शिव पुराण में प्रदोष व्रत की महिमा का वर्णन देखने को मिलता है। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर प्रदोष व्रत Pradosh Vrat 2024 किया जाता है। साथ ही जीवन के संकट और दुख को दूर करने के लिए व्रत भी किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से साधक को महादेव की कृपा प्राप्त होती...
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का अधिक महत्व है। प्रदोष व्रत के दिन महादेव की उपासना संध्याकाल में करने का विधान है। साथ ही विशेष चीजों के द्वारा भगवन शिव का अभिषेक किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि प्रदोष व्रत को विधिपूर्वक करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही जातक के विवाह में आ रही बाधा दूर होती है। माना जाता है कि प्रदोष व्रत के दिन कुछ गलतियों को करने से जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में चलिए हम आपको इस लेख में बताएंगे कि...
प्रदोष व्रत के दिन क्या न करें प्रदोष व्रत के दिन किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें। साथ ही किसी के बारे में गलत न सोचें। भगवान शिव की पूजा थाली में केतकी के फूल और हल्दी को शामिल न करें। शिवलिंग पर टूटे हुए चावल अर्पित न करें। इसके अलावा प्याज, लहसुन और तामसिक चीजों के सेवन से दूर रहें। महिलाओं का अपमान करें। पक्षी-पक्षी को परेशान न करें। महादेव की इस मुहूर्त में करें पूजा पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 नवंबर को सुबह 06 बजकर 23 मिनट पर शुरू होगी। इसके अगले दिन यानी...
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