योगी कैबिनेट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मंत्री बनने की कहानी तय करने वाली कृष्णा पासवान को यूपी सरकार में राज्यमंत्री के पद पर नियुक्त किया है। कृष्णा पासवान की निजी जिंदगी निजी फिल्मों की कहानी जैसी है। कभी साइकिल से चलती थीं, बाद में जिला पंचायत सदस्य और अब फतेहपुर की खागा सीट से जबरदस्त प्रदर्शन करती हैं।
योगी कैबिनेट का रविवार को दूसरी बार विस्तार हुआ। 6 नए मंत्री बनाए गए हैं। इनमें कृष्णा पासवान भी शामिल हैं। यूपी सरकार में राज्यमंत्री बनीं 60 साल की कृष्णा पासवान की निजी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी जैसी है।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मंत्री बनने का सफर तय करने वाली कृष्णा पासवान कभी साइकिल से चलती थीं। जिला पंचायत सदस्य से राजनीति में कदम रखा। अब फतेहपुर की खागा सीट से लगातार चौथी बार विधायक हैं। फरवरी, 2026 में वह तब ज्यादा चर्चा में रहीं, जब उन्होंने क्वॉलिटी चेक करने के लिए खुद फावड़ा लेकर सड़क खोद डाली थी। कृष्णा पासवान को मंत्री बनने से पहले कितने संघर्ष करने पड़े?
योगी सरकार ने उन पर भरोसा क्यों जताया?
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल खागा विधायक कृष्णा पासवान को मंत्री पद की शपथ दिलाते हुए।कृष्णा पासवान का जन्म 1 अगस्त, 1963 को फतेहपुर जिले के पिलखिनी गांव में एक दलित परिवार में हुआ था। पिता दर्शन पासवान खेतिहर मजदूर थे। परिवार की आर्थिक स्थिति की वजह से वह सिर्फ 10वीं तक ही पढ़ पाईं। 25 मई, 1980 में जब कृष्णा 17 साल की थीं, तभी उनकी शादी श्रीपाल पासवान से हो गई थी। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से 1985 में कृष्णा गोपालपुर कुसुंबी गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बन गईं। वह बैठकों में साइकिल से जाती थीं। इस वजह से उन्होंने क्षेत्र की गरीबी, शिक्षा और स्वास्थ्य समस्याओं को करीब से देखा है।ने फरवरी- 2026 में सड़क निर्माण में हो रही धांधली को रंगेहाथ पकड़ने के लिए खुद फावड़ा उठा लिया था। गांववालों ने ऐमापुर से रतनपुर के बीच 38 लाख की लागत से बन रही 2.2 किमी सड़क की क्वॉलिटी पर सवाल उठाए थे। शिकायत पर कृष्णा पासवान मौके पर पहुंचीं और फावड़ा लेकर सड़क खोदने लगीं। सड़क की हालत ऐसी ती कि वह हाथ से ही उखड़ जा रही थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया गया था। कृष्णा ने अधिकारियों से बात करके सड़क निर्माण का काम बंद कराया। इसके बाद ठेकेदार और PWD अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। इसकी शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ तक भी पहुंची थी।पासी समाज को साधने कृष्णा को बनाया मंत्री यूपी के दलितों में जाटव के बाद पासी समाज की सबसे ज्यादा आबादी है। प्रदेश में करीब 6% यानी 1.20 से 1.30 करोड़ के बीच पासी समाज के लोग हैं। प्रदेश की 35 से 40 सीटों पर पासी समाज निर्णायक असर रखता है। लंबे समय तक पासी समाज में बसपा की पैठ थी। भाजपा ने 2014 के बाद पासी समाज को साधने की कोशिश शुरू की। केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी बांसगांव लोकसभा से आने वाले कमलेश पासवान मंत्री हैं। अब यूपी में भाजपा कृष्णा पासवान को मंत्री बनाकर अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। वहीं, सपा अयोध्या सांसद अवधेश पासी के जरिए इस वर्ग को साधने की कोशिश में जुटी है।यूपी के करीब 14 जिलों में पासी समाज का ज्यादा असर है। इनमें लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या, जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर और गोरखपुर शामिल हैं।से बातचीत में सीएम योगी और पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा है।योगी मंत्रिमंडल में 6 नए मंत्री बने, 2 का प्रमोशन, शपथ के बाद राज्यपाल-सीएम के पैर छुए, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रहीं कृष्णा पासवान भी मंत्री बनीं यूपी की योगी कैबिनेट का 10 मई को दूसरी बार विस्तार हुआ। 2 कैबिनेट और 4 राज्यमंत्री मिलाकर 6 नए सदस्य शामिल हुए। वहीं 2 राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर राज्यमंत्री बनाया गया। राजभवन में रविवार को आयोजित समारोह में सबसे पहले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने शपथ ली। इसके बाद सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय ने शपथ ली। दोनों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने से 5 की मौतश्रीगंगानगर में 12 मई तक हीटवेव का अलर्टमेरठ में उमस बढ़ी, सुबह 35 डिग्री पहुंचा तापमाननर्मदापुरम में रात में चली हवा-आंधी
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