भारत अमेरिका के बीच समझौते का देश के स्मार्टफोन और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर क्या असर होगा, इस बारे में एनबीटी टेक से बेनक्यू इंडिया के मैनेजिंंग डायरेक्टर ने बात की। क्या बताया एक्सपर्ट ने, आइए जानते हैं।
भारत और अमेरिका के बीच हुए बड़े व्यापार समझौते के बाद यह सवाल पूछा जा रहा है कि इससे भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में क्या बदलाव आएगा? क्या स्मार्टफोन्स सस्ते हो जाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में क्या बदलाव देखने को मिल सकता है? याद रहे कि अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान किया है। प्रमुख टेक एक्सपर्ट ने एनबीटी टेक से कहा है कि इस समझौते से देश के टेक्नोलॉजी सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। इससे भारतीय कंपनियां दुनिया भर में अपने कारोबार को बढ़ा सकेंगी।गैजेट्स के प्राइस तय करना होगा आसानBenQ इंडिया और साउथ एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, राजीव सिंह ने एनबीटी टेक को बताया है कि अमेरिका-भारत के बीच समझौते से देश के टेक्नोलॉजी सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। इससे भारतीय कंपनियां दुनिया भर में अपने कारोबार को बढ़ा सकेंगी और ज्यादा कॉम्पिटिटिव बन सकेंगी। खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों के लिए यह एक अच्छा मौका है। कम टैरिफ से भारतीय टेक कंपनियों को दूसरे देशों में अपना सामान बेचना आसान होगा। इससे उनकी लागत कम होगी और वे विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर सकेंगी। डिस्प्ले और डिजिटल सॉल्यूशन बनाने वाली कंपनियों के लिए भी यह अच्छी खबर है। टैरिफ कम होने से वे अलग-अलग देशों से सामान आसानी से मंगा सकेंगी और अपने एक्सपोर्ट को बढ़ा सकेंगी। यह ऐसे समय में हो रहा है जब भारत सरकार सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते से किसी गैजेट की कीमत को तय करना आसान हो जाएगा। इससे फोन्स की कीमतों में कमी आ सकती है, लेकिन उसका फायदा भारतीय यूजर्स को मिलेगा या नहीं, अभी कहना जल्दबाजी होगी। घट सकती हैं स्मार्टफोन्स की कीमतेंयाद रखने वाली बात यह है कि भारत में स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग लगातार बढ़ रही है। अमेरिका में अब मेड इन इंडिया आईफोन्स भेजे जा रहे हैं। अमेरिका-भारत के बीच डील होने से स्मार्टफोन और उससे जुड़े कॉम्पोनेंट्स बनाने वाली कंपनियों की चिंता कम होगी। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और अमेरिका दोनों देशाें में स्मार्टफोन्स की कीमतें घट सकती हैं, लेकिन इसका असर बहुत जल्द दिखाई नहीं देगा। उसमें वक्त लग सकता है। सबसे ज्यादा फायदा ऐपल उठा सकती है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी फायदारिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच हुई डील की टाइमिंग बहुत सही है। यह ऐसा समय है जब भारत अपने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है। आने वाले वक्त में भारत में चिप डिजाइन, टेस्टिंग और उनकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिल सकता है। अगर देश में ही मैन्युफैक्चरिंग होगी तो उससे भारत को भी कम कीमतों पर चीजें उपलब्ध होंगी। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के साथ हुए समझौते के बाद भारत खुद को इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में और मजबूत बना सकता है। इससे भारत में ना सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी बल्कि लोगों को काम भी मिलेगा। 6G के विकास में मिल सकती है मददरिपोर्टों में कहा जा रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ समझौता देश को टेलिकॉम के क्षेत्र में भी आगे लेकर जा सकता है। 6जी के डेवलपमेंट में तेजी आने की उम्मीद है। भारत स्वदेशी तकनीक के साथ-साथ अमेरिकी सहयोग भी पा सकेगा।.
भारत और अमेरिका के बीच हुए बड़े व्यापार समझौते के बाद यह सवाल पूछा जा रहा है कि इससे भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में क्या बदलाव आएगा? क्या स्मार्टफोन्स सस्ते हो जाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में क्या बदलाव देखने को मिल सकता है? याद रहे कि अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान किया है। प्रमुख टेक एक्सपर्ट ने एनबीटी टेक से कहा है कि इस समझौते से देश के टेक्नोलॉजी सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। इससे भारतीय कंपनियां दुनिया भर में अपने कारोबार को बढ़ा सकेंगी।गैजेट्स के प्राइस तय करना होगा आसानBenQ इंडिया और साउथ एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, राजीव सिंह ने एनबीटी टेक को बताया है कि अमेरिका-भारत के बीच समझौते से देश के टेक्नोलॉजी सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। इससे भारतीय कंपनियां दुनिया भर में अपने कारोबार को बढ़ा सकेंगी और ज्यादा कॉम्पिटिटिव बन सकेंगी। खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों के लिए यह एक अच्छा मौका है। कम टैरिफ से भारतीय टेक कंपनियों को दूसरे देशों में अपना सामान बेचना आसान होगा। इससे उनकी लागत कम होगी और वे विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर सकेंगी। डिस्प्ले और डिजिटल सॉल्यूशन बनाने वाली कंपनियों के लिए भी यह अच्छी खबर है। टैरिफ कम होने से वे अलग-अलग देशों से सामान आसानी से मंगा सकेंगी और अपने एक्सपोर्ट को बढ़ा सकेंगी। यह ऐसे समय में हो रहा है जब भारत सरकार सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते से किसी गैजेट की कीमत को तय करना आसान हो जाएगा। इससे फोन्स की कीमतों में कमी आ सकती है, लेकिन उसका फायदा भारतीय यूजर्स को मिलेगा या नहीं, अभी कहना जल्दबाजी होगी। घट सकती हैं स्मार्टफोन्स की कीमतेंयाद रखने वाली बात यह है कि भारत में स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग लगातार बढ़ रही है। अमेरिका में अब मेड इन इंडिया आईफोन्स भेजे जा रहे हैं। अमेरिका-भारत के बीच डील होने से स्मार्टफोन और उससे जुड़े कॉम्पोनेंट्स बनाने वाली कंपनियों की चिंता कम होगी। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और अमेरिका दोनों देशाें में स्मार्टफोन्स की कीमतें घट सकती हैं, लेकिन इसका असर बहुत जल्द दिखाई नहीं देगा। उसमें वक्त लग सकता है। सबसे ज्यादा फायदा ऐपल उठा सकती है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी फायदारिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच हुई डील की टाइमिंग बहुत सही है। यह ऐसा समय है जब भारत अपने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है। आने वाले वक्त में भारत में चिप डिजाइन, टेस्टिंग और उनकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिल सकता है। अगर देश में ही मैन्युफैक्चरिंग होगी तो उससे भारत को भी कम कीमतों पर चीजें उपलब्ध होंगी। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के साथ हुए समझौते के बाद भारत खुद को इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में और मजबूत बना सकता है। इससे भारत में ना सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी बल्कि लोगों को काम भी मिलेगा। 6G के विकास में मिल सकती है मददरिपोर्टों में कहा जा रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ समझौता देश को टेलिकॉम के क्षेत्र में भी आगे लेकर जा सकता है। 6जी के डेवलपमेंट में तेजी आने की उम्मीद है। भारत स्वदेशी तकनीक के साथ-साथ अमेरिकी सहयोग भी पा सकेगा।
Smartphone Price Drop After US-India Deal India Semiconductor Ecosystem Growth US Tariff Cut On Indian Goods मेड इन इंडिया आईफोन एक्सपोर्ट भारत में 6G का विकास इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर टैक्स कटौती राजीव सिंह बेनक्यू इंडिया बयान
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