Iran Hormuz new traffic system launch, special service tax, UAE Oman attack threat. Follow Latest Updates. ईरान होर्मुज के लिए जल्द नया ट्रैफिक सिस्टम लाएगाकहा- खास सर्विस के लिए टैक्स लगेगा; UAE और ओमान पर हमले की धमकी
ईरान पर हमले का शक; ट्रम्प ने फिर ईरान में सब कुछ तबाह करने की धमकी दी UAE के अल धफरा इलाके में स्थित बराकाह न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट के बाहर ड्रोन हमले के बाद एक बिजली जनरेटर में आग लग गई। अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। साथ ही न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा और रेडिएशन स्तर पर भी कोई असर नहीं पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, प्लांट की सभी जरूरी मशीनें और सिस्टम सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन या देश ने नहीं ली है, लेकिन ईरान पर शक जताया जा रहा है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर ईरान को धमकी दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है और उसे बहुत जल्दी कदम उठाने होंगे, नहीं तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा। वहीं, ईरान जंग के बीच एक और LPG टैंकर होर्मुज पार कर भारत पहुंच गया है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर ‘सिमी’ 20 हजार टन LPG लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद अब तक 15 LPG जहाज भारत पहुंच चुके हैं।अमेरिका की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच 45 दिन संघर्षविराम बढ़ाया गया। 29 मई को सैन्य प्रतिनिधियों की बैठक भी होगी।ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पहली बार स्थायी रोक की बजाय 20 साल के सस्पेंशन की बात कही। साथ ही कहा कि ईरान को लेकर उनका धैर्य खत्म हो रहा है।चीन ने होर्मुज पर UN में अमेरिका-बहरीन समर्थित प्रस्ताव को गलत समय और गलत कंटेंट वाला बताया।ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिका के इजराइल के हमलों में 1260 मौतें और 51 हजार घर, 10 हजार से ज्यादा गाड़ियां और सैकड़ों बाइक भी क्षतिग्रस्त हुईं।सीजफायर बढ़ने के बावजूद इजराइल ने कई इलाकों में एयरस्ट्राइक और गोलाबारी की। लगातार हमलों के कारण लोग पलायन कर रहे हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर ईरान को धमकी दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है और उसे बहुत जल्दी कदम उठाने होंगे, नहीं तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा।फॉरेन पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट की सीनियर एक्सपर्ट एमा सैलिसबरी ने कहा है कि होर्मुज में जहाजों से टैक्स लेने की ईरान की योजना खतरनाक मिसाल बन सकती है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने नए समुद्री नियमों की तुलना मलक्का स्ट्रेट, स्वेज नहर और बॉस्फोरस जैसे अंतरराष्ट्रीय मार्गों से कर रहा है, लेकिन बड़ा फर्क यह है कि ईरान तय करना चाहता है कि कौन से जहाज गुजरेंगे और कौन नहीं। सैलिसबरी के मुताबिक, यह समुद्री आवाजाही की आजादी के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने हर जहाज से 20 लाख डॉलर तक शुल्क लेने की संभावित योजना को उगाही बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस तरह की व्यवस्था को स्वीकार किया गया, तो दुनिया के दूसरे अहम समुद्री रास्तों पर भी ऐसा होने का खतरा बढ़ जाएगा। हूती जैसे संगठन भी भविष्य में समुद्री मार्गों पर कब्जा जमाकर जहाजों से वसूली की कोशिश कर सकते हैं। UAE के बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले को देश के अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हमले के तौर पर देखा जा रहा है। पत्रकार नताशा तुराक के मुताबिक, यह प्लांट UAE की कुल बिजली जरूरत का करीब एक चौथाई हिस्सा पूरा करता है। उन्होंने अल जजीरा से बातचीत में कहा कि बराकाह प्लांट सिर्फ UAE के लिए गर्व का विषय नहीं है, बल्कि देश के 2050 तक नेट-जीरो टारगेट को हासिल करने में भी इसकी बड़ी भूमिका है। तुराक ने कहा कि अगर यह हमला ईरान की तरफ से हुआ है, तो यह UAE के महत्वपूर्ण ढांचे, खासकर बिजली सुविधाओं को निशाना बनाने के पैटर्न का हिस्सा माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार UAE की परमाणु ऊर्जा सुविधा को निशाना बनाया गया है।लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से शुरू हुए संघर्ष के बाद इजराइल के हमलों में अब तक 2,988 लोगों की मौत हो चुकी है। मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में 9,210 लोग घायल भी हुए हैं।फॉरेन पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट की सीनियर एक्सपर्ट एमा सैलिसबरी ने कहा है कि ईरान होर्मुज पर अपना कंट्रोल बिना लड़ाई के नहीं छोड़ेगा। अल जजीरा से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान अच्छी तरह जानता है कि होर्मुज पर उसका कंट्रोल दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है। इसी रास्ते से तेल, गैस, खाद और कई जरूरी सामानों की सप्लाई होती है। विशेषज्ञ के मुताबिक, अगर ईरान जहाजों से टोल वसूलने की अपनी योजना लागू करता है, तो भुगतान करने वाले जहाजों पर ईरान से जुड़े प्रतिबंधों का असर पड़ सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा जोखिम पैदा होगा।ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल का मकसद ईरान के अंदर असुरक्षा और अशांति फैलाना था। इसके लिए आतंकवादी समूहों का सहारा लिया गया। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से मुलाकात के दौरान पजशकियान ने कहा कि यह योजना सफल नहीं हो सकी, क्योंकि ईरान के पड़ोसी देशों ने जिम्मेदारी दिखाई और अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने दिया। ईरानी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान, इराक और अफगानिस्तान का खास तौर पर धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इन देशों ने अपनी धरती से ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की अनुमति नहीं दी।ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के साथ शांति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पांच बड़ी शर्तें रखी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ईरान को बमबारी से हुए नुकसान का कोई मुआवजा नहीं देगा। साथ ही उसने मांग की है कि ईरान अपने 400 किलोग्राम एनरिच्ड यूरेनियम को अमेरिका को सौंपे। अमेरिका की एक और शर्त यह बताई गई है कि ईरान में सिर्फ एक परमाणु सेंटर ही चालू रहना चाहिए। इसके अलावा, अमेरिका ईरान की फ्रीज हुई विदेशी संपत्तियों में से 25% से ज्यादा रकम जारी करने के पक्ष में नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन चाहता है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने का मुद्दा बातचीत के जरिए हल किया जाए। हालांकि इन शर्तों पर अभी तक अमेरिका या ईरान की तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।गाजा के दीर अल-बलाह इलाके में इजराइली सेना ने एक कम्युनिटी किचन को निशाना बनाया। यह रसोई तुर्की सरकार से जुड़ी संस्था चला रही थी और विस्थापित परिवारों को खाना उपलब्ध करा रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में संस्था के तीन कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दीर अल-बलाह में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रह रहे हैं, जो खान यूनिस, राफा और शहर के पूर्वी इलाकों से विस्थापित हुए हैं। इसके अलावा, शनिवार को अल-शिफा अस्पताल के पास एक वाहन पर हुए हमले में दो फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। बताया गया कि ये लोग “कवाफिल अल-खैर” नाम की राहत संस्था से जुड़े थे।पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से मुलाकात की। तेहरान स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने इसकी जानकारी दी। मोहसिन नकवी शनिवार को ईरान पहुंचे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने राष्ट्रपति भवन में करीब तीन घंटे बिताए। इस दौरान ईरान के गृह मंत्री और विदेश मंत्री भी मौजूद रहे।कतर स्थित जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल एक्सपर्ट पॉल मस्क्रेव ने कहा है कि होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। अल जजीरा से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह कदम संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून समझौते का साफ उल्लंघन है। मस्क्रेव के मुताबिक, इसका असर सिर्फ होर्मुज तक सीमित नहीं रहेगा। इससे दुनिया के दूसरे अहम समुद्री रास्तों को लेकर भी खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर स्पेन भी भूमध्य सागर में आने-जाने वाले जहाजों पर इसी तरह नियंत्रण की घोषणा कर दे, तो इससे वैश्विक व्यापार और समुद्री व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा।ईरान के एक थिंक-टैंक के प्रमुख हमीदरेजा गोलामजादेह ने दावा किया है कि कई देश होर्मुज से जहाजों की आवाजाही करने के लिए ईरान से बातचीत कर रहे हैं। अल जजीरा से बातचीत में उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश, भले ही सार्वजनिक तौर पर अलग बयान दे रहे हों, लेकिन अंदरखाने ईरान से संपर्क कर रहे हैं ताकि उनके जहाज सुरक्षित तरीके से इस रास्ते से गुजर सकें। उन्होंने दावा किया कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी ईरान से बातचीत की है। उनके मुताबिक, फ्रांस ईरान के तय नियमों के तहत इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करना चाहता है। गोलामजादेह ने कहा कि कई देशों के रणनीतिक तेल भंडार तेजी से कम हो रहे हैं, इसलिए उन्हें जल्द कोई समाधान निकालना जरूरी लग रहा है।इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई शहरों और गांवों के लोगों को इलाके खाली करने की चेतावनी दी है। इजराइली सेना के प्रवक्ता ने अरजी, अल-मरवानियाह, अल-बाबिलियाह और अल-बयसारियाह के निवासियों से तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है। इजराइल ने इन इलाकों पर हमला करने की धमकी दी है।कब्जे वाले वेस्ट बैंक के रामल्लाह इलाके के पास इजराइली सेना ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। न्यूज एजेंसी वफा के मुताबिक, यह कार्रवाई उम्म सफा गांव के एंट्री गेट पर हुई। इजराइली सैनिकों ने दो युवकों को रोका, उनके साथ मारपीट की और उनकी निजी गाड़ी भी जब्त कर ली। UAE का न्यूक्लियर प्लांट 20 अरब डॉलर की लागत से बना न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, UAE के न्यूक्लियर प्लांट हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन या देश ने नहीं ली है, लेकिन ईरान पर शक जताया जा रहा है। हाल के दिनों में ईरान लगातार UAE को धमकी देता रहा है। युद्ध के दौरान UAE में इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम और अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। बराकाह परमाणु संयंत्र UAE और पूरे अरब रीजन का पहला कमर्शियल न्यूक्लियर प्लांट है। इसे दक्षिण कोरिया की मदद से करीब 20 अरब डॉलर की लागत से बनाया गया था और यह साल 2020 में शुरू हुआ था। यह प्लांट UAE की लगभग एक चौथाई बिजली जरूरत पूरी करता है। यह पहली बार है जब ईरान युद्ध के दौरान बराकाह परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया है।अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को युद्धविराम होने के बाद भी UAE पर ड्रोन हमले जारी हैं। युद्ध की शुरुआत में ईरान ने कहा था कि वह उन पड़ोसी देशों को निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने और इजरायल से जुड़े हित मौजूद हैं। हालांकि सबसे ज्यादा असर UAE पर पड़ा है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। पिछले हफ्ते UAE ने ईरान पर फुजैराह पोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया था। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए थे। साथ ही फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज ज़ोन की एक तेल रिफाइनरी में आग लगने की खबर भी सामने आई थी।इजराइल ने लेबनान में हवाई हमले और सैन्य दबाव बढ़ा दिया है। दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी के आसपास लगातार एयर स्ट्राइक की जा रही हैं, जबकि राजधानी बेरूत के ऊपर इजराइली ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते देखे गए। पिछले एक सप्ताह में दक्षिणी लेबनान के मरजायून जिले और नबातियेह क्षेत्र में इजराइली हमलों में तेजी आई है। रविवार को बेरूत के ऊपर बड़ी संख्या में इजराइली ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते देखे गए। स्थानीय लोगों ने लगातार ड्रोन की आवाजें सुनने और शहर के ऊपर उनकी गतिविधियां बढ़ने की जानकारी दी। विश्लेषकों का मानना है कि इजराइल इस कदम के जरिए साफ संदेश देना चाहता है कि जब तक उसे सुरक्षा स्थिति संतोषजनक नहीं लगती, तब तक उसकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के मुताबिक विदेश मंत्री चो ह्यून ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के पास दक्षिण कोरियाई कार्गो जहाज पर हुए हमले को लेकर ईरान का पक्ष और घटना की जानकारी मांगी।दक्षिण कोरिया के एक अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि शुरुआती आकलन के मुताबिक हमले के पीछे ईरान के अलावा किसी अन्य पक्ष के होने की संभावना कम दिखाई देती है। हालांकि, सियोल सरकार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से किसी पर सीधे आरोप नहीं लगाया है।यूएई के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट में ड्रोन हमले के बाद आग लगी यूएई के अल-धफरा क्षेत्र स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक हमले में एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने कहा कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ और परमाणु सुरक्षा या रेडिएशन स्तर पर कोई असर नहीं पड़ा है। अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी सुरक्षा घेरे के बाहर स्थित एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लगी। शुरुआती जांच में आग की वजह ड्रोन हमला बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है और संयंत्र के संचालन पर किसी तरह का गंभीर असर नहीं पड़ा। यूएई प्रशासन ने कहा कि घटना के बावजूद रेडियोलॉजिकल सेफ्टी लेवल सामान्य हैं और जनता के लिए कोई खतरा नहीं है। बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट अरब दुनिया का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र माना जाता है। यह यूएई की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करता है। घटना ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में ड्रोन और मिसाइल हमलों को लेकर क्षेत्रीय तनाव लगातार बना हुआ है। हालांकि हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन या देश ने नहीं ली है।ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ को चीन मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त किया गया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक वे अब ईरान और चीन के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों के समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। हाल के महीनों में गालिबाफ अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर हुई बातचीत में भी प्रमुख वार्ताकार के तौर पर उभरे हैं। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने रविवार को “सूत्रों” के हवाले से बताया कि गालिबाफ को “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के चीन मामलों के विशेष प्रतिनिधि” की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उनकी नियुक्ति किस स्तर पर की गई है, लेकिन ईरानी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे तेहरान-बीजिंग संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया है। पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर रह चुके गालिबाफ 2020 से ईरानी संसद के स्पीकर हैं। वे इससे पहले तेहरान के मेयर और राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख भी रह चुके हैं।ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के चेयरमैन इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि उनका देश जल्द ही होर्मुज में जहाजों की आवाजाही के लिए नया सिस्टम शुरू करेगा। उन्होंने शनिवार को कहा कि यह व्यवस्था ईरान की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इब्राहिम अजीजी के मुताबिक, इस नए सिस्टम में सिर्फ वही कारोबारी जहाज और देश फायदा उठा सकेंगे जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यवस्था के तहत दी जाने वाली खास सेवाओं के लिए टैक्स लिया जाएगा। वहीं ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कुवैत और UAE को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अब तक संयम बरता है, लेकिन यह हमेशा नहीं चलेगा। मोखबर ने कहा कि इन देशों ने अपने इलाके को ईरान के दुश्मनों के इस्तेमाल के लिए खुला छोड़ दिया है। ईरान ने लंबे समय तक उन्हें दोस्त और भाई माना, लेकिन अब उन्होंने अपनी आजादी तक बेच दी है और अपने देश की जमीन दुश्मनों को इस्तेमाल करने दी है।ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि दुनिया अब नए दौर की तरफ बढ़ रही है और पश्चिमी देशों का दबदबा धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। आने वाला समय ग्लोबल साउथ का होगा। गालिबाफ ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जिस बड़े वैश्विक बदलाव की बात कही थी, ईरान के 70 दिन के प्रतिरोध ने उस बदलाव की रफ्तार और बढ़ा दी है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में बीजिंग में डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग की अहम बैठक हुई, जिसमें व्यापार, ताइवान और पश्चिम एशिया के तनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।कजाकिस्तान ने ईरान को 30 वैगन मानवीय सहायता भेजी है। यह मदद ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इजराइल के साथ लंबे संघर्ष के बाद ईरान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ईरानी लोकल न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, यह सहायता कजाकिस्तान के राष्ट्रपति के आदेश पर भेजी गई। इसमें डिब्बाबंद मीट, चीनी, आटा, दवाइयां और मेडिकल उपकरण शामिल हैं। ईरान में कजाकिस्तान के राजदूत ओंतालाप ओनालबायेव ने कहा, “मुश्किल समय में ही असली दोस्तों की पहचान होती है।” उन्होंने ईरान को मध्य पूर्व और इस्लामिक दुनिया में कजाकिस्तान का अहम साझेदार बताया। ईरान इस समय भारी आर्थिक दबाव झेल रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में महंगाई करीब 53.
7% तक पहुंच गई है, जबकि खाने-पीने की चीजों की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 115% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं।कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने आपसी रिश्तों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की, जिसमें अमेरिका-ईरान सीजफायर और तनाव कम करने की कोशिशें भी शामिल रहीं। कतर ने सभी पक्षों से बातचीत के जरिए संकट का स्थायी समाधान निकालने की अपील की। शेख मोहम्मद ने कहा कि मध्यस्थता की कोशिशों का समर्थन होना चाहिए, ताकि क्षेत्र में दोबारा तनाव न बढ़े।लेबनान के अर्थव्यवस्था मंत्री अमेर बिसात ने कहा है कि मार्च से इजराइली हमलों के कारण देश को करीब 2 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है। यह नुकसान लेबनान की GDP का करीब 7% है। उन्होंने कहा कि युद्ध का असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और कारोबार पर पड़ा है। कई लोगों की नौकरियां गईं, खेती प्रभावित हुई, फैक्ट्रियां बंद हुईं और पर्यटक आना कम हो गए।इजराइली सेना- दक्षिणी लेबनान में सैनिकों को निशाना बनाया इजराइली सेना ने कहा कि उत्तरी इजराइल के मिसगाव आम इलाके में सायरन बजने के बाद एक संदिग्ध ड्रोन या विमान देखा गया। सेना के मुताबिक, यह दक्षिणी लेबनान में तैनात इजराइली सैनिकों के पास गिरा। हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इजराइल ने बताया कि हिजबुल्लाह ने रातभर रॉकेट और विस्फोटक ड्रोन से हमले किए, लेकिन इनमें भी कोई नुकसान नहीं हुआ।हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना के बुलडोजरों और सैनिकों को निशाना बनाया। समूह के मुताबिक, राशाफ शहर से हदाथा की तरफ बढ़ रहे इजराइली सेना के तीसरे बुलडोजर के पास विस्फोटक जाल में धमाका किया गया। इसी तरह आगे बढ़ रहे चौथे इजराइली बुलडोजर को भी दूसरे विस्फोटक जाल से निशाना बनाया गया। समूह का यह भी दावा है कि हदाथा शहर के बाहरी इलाके में मौजूद इजराइली सैनिकों और सैन्य वाहनों पर रॉकेट दागे गए।वियना में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए रूस के प्रतिनिधि मिखाइल उल्यानोव ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजराइल फिर से ईरान पर हमले शुरू करते हैं, तो यह उनकी पुरानी रणनीतिक गलतियों को दोहराने जैसा होगा। उन्होंने X पर न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका और इजराइल ईरान पर दोबारा हमले शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन कई सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई है। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पिछले हफ्ते कहा था कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका तनाव बढ़ाने के लिए तैयार है।लेबनान में इजराइली हमलों से भाग रहे कई परिवार विस्थापित हुए, जिसके कारण बच्चे फुटपाथ पर बैठे नजर आए। यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि लेबनान में जारी हिंसा और बड़े पैमाने पर विस्थापन की वजह से लाखों बच्चों की मानसिक हालत पर गंभीर असर पड़ रहा है। करीब 7.7 लाख बच्चे लगातार हिंसा, डर और घर छोड़ने की मजबूरी के कारण भारी मानसिक तनाव झेल रहे हैं। यूनिसेफ के मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका क्षेत्रीय निदेशक एडुआर्ड बेइगबेडर ने कहा, ‘अगर तुरंत मदद नहीं मिली, तो इस संकट के मानसिक घाव बच्चों के साथ कई साल तक रह सकते हैं। इसका असर सिर्फ उनकी जिंदगी पर नहीं, बल्कि देश के भविष्य पर भी पड़ेगा।’वियना में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए रूस के स्थायी प्रतिनिधि मिखाइल उल्यानोव ने कहा है कि रूस होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चीन के रुख का पूरी तरह समर्थन करता है। उन्होंने X पर लिखा कि रूस भी मानता है कि इस संकट का हल स्थायी और व्यापक सीजफायर से ही निकल सकता है। यह बयान चीन के विदेश मंत्री वांग यी की टिप्पणी के बाद आया। वांग यी ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव खत्म करने के लिए वॉशिंगटन और तेहरान के बीच स्थायी युद्धविराम जरूरी है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रम्प से बातचीत में साफ कहा कि ताकत से समस्याओं का हल नहीं निकलता।ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा है कि अब दुश्मन देशों के सैन्य उपकरणों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ईरान पहले अपने खिलाफ इस्तेमाल होने वाले हथियारों को भी इस रास्ते से गुजरने देता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आरिफ ने कहा कि ईरान ने पहले होर्मुज स्ट्रेट पर अपने संप्रभु अधिकारों का इस्तेमाल नहीं किया था। ईरान ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए नया मैकेनिज्म लागू करने की भी बात कही है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था का फायदा सिर्फ उन्हीं जहाजों और देशों को मिलेगा जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे।भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल शिपिंग रोकने और नौवहन में बाधा डालने को अस्वीकार्य बताया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पूरी तरह सम्मान होना चाहिए। हरीश ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद की विशेष बैठक में भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा और उर्वरक संकट गहरा रहा है। इससे निपटने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपायों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक क्रू को खतरे में डालना और होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता रोकना स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए नया सिस्टम लागू करने की बात कही है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि इस व्यवस्था का फायदा सिर्फ उन्हीं जहाजों और देशों को मिलेगा जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे।इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर वेस्ट एशिया संकट खत्म करने के लिए समझौता नहीं हुआ तो हालात “बहुत खराब” हो सकते हैं। वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ही क्षेत्र में शांति की राह में सबसे बड़ी बाधा है।ईरान में सरकार और सेना के समर्थन में बड़े पैमाने पर रैलियां निकाली जा रही हैं। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक शनिवार रात मशहद शहर में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने ईरानी झंडे लहराए और सेना के समर्थन में नारे लगाए। रैलियों में शामिल लोगों ने कहा कि वे देश और सेना के साथ मजबूती से खड़े हैं। हाल के दिनों में अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़े तनाव के बीच ईरान घरेलू समर्थन का प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान, इस्फहान और अन्य शहरों में भी इसी तरह के मार्च और प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय एकता और सैन्य ताकत का संदेश देने की कोशिश की।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर अमेरिका के साथ चल रही बातचीत बेनतीजा रही तो ईरान सीधे युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इस टकराव का असर अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि तेहरान हर स्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिए कि यदि बातचीत से स्वीकार्य नतीजे नहीं निकले तो सैन्य विकल्प भी खुला रहेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान-इजराइल-अमेरिका तनाव का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। उनके मुताबिक ऊर्जा लागत और महंगाई तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड्स, मॉर्गेज रेट्स और ऑटो लोन डिफॉल्ट बढ़ने का भी जिक्र किया।ईरान ने कहा कि संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट प्रभावी रूप से बंद है। दुनिया के करीब 20% तेल और गैस सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में वैश्विक तेल बाजार और ईंधन कीमतों पर असर बढ़ने की आशंका है। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इसी बीच ईरान लगातार सख्त संदेश देकर दबाव की रणनीति अपना रहा है।संघर्षविराम बढ़ाए जाने के बावजूद इजराइल ने दक्षिण लेबनान में हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में 30 से ज्यादा हमले किए गए। लगातार एयरस्ट्राइक और गोलाबारी के कारण हजारों लोग दक्षिणी इलाकों से पलायन कर रहे हैं। पिछले कई हफ्तों से लेबनान में संघर्षविराम लागू है, लेकिन इसके बावजूद इजराइली हमले लगातार जारी हैं। हमलों और निकासी आदेशों के कारण दक्षिण लेबनान से हजारों लोग पलायन कर रहे हैं। सैदा से बेरूत जाने वाले हाईवे पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर जाते दिखाई दिए।ब्रिटेन ने मिडिल ईस्ट में नया लो-कॉस्ट एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया है। सरकार ने बयान जारी कर कहा कि नया APKWS सिस्टम मौजूदा मिसाइलों की तुलना में काफी कम लागत वाला है। सरकार के मुताबिक, यह सिस्टम RAF टाइफून फाइटर जेट्स पर फिट किया जाएगा ताकि दुश्मन के ड्रोन और अन्य लक्ष्यों को ज्यादा सटीकता के साथ नष्ट किया जा सके। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब पिछले कई महीनों में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने ऊर्जा और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया था। इन हमलों को क्षेत्रीय युद्ध के व्यापक जवाब का हिस्सा माना जा रहा है। ब्रिटेन ने कहा कि नया सिस्टम कम खर्च में हवाई खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ाएगा।पहले कोरोना, फिर युद्ध, अब ऊर्जा संकट, हालात नहीं बदले तो गरीबी के दलदल में फंसेंगेISIS के नंबर-2 कमांडर की अमेरिकी ऑपरेशन में मौत:ट्रम्प के बाद अब पुतिन भी चीन जाएंगे:आगरा में वीकेंड पर 20,000 पर्यटकों ने देखा ताजकोटा में रात में भी तप रहे मकानमेरठ में आज 40 डिग्री पार करेगा तापमानप्रयागराज में आंधी-बारिश के बाद फिर बढ़ी तपिश, तापमान 44°Cगोरखपुर में आज 40°C तक जा सकता है तापमान
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