दिल्ली में बीयर पीने की उम्र 25 से घटाकर 21 साल करने पर विचार किया जा रहा है। आबकारी नीति की समीक्षा बैठक में यह प्रस्ताव आया है।
नई दिल्ली: दिल्ली में जल्द ही बीयर पीने की उम्र घटाकर 21 साल की जा सकती है। सरकार इस फैसले पर विचार कर रही है। फिलहाल यह उम्र 25 साल है, जिसे घटाकर 21 किया जा सकता है। दरअसल, आबकारी नीति को लेकर हुई समीक्षा बैठकर में इस तरह का प्रस्ताव सामने आया है। यानी अगर दिल्ली में नए नियम के तहत शराब पीने की उम्र कम कर दी जाती है तो राजधानी में रहने वाले Gen-Z भी जाम छलका सकेंगे। बता दें कि 1997 से 2012 की बीच पैदा होने वाली जनरेशन को Gen-Z कहा जाता है।बैठक में इसे लेकर मंत्रियों, सरकारी अधिकारियों और प्राइवेट शराब विक्रेताओं की चर्चा हुई है। ऐसा करने पर इसलिए भी विचार चल रहा है, क्योंकि अभी दिल्ली में जरूर बीयर पीने की उम्र 25 साल है, लेकिन उससे सटे नोएडा, गुड़गांव, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे एनसीआर क्षेत्र में शराब पीने की उम्र 21 साल है। सरकार का मानना है कि ऐसा करने से शराब की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और राजस्व भी बढ़ेगा।अभी कितनी है दिल्ली में बीयर पीने की उम्र ?फिलहाल दिल्ली आबकारी नियम के तहत 25 साल से कम उम्र के किसी शख्स का दिल्ली में शराब या बीयर पीना दंडनीय है। नीति का मसौदा तैयार किया जा रहा है, लेकिन सरकारी अधिकारियों ने बताया कि लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा की अध्यक्षता में शराब उद्योग के हितधारकों के साथ हुई बैठक में इस पर विचार किया गया है। इस समिति में उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, गृह मंत्री आशीष सूद और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। बैठक में शराब की दुकानों के संचालन के लिए एक हाइब्रिड मॉडल पर विचार किया गया है, जिसमें सरकारी दुकानों को निजी दुकानों के साथ मिलाया गया। फिललहाल, दिल्ली में केवल सरकारी दुकानों पर ही शराब मिलती है।हाइब्रिड मॉडल पर विचार कर रही सरकारबता दें कि पिछली आप सरकार ने 2022 में निजी लाइसेंस रद्द कर दिए थे, क्योंकि उसकी नई आबकारी नीति में निजी खुदरा विक्रेताओं को अनुमति देने से विवाद पैदा हो गया था और अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की सीबीआई और ईडी जांच शुरू हो गई थी। फिर आप सरकार ने 2021-22 में एक नई आबकारी नीति पेश की, जिसका उद्देश्य सरकारी शराब की दुकानों की जगह निजी दुकानें खोलना और राजस्व बढ़ाने के लिए खुदरा क्षेत्र को निजी खिलाड़ियों और फर्मों की ओर ले जाना था। इससे पहले यह हाइब्रिड मॉडल था, जिसे अब वर्तमान भाजपा सरकार वापस लाने पर विचार कर रही है।.
नई दिल्ली: दिल्ली में जल्द ही बीयर पीने की उम्र घटाकर 21 साल की जा सकती है। सरकार इस फैसले पर विचार कर रही है। फिलहाल यह उम्र 25 साल है, जिसे घटाकर 21 किया जा सकता है। दरअसल, आबकारी नीति को लेकर हुई समीक्षा बैठकर में इस तरह का प्रस्ताव सामने आया है। यानी अगर दिल्ली में नए नियम के तहत शराब पीने की उम्र कम कर दी जाती है तो राजधानी में रहने वाले Gen-Z भी जाम छलका सकेंगे। बता दें कि 1997 से 2012 की बीच पैदा होने वाली जनरेशन को Gen-Z कहा जाता है।बैठक में इसे लेकर मंत्रियों, सरकारी अधिकारियों और प्राइवेट शराब विक्रेताओं की चर्चा हुई है। ऐसा करने पर इसलिए भी विचार चल रहा है, क्योंकि अभी दिल्ली में जरूर बीयर पीने की उम्र 25 साल है, लेकिन उससे सटे नोएडा, गुड़गांव, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे एनसीआर क्षेत्र में शराब पीने की उम्र 21 साल है। सरकार का मानना है कि ऐसा करने से शराब की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और राजस्व भी बढ़ेगा।अभी कितनी है दिल्ली में बीयर पीने की उम्र ?फिलहाल दिल्ली आबकारी नियम के तहत 25 साल से कम उम्र के किसी शख्स का दिल्ली में शराब या बीयर पीना दंडनीय है। नीति का मसौदा तैयार किया जा रहा है, लेकिन सरकारी अधिकारियों ने बताया कि लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा की अध्यक्षता में शराब उद्योग के हितधारकों के साथ हुई बैठक में इस पर विचार किया गया है। इस समिति में उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, गृह मंत्री आशीष सूद और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। बैठक में शराब की दुकानों के संचालन के लिए एक हाइब्रिड मॉडल पर विचार किया गया है, जिसमें सरकारी दुकानों को निजी दुकानों के साथ मिलाया गया। फिललहाल, दिल्ली में केवल सरकारी दुकानों पर ही शराब मिलती है।हाइब्रिड मॉडल पर विचार कर रही सरकारबता दें कि पिछली आप सरकार ने 2022 में निजी लाइसेंस रद्द कर दिए थे, क्योंकि उसकी नई आबकारी नीति में निजी खुदरा विक्रेताओं को अनुमति देने से विवाद पैदा हो गया था और अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की सीबीआई और ईडी जांच शुरू हो गई थी। फिर आप सरकार ने 2021-22 में एक नई आबकारी नीति पेश की, जिसका उद्देश्य सरकारी शराब की दुकानों की जगह निजी दुकानें खोलना और राजस्व बढ़ाने के लिए खुदरा क्षेत्र को निजी खिलाड़ियों और फर्मों की ओर ले जाना था। इससे पहले यह हाइब्रिड मॉडल था, जिसे अब वर्तमान भाजपा सरकार वापस लाने पर विचार कर रही है।
Beer In India Beer In Delhi-Ncr Noida News Ghaziabad News Faridabad News Gurgaon News दिल्ली में बीयर पीने की उम्र दिल्ली में शराब दिल्ली सरकार
इंडिया ताज़ा खबर, इंडिया मुख्य बातें
Similar News:आप इससे मिलती-जुलती खबरें भी पढ़ सकते हैं जिन्हें हमने अन्य समाचार स्रोतों से एकत्र किया है।
क्या सुशीला कार्की बनेंगी नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री, Gen-Z की तरफ से आया प्रस्तावWill Sushila Karki become the interim Prime Minister of Nepal, proposal came from Gen-Z, क्या सुशीला कार्की बनेंगी नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री, देश
और पढो »
नेपाल की Gen-Z 'क्रांति' डीप-स्टेट की करतूत बनती क्यों दिख रही है?बदलाव रोका नहीं जा सकता है. असंतोष दबाया नहीं जा सकता. लेकिन, पिछले कुछ अरसे में भारत के आसपास मौजूद देशों में जिस तरह तख्ता पलट हुआ है, उसके पीछे किसी बड़ी साजिश को नकारा नहीं जा सकता है. भले इसमें किसी को चीन का हाथ नजर आता हो, या अमेरिका. कुछ तो गड़बड़ है.
और पढो »
Nepal Protest: सेना के हाथ में नेपाल, Gen-Z का प्रस्ताव- हिंदू राष्ट्र और सुशीला कार्की को पीएम से कम कुछ नहींनेपाल में भ्रष्टाचार और इंटरनेट मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ Gen-Z के हिंसक प्रदर्शनों के बाद सेना ने सुरक्षा संभाली है। कर्फ्यू लगा दिया गया है और सड़कों पर सेना गश्त कर रही है। Gen-Z प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक दलों के बीच अंतरिम सरकार के गठन पर सहमति बनी है जिसमें सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव है। Gen-Z ने नेपाल को हिंदू...
और पढो »
Gen-Z आंदोलन का फायदा उठाकर भागा अंडरवर्ल्ड डॉन, मिली थी 32 साल की सजाGen-Z आंदोलन का फायदा उठाकर भागा अंडरवर्ल्ड डॉन, नेपाल कोर्ट से मिली थी 32 साल की सजा, मुंबई से है कनेक्शन
और पढो »
Gen-Z आंदोलन का फायदा उठाकर भागा अंडरवर्ल्ड डॉन, मिली थी 32 साल की सजाGen-Z आंदोलन का फायदा उठाकर भागा अंडरवर्ल्ड डॉन, नेपाल कोर्ट से मिली थी 32 साल की सजा, मुंबई से है कनेक्शन
और पढो »
नेपाल के सामने अब क्या है रास्ता? देश के हालात को पढ़ने में चूक गए ओलीनेपाल में Gen-Z के प्रदर्शनों को दबाने की कोशिशों के चलते केपी ओली को इस्तीफा देना पड़ा, जिससे राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
और पढो »
