरम: स्कूलों का समय बदला, हीट वेव का यलो अलर्टडिप्टी सीएम विजय चौधरी से लोगों को विकास की उम्मीद

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Bhaskar /  🏆 19. in İN

West Bengal Election 2026 News Banglar Yuba Sathi Annapurna Yojana Lakshmi Bhandar Mamata Banerjee Widow Pension Assembly Elections Unemployment Allowance TMC BJP Congress Lakshmi Bhandar Yojana

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

कांग्रेस की बंगाल के लिए कैंडिडेट्स को लेकर मीटिंग हुई: शाह बोले- असम में NDA 90+ सीटें जीतेगी; खेड़ा बोले-...कांग्रेस की बंगाल के लिए कैंडिडेट्स को लेकर मीटिंग हुई: शाह बोले- असम में NDA 90+ सीटें जीतेगी; खेड़ा बोले-...Assembly Elections (Vidhan Sabha) 2026 Latest Updates; Follow West Bengal Tamil Nadu Kerala Assam Puducherry Election News, BJP Congress DMK TMC Manifesto, Candidates List Information On Dainik Bhaskar.
Read more »

1000 करोड़ की डील पर हुमायूं-BJP से दोस्ती कभी नहीं: बंगाल में बाबरी बनकर रहेगी, ओवैसी के नेता TMC से पैसा ल...1000 करोड़ की डील पर हुमायूं-BJP से दोस्ती कभी नहीं: बंगाल में बाबरी बनकर रहेगी, ओवैसी के नेता TMC से पैसा ल...West Bengal AJUP Chief Humayun Kabir Exclusive Interview Update; Follow West Bengal Assembly Election 2026, Humayun Kabir Viral Video, BJP, RSS, Asaduddin Owaisi, AIMIM AJUP Alliance, TMC Latest News On Dainik Bhaskar.
Read more »

मोदी बोले- बंगाल में डर का माहौल, हिंसा चरम पर: ममता बोलीं- BJP हद पार कर रही; पीएम आज तमिलनाडु में रोड शो ...मोदी बोले- बंगाल में डर का माहौल, हिंसा चरम पर: ममता बोलीं- BJP हद पार कर रही; पीएम आज तमिलनाडु में रोड शो ...Assembly Elections (Vidhan Sabha) 15 April 2026 Latest Updates; Follow West Bengal Tamil Nadu Kerala Assam Puducherry Election News, BJP Congress DMK TMC Manifesto, Candidates List Information On Dainik Bhaskar.
Read more »

क्या बंगाल में BJP-RSS का माइक्रो मैनेजमेंट बनेगा गेमचेंजर: जीत की 12 स्ट्रैटजी; हिंदुओं की वोटिंग बढ़ाने, ...क्या बंगाल में BJP-RSS का माइक्रो मैनेजमेंट बनेगा गेमचेंजर: जीत की 12 स्ट्रैटजी; हिंदुओं की वोटिंग बढ़ाने, ...Meta Description; West Bengal (WB) Assembly Election 2026 BJP RSS Political Scenario Analysis Report; Follow Trinamool Congress, Rashtriya Swayamsevak Sangh, Bharatiya Janata Party, Mamata Banerjee Latest News, Reports On Dainik Bhaskar.
Read more »

Uttarakhand: बढ़ेगी विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली और बौना पेंशन, मंत्री ने दिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देशUttarakhand: बढ़ेगी विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली और बौना पेंशन, मंत्री ने दिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देशप्रदेश में विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली और बौना पेंशन बढ़ेगी। समाज कल्याण मंत्री खजानदास के मुताबिक विधवा और दिव्यांग पेंशन को 1500 से बढ़ाकर 1875 रुपये किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को इसके लिए प्रस्ताव
Read more »

लखनऊ विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए आवेदन शुरू, विभिन्न यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के अवसरलखनऊ विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए आवेदन शुरू, विभिन्न यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के अवसरलखनऊ विश्वविद्यालय (LU) ने सत्र 2026-27 के लिए स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। LURN पोर्टल के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न पाठ्यक्रमों जैसे बीए, बीएससी, बीकॉम, एलएलबी, बीसीए, बीबीए, डीफार्मा, बीवोक, बीएचएमसीटी आदि के लिए सीटों की संख्या और आवेदन शुल्क की जानकारी जारी की है। अनारक्षित, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 1200 रुपये से 1500 रुपये तक है, जबकि एससी/एसटी के लिए यह 600 रुपये से 750 रुपये तक है।
Read more »



Render Time: 2026-05-30 15:41:37