सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में राप्ती इको पार्क का उद्घाटन किया और इस दौरान रवि किशन के पत्नी के पैर छूने वाले बयान पर चुटकी ली। उन्होंने लोगों से रवि किशन के आचरण को अपनाने के बारे में सवाल किया। इसके अतिरिक्त, पार्क के विकास और अन्य परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
रविकिशन के पत्नी के पैर छूने वाली बयान पर ली चुटकी, पूछा-आप लोग आचरण कर रहे हैं? गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राप्ती ईको पार्क का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने रवि किशन के पत्नी के पैर छूने वाले बयान पर उनकी चुटकी ली। सीएम योगी ने मंच से लोगों से कहा- आपने गोरखपुर के सांसद का भाषण सुना ही होगा, लेकिन क्या आप उनके बताए आचरण को अपना भी रहे हैं या नहीं?
यह सुनते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग मुस्कुरा उठे। उद्घाटन के बाद सीएम योगी ने ई-कार्ट से पार्क का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पार्क में बने शेर के साथ फोटो खिंचवाई। यह तस्वीर रवि किशन ने अपने मोबाइल फोन से ली और फिर सीएम योगी को दिखाया। राप्ती ईको पार्क को करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से 40 एकड़ में बनाया गया है। पहले यहां पर कूड़े का बड़ा ढेर हुआ करता था। पार्क में लोगों के लिए वॉकिंग ट्रैक और फुटपाथ बनाए गए हैं। अब लोग सुबह-शाम सैर की जा सकती है। योग और ध्यान के लिए अलग जगह हैं। वहीं बच्चों के लिए किड्स जोन भी तैयार किया गया है।इससे पहले सांसद रवि किशन ने भी मंच से लोगों से पूछा था- मेरा संसद में दिया गया भाषण किस-किस ने सुना था?
आपको कैसा लगा?
इस पर वहां मौजूद लोगों ने हां कहा। इस पर रवि किशन ने कहा- हम अपनी बात खुलकर रखते हैं, जबकि कुछ लोग बोलते नहीं हैं। अगर सच नहीं बोलेंगे तो सम्मान और अधिकार दोनों नहीं मिलेंगे।सीएम योगी ने शेर के साथ फोटो खिंचवाई। रवि किशन ने मोबाइल से तस्वीर ली।ईको पार्क के मेन गेट पर लोकनृत्य ‘फरुवाही’ पर कलाकारों ने डांस किया।उपवन योजना के तहत तीन पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिसकी लागत 6.44 करोड़ रुपए है। कई वार्डों में जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने के लिए 83 नाला निर्माण काम किए जाएंगे, जिनकी लागत 107.44 करोड़ रुपए है। गुलरिहा थाने से चिलुआताल तक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण होगा, जिस पर 123.81 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कई वार्डों में ग्रीन बेल्ट और मिनी फॉरेस्ट विकसित करने के कार्य किए जाएंगे, जिनकी लागत 35.01 करोड़ रुपए है।एकला बंधा पर 8.35 करोड़ रुपए की लागत से कराए गए सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का लोकार्पण होगा।304.68 करोड़ रुपए की लागत से 173 विकास कार्यों का लोकार्पण होगा।सीएम योगी ने 31 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया सीएम योगी आदित्यनाथ ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत नालों की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 31 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।सीएम योगी ने कहा- 2007-08 में चिल्लूपार के तत्कालीन विधायक राजेश त्रिपाठी ने होम्योपैथिक कॉलेज का शुभारंभ किया था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका। डबल इंजन सरकार आने के बाद अब वह कॉलेज बनकर तैयार है और सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। सीएम ने कहा कि बाढ़ की समस्या का भी काफी हद तक समाधान हुआ है। जो विकास कार्य हो रहे हैं, उनके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने गोरखपुर ग्रामीण के विधायक और पार्षदों से अपील की कि वन महोत्सव के अवसर पर तटबंध पर व्यापक वृक्षारोपण करें और हर वार्ड में मिनी फॉरेस्ट विकसित करें। उन्होंने कहा कि बेहतर भविष्य के लिए ऐसे प्रयास जरूरी हैं। यदि हम सभी इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे, तो आने वाली चुनौतियों का सामना करने में सफल होंगे।योगी आदित्यनाथ ने कहा- एक समय था जब बिजली की पर्याप्त उपलब्धता नहीं थी, लेकिन अब इस तटबंध पर जलने वाली सभी लाइटें सोलर एनर्जी से संचालित होंगी। इसके लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनसे स्ट्रीट लाइटें जलेंगी। यह ‘नेट जीरो’ लक्ष्य की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।कॉपी लिंकसीएम योगी ने कहा- हमें बच्चों को ‘थ्री आर’ रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल के बारे में जागरूक करना होगा, ताकि वे अपने अभिभावकों तक भी यह संदेश पहुंचाएं। यहां मौजूद कचरे को ही रिसाइकिल कर उपयोग में लाया गया है, जो ‘वेस्ट टू आर्ट’ का बेहतरीन उदाहरण है। क्विज और रील्स जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से इस अभियान को घर-घर तक जोड़ा जा रहा है। महानगर में 2 हजार से अधिक बच्चों और 1 हजार से अधिक अभिभावकों को शामिल कर एक व्यापक जनजागरूकता अभियान तैयार किया जा रहा है।योगी आदित्यनाथ ने कहा- आज जो भी उत्तर प्रदेश में आता है, उसे सुरक्षा के साथ सकारात्मक बदलाव भी नजर आता है। सीएम ग्रिड योजना के तहत स्मार्ट सड़कों का निर्माण हो रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और शहरों के सुंदरीकरण पर तेजी से काम किया जा रहा है। खुली नालियों को ढकने का काम जारी है। गोरखपुर नगर में जहां पहले जलभराव की समस्या थी, वहां अब बेहतर नालियों की व्यवस्था की गई है। जहां पहले अंधेरा रहता था, वहां एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि जहां पहले समस्याएं थीं, वहां अब समाधान दिखाई दे रहा है। जहां हवा में बदबू थी, वहां आज लोग स्वच्छ वातावरण में मॉर्निंग वॉक कर रहे हैं और परिवार के साथ समय बिता रहे हैं। वहीं, जहां पानी प्रदूषित था, वहां अब शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।योगी आदित्यनाथ ने कहा नौसढ़ से मलौनी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क की कनेक्टिविटी भी दी गई है। इससे नौसढ़ क्षेत्र में जाम की समस्या से राहत मिलेगी। इसी सोच के साथ पिछले 9 सालों में गोरखपुर को ‘सेवन स्टार गारबेज फ्री सिटी’ बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।सीएम योगी ने कहा- गोरखपुर महानगर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदलने का काम नगर निगम ने किया है। वास्तव में यदि कुछ करने की इच्छाशक्ति हो, तो बड़ा परिवर्तन संभव है। पहले जब वाराणसी या लखनऊ की ओर से शहर में प्रवेश करते थे, तो सबसे पहले कचरे का ढेर दिखाई देता था। करीब 30-35 साल पहले ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में कचरा डंप होता था। बाद में यह कचरा एकला बंधे पर जमा होने लगा, जिससे हवा में बदबू फैलती थी, जमीन प्रदूषित होती थी। इसका असर राप्ती नदी के पानी तक पहुंचता था। इस पर एनजीटी द्वारा जुर्माना भी लगाया जाता था। आज उसी स्थान पर आधुनिक ईको पार्क विकसित किया गया है। यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि गोरखपुरवासियों के लिए एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन गया है, जहां लोग पिकनिक मनाने आते हैं। यहां पहले 2 लाख 26 हजार मीट्रिक टन कचरा पड़ा था, जहां से मीथेन गैस निकलती थी। लेकिन अब वहीं बच्चों के खेलने के लिए पार्क और योग-ध्यान के लिए शांत वातावरण उपलब्ध है। यह सिर्फ बदलाव नहीं, बल्कि गोरखपुर के लोगों के मजबूत विश्वास और टीम के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि जब नीयत साफ होती है, तो नियति बदलने में देर नहीं लगती।सीएम योगी ने कहा- एकला बंधे पर राप्ती ईको पार्क के उद्घाटन के साथ ही 1055 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। उन्होंने रवि किशन पर चुटकी लेते हुए कहा- गोरखपुर के सांसद का भाषण आपने सुना ही होगा, लेकिन क्या आप उनके बताए आचरण को अपना भी रहे हैं?
यह कहते हुए उन्होंने मौजूद लोगों से सवाल भी किया।सीएम योगी ने नगर निगम के कर्मचारियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।रवि किशन ने पत्नी का पैर छूने वाले अपने बयान को लेकर महिलाओं से सवाल किया। उन्होंने कहा- बताइए, मेरा संसद में दिया गया भाषण किस-किस ने सुना था? आपको कैसा लगा?
इस पर वहां मौजूद लोगों ने सभी हां कहा। उन्होंने आगे कहा- हम अपनी बात खुलकर रखते हैं, जबकि कुछ लोग बोलते नहीं हैं। अगर सच नहीं बोलेंगे तो सम्मान और अधिकार दोनों नहीं मिलेंगे।रवि किशन ने कहा- अब जब शहर में इतना हरा-भरा पार्क बन गया हैतो यहां भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग भी होगी। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से पूछा कि कौन-कौन फिल्म में काम करना चाहता है, जिस पर कई युवाओं ने उत्साह के साथ हाथ उठाए। रवि किशन ने कहा कि जिस शहर को कभी बीमारी और गंदगी के लिए जाना जाता था, वहां अब विश्वास का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां भी बड़े सपने देख रही हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री ने सभी के सपनों को साकार करने के लिए व्यवस्था की है।मंगलेश श्रीवास्तव ने सांसद रवि किशन पर चुटकी लेते हुए कहा कि सुबह उनका फोन आया। उन्होंने मजाक में पूछा- मैंने अपने घर के पास इतना सुंदर बना दिया, आप क्या कर रहे हैं, कहीं इसे गायब तो नहीं कर देंगे?
इस पर मैंने जवाब दिया कि हमने आपसे भी बेहतर पिकनिक स्पॉट तैयार कर दिया है। महापौर ने कहा कि इस स्थान को पिकनिक स्पॉट बनाना बड़ी चुनौती थी। पहले यहां कूड़े का बड़ा ढेर था। लोग नाक पर रुमाल रखकर या गाड़ी के शीशे बंद करके यहां से गुजरते थे। आसपास के लोगों के लिए यह गंभीर समस्या थी और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बना रहता था। करीब साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर 40 एकड़ जमीन को मुक्त कराया गया। यहां मियावाकी वन भी विकसित किया गया है और लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से ईको पार्क तैयार किया गया है।सीएम योगी ने शेर के साथ फोटो खिंचवाई। उनकी तस्वीर सांसद रवि किशन ने अपने मोबाइल से ली।सीएम योगी ने बच्चों से बातचीत की और फोटो खिंचवाई। इसके बाद उन्होंने बच्चों को चॉकलेट देकर उनका उत्साह बढ़ाया।सीएम योगी आदित्यनाथ और सांसद रवि किशन ने गोल्फ कार्ट से राप्ती इको पार्क का निरीक्षण किया।योगी आदित्यनाथ ने राप्ती इको पार्क का उद्घाटन किया। पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम की शुरुआत कराई।लोक नृत्य ‘फरुवाही’ पर कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी, पारंपरिक ताल पर थिरकते कदमों ने माहौल को जीवंत बना दिया।सीएम योगी का स्वागत करने के लिए अयोध्या से 15 पंडितों की टीम गोरखपुर पहुंची है। वे मुख्य द्वार पर शंखनाद कर पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत करेंगे।नगर निगम ने 2.26 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर 40 एकड़ जमीन को कूड़ा मुक्त कर ईको पार्क के रूप में विकसित किया है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से यह पार्क तैयार हुआ है। ईको पार्क में लोगों के लिए वॉकिंग ट्रैक और फुटपाथ बनाए गए हैं, जहां सुबह-शाम सैर की जा सकेगी। योग और ध्यान के लिए अलग स्थान विकसित किए गए हैं, वहीं बच्चों के लिए सुरक्षित किड्स जोन भी बनाया गया है।उपवन योजना के तहत तीन पार्कों का सौंदर्यीकरण, लागत 6.44 करोड़ रुपए।गुलरिहा थाने से चिलुआताल तक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण, लागत 123.81 करोड़ रुपये।घनघोर साधना में डूबे नंदू भैया मंत्री बनेंगे:लोग चाहते हैं-UP के 354 विधायकों को टिकट न मिले:SGPGI महिला रेजिडेंट का साथी डॉक्टर ने यौन शोषण किया:श्रीगंगानगर दुनिया में 5वां सबसे अधिक गर्म शहरजैसलमेर में आज हीटवेव का अलर्टपंजाब में गर्मी में ही बिजली मेंटेनेंस क्योंबीकानेर में आज 43°C तक पहुंच सकता है पारा
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