रेवाड़ी नगर परिषद में जेई और अकाउंटेंट के निलंबन विवाद के बाद कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार भुक्कल का तबादला कर दिया गया है। भुक्कल ने प्रेस वार्ता में डीएमसी ब्रह्मप्रकाश पर जातीय उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके कुछ घंटों बाद ही उनका स्थानांतरण पंचकूला कर दिया गया। उन्होंने जेई को अवैतनिक अवकाश पर वेतन जारी होने को तकनीकी गलती बताया। यह विवाद अब...
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। नगर परिषद में अवैतनिक अवकाश पर गए कनिष्ठ अभियंता हैप्पी की सैलरी जारी किए जाने के मामले में अकाउंटेंट व जेई के सस्पेंड होने के बाद जारी विवाद थम नहीं रहा है। सोमवार को नप के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस मामले में डीएमसी काे जिम्मेदार ठहराया। दो माह का वेतन जारी कर दिया गया उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ गलतफहमी भी हो गई थी। जेई को वेतन जारी करने को टेक्निकल गलती मानते हुए कहा कि इंसान ठोकर खाकर ही समझता है। जेई ने 18 अगस्त से 18 दिसंबर तक छुट्टी ली थी। 10 अक्टूबर को वापस ड्यूटी ज्वाइन की और फिर छुट्टी पर चला गया। इसके लिए उसे दो माह का वेतन जारी कर दिया गया। त्यागपत्र देने की तैयारी कर ली कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने एक अन्य कर्मचारी को लेकर अवैतनिक अवकाश की बात कहीं जा रही है, जबकि सच्चाई तो यह है कि ऐसा कोई मामला ही नहीं है। जिस कर्मचारी का नाम सामने आ रहा है वह अवकाश ही नहीं गया। उन्होंने कहा कि एक उच्च अधिकारी के दुर्व्यवहार से परेशान होकर त्यागपत्र देने की तैयारी कर ली थी, लेकिन उपायुक्त के सामने उन्होंने माफी मांग ली थी। इसके बाद भी वह उन्हें परेशान कर रहे हैं। ट्रांसफर करने के बाद उठा मुद्दा हरियाणा सरकार ने रेवाड़ी नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार भुक्कल का सोमवार को ट्रांसफर कर दिया है। उन्हें पंचकूला मुख्यालय में स्थानांतरित किया गया है। झज्जर नगर परिषद के ईओ देवेंद्र कुमार को रेवाड़ी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। प्रेस वार्ता के बाद तुरंत ट्रांसफर आदेश सुशील कुमार भुक्कल ने सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे प्रेस वार्ता की थी, जिसमें उन्होंने डीएमसी ब्रह्मप्रकाश पर जातीय आधार पर प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि एससी समाज में जन्म लेना उनका कोई गुनाह नहीं है, लेकिन इसी कारण उन्हें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। ईओ ने आरोप लगाया कि डीएमसी उन्हें सस्पेंड या टर्मिनेट करवाना चाहते हैं, ठीक वैसे ही जैसे आईपीएस वाई पूरन कुमार के साथ हुआ था। माफी मांगने का भी जिक्र ईओ ने बताया कि दुर्व्यवहार से परेशान होकर जब उन्होंने इस्तीफा देने की सोची, तो डीएमसी ने पहले डीसी ऑफिस और फिर नगर परिषद में आकर उनसे माफी मांगी थी। उन्होंने जेई को वेतन जारी करने की टेक्निकल गलती को मानते हुए कहा कि इंसान ठोकर खाकर ही समझता है। प्रेस वार्ता के कुछ घंटों बाद ही शाम 7 बजे के बाद सरकार ने उनके ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए। क्या है जेई-अकाउंटेंट निलंबन विवाद यह घटना रेवाड़ी नगर परिषद में जेई हैप्पी सैनी और अकाउंटेंट जितेंद्र के निलंबन से जुड़े विवाद के बाद हुई है। जेई को अवैतनिक छुट्टी के दौरान वेतन जारी करने के आरोप में निदेशालय ने निलंबित किया था। ईओ और डीएमसी के बीच रार बढ़ गई थी, जिसमें ईओ ने बिना पक्ष सुने शिकायत पर कार्रवाई का आरोप लगाया था। सुशील कुमार भुक्कल पूर्व कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के रिश्ते में भतीजे हैं। यह भी पढ़ें- रेवाड़ी में अवैध प्रवासियों पर पुलिस का शिकंजा, रोहिंग्या-बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए चला विशेष अभियान.
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। नगर परिषद में अवैतनिक अवकाश पर गए कनिष्ठ अभियंता हैप्पी की सैलरी जारी किए जाने के मामले में अकाउंटेंट व जेई के सस्पेंड होने के बाद जारी विवाद थम नहीं रहा है। सोमवार को नप के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस मामले में डीएमसी काे जिम्मेदार ठहराया। दो माह का वेतन जारी कर दिया गया उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ गलतफहमी भी हो गई थी। जेई को वेतन जारी करने को टेक्निकल गलती मानते हुए कहा कि इंसान ठोकर खाकर ही समझता है। जेई ने 18 अगस्त से 18 दिसंबर तक छुट्टी ली थी। 10 अक्टूबर को वापस ड्यूटी ज्वाइन की और फिर छुट्टी पर चला गया। इसके लिए उसे दो माह का वेतन जारी कर दिया गया। त्यागपत्र देने की तैयारी कर ली कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने एक अन्य कर्मचारी को लेकर अवैतनिक अवकाश की बात कहीं जा रही है, जबकि सच्चाई तो यह है कि ऐसा कोई मामला ही नहीं है। जिस कर्मचारी का नाम सामने आ रहा है वह अवकाश ही नहीं गया। उन्होंने कहा कि एक उच्च अधिकारी के दुर्व्यवहार से परेशान होकर त्यागपत्र देने की तैयारी कर ली थी, लेकिन उपायुक्त के सामने उन्होंने माफी मांग ली थी। इसके बाद भी वह उन्हें परेशान कर रहे हैं। ट्रांसफर करने के बाद उठा मुद्दा हरियाणा सरकार ने रेवाड़ी नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार भुक्कल का सोमवार को ट्रांसफर कर दिया है। उन्हें पंचकूला मुख्यालय में स्थानांतरित किया गया है। झज्जर नगर परिषद के ईओ देवेंद्र कुमार को रेवाड़ी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। प्रेस वार्ता के बाद तुरंत ट्रांसफर आदेश सुशील कुमार भुक्कल ने सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे प्रेस वार्ता की थी, जिसमें उन्होंने डीएमसी ब्रह्मप्रकाश पर जातीय आधार पर प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि एससी समाज में जन्म लेना उनका कोई गुनाह नहीं है, लेकिन इसी कारण उन्हें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। ईओ ने आरोप लगाया कि डीएमसी उन्हें सस्पेंड या टर्मिनेट करवाना चाहते हैं, ठीक वैसे ही जैसे आईपीएस वाई पूरन कुमार के साथ हुआ था। माफी मांगने का भी जिक्र ईओ ने बताया कि दुर्व्यवहार से परेशान होकर जब उन्होंने इस्तीफा देने की सोची, तो डीएमसी ने पहले डीसी ऑफिस और फिर नगर परिषद में आकर उनसे माफी मांगी थी। उन्होंने जेई को वेतन जारी करने की टेक्निकल गलती को मानते हुए कहा कि इंसान ठोकर खाकर ही समझता है। प्रेस वार्ता के कुछ घंटों बाद ही शाम 7 बजे के बाद सरकार ने उनके ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए। क्या है जेई-अकाउंटेंट निलंबन विवाद यह घटना रेवाड़ी नगर परिषद में जेई हैप्पी सैनी और अकाउंटेंट जितेंद्र के निलंबन से जुड़े विवाद के बाद हुई है। जेई को अवैतनिक छुट्टी के दौरान वेतन जारी करने के आरोप में निदेशालय ने निलंबित किया था। ईओ और डीएमसी के बीच रार बढ़ गई थी, जिसमें ईओ ने बिना पक्ष सुने शिकायत पर कार्रवाई का आरोप लगाया था। सुशील कुमार भुक्कल पूर्व कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के रिश्ते में भतीजे हैं। यह भी पढ़ें- रेवाड़ी में अवैध प्रवासियों पर पुलिस का शिकंजा, रोहिंग्या-बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए चला विशेष अभियान
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