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Satyanarayan Katha Vidhi and Mantra : सत्यानारायण कथा संपूर्ण पूजा विधि और मंत्र

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Satyanarayan Katha Vidhi and Mantra : सत्यानारायण कथा संपूर्ण पूजा विधि और मंत्र
How To Do Satyanarayana Katha At HomeSatyanarayana Katha Ki VidhiSatyanarayana Puja Vidhi

किसी भी शुभ मांगलिक कार्य पर सत्यनारायण भगवान की कथा और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि सत्यनारायण भगवान की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं और इच्छाएं पूरी होती है। लेकिन, सत्यनारायण भगवान की पूजा में कुछ बातों का विशेष ख्याल रखें। विस्तार से जानें सत्यनारायण कथा पूजा विधि और...

किसी भी शुभ मांगलिक कार्य पर सत्यनारायण भगवान की कथा और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि सत्यनारायण भगवान की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं और इच्छाएं पूरी होती है। लेकिन, सत्यनारायण भगवान की पूजा में कुछ बातों का विशेष ख्याल रखें। विस्तार से जानें सत्यनारायण कथा पूजा विधि और मंत्र । भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। साथ ही भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए विशेष रुप से सत्यनारायण भगवान की पूजा की जाती है। सत्यानारायण भगवान का पूजन मांगलिक कार्यों जैसे शादी के बाद, मूंडन, एकादशी तिथि के शुभ अवसर पर,तिथि, वैवाहिक समारोह आदि जैसे शुभ कार्यों में किया जा सकता है। अगर आप घर ही सत्यनारायण कथा करना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों और नियमों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। आइए जानते हैं घर पर सत्यनारायण कथा की संपूर्ण विधि और नियम। पूर्णिमा तिथि के दिन शाम के समय स्नान आदि और साफ वस्त्र धारण करें। अब पूजा के स्थान की अच्छ से साफ सफाई करके भगवान सत्यनारायण की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद चौकी के ऊपर केले के पत्ता रखकर वहां पर शालिग्रम भगवान भी विराजमान करें। चावल से नवग्रम बनाएं। उसके बाद गौरी गणेश जी जी को स्थापित करें और फिर एक कलश को रखें। कलश में गंगाजल और स्वच्छ जल डालें। उसके ऊपर आम का पल्लव रखें। अब कलश के ऊपर चावल से भरी कटोरी रखें और ऊपर दीपक रखें। फिर उसे जलाएं।अब भगवान शालिग्रम की पूजा करें और सभी देवी देवताओं का मन ही मन स्मरण करें और भगवान सत्यनारायण की कथा का संकल्प लें। अब अपने हाथ में थोड़ी अक्षत और फूल लें और भगवान का स्मरण करें। इसके बाद सत्यनारायण कथा का पाठ आरंभ करें।कथा का पाठ करने से पहले शुद्धिकरण करें अपने बाएं हाथ में जल लें और दाहिने हाथ की अनामिका, मध्यमा और अगुछें से जल छिड़कते हुए मंत्र का जप करें।पुनः पुण्डरीकाक्षं, पुनः पुण्डरीकाक्षं, पुनः पुण्डरीकाक्षं ओम।त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु च आसनम्‌ ॥सत्यनारायण कथा का पूजन आरंभ करने से पहले ये मंत्र जप करेंसत्यस्य सत्यामृत सत्यनेत्रं सत्यात्मकं त्वां शरणं प्रपन्नाः ॥ओम श्री सत्यनारायणाय नमः, ध्यानार्थे पुष्पाणि समर्पयामि ।आगच्छ भगवन्‌ !

देव!

स्थाने चात्र स्थिरो भव ।ओम श्री सत्यनारायणाय नमः, श्री सत्यनारायणाय आवाहयामि, आवाहनार्थे पुष्पाणि समर्पयामि ।भगवान को बैठाने के लिए पीला कपड़ा बिछाकर उस पर पीले चावल रखकर भगवान विष्णु को आसन पर विराजमान करें।भवितं हेममयं दिव्यम्‌ आसनं प्रति गृह्याताम ॥अब भगवान सत्यनारायण के पैर धुलाएं। चरण धुलाने के लिए इस मंत्र का जप करते हुए भगवान के पौर धुलाएं।ओम श्री सत्यनारायणाय नमः, पादयोः पाद्यं समर्पयामि ।गृहाण भगवन्‌ नारायण प्रसन्नो वरदो भव ॥भगवान को आचमन कराएं। आचमन कराने के लिए इस मंत्र का जप करें।ओम श्री सत्यनारायणाय नमः, आचमनीयं जलं समर्पयामि ।स्नान कराने के लिए दूध, घी, शक्कर, दही और शहर सभी को मिलाकर पंचामृत बना लें और फिर उन्हें स्नान कराएं।ओम श्री सत्यनारायणाय नमः, पंचामृतस्नानं समर्पयामि,तदिदं कल्पितं तुभ्यं स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्‌ ॥वस्त्र अर्पित करने के लिए यह मंत्र बोलें शीतवातोष्णसंत्राणं लज्जाया रक्षणं परम्‌ ।उपवीतं मया दत्तं गृहाण परमेश्वर ॥तिलक करते हुए इस मंत्र का जप करें : श्रीखण्डं चन्दनं दिव्यं गन्धाढ्यं सुमनोहरम्‌ ।अब भगवान को अक्षत अर्पित करेंमया निवेदिता भक्त्या गृहाण परमेश्वर ॥माल्यादीनि सुगन्धीनि मालत्यादीनि वै प्रभो ।इसके बाद भगवान को धूर दीप दिखाएंआघ्रेयः सर्वदेवानां धूपोऽयं प्रतिगृह्यताम्‌ ॥ओम श्री सत्यनारायणाय नमः, धूपं, दीपं दर्शयामि । भगवान को अब मौसमी फल अर्पित करें। विशेष रुप से केले का फल जरुर अर्पित करें। भगवान को फल अर्पित करते हुए इस मंत्र का जप करें।ओम श्री सत्यनारायणाय नमः, मुखवासार्थे ताम्बूलं समर्पयामि ।भगवान को कुछ भेंट अर्पित करें अपनी कमाई में से कुछ पैसे भगवान को अर्पित करें और इस मंत्र को बोलते हुए दक्षिणा अर्पित करें।ओम श्री सत्यनारायणाय नमः, दक्षिणां समर्पयामि ।ओम जय जगदीश हरे।ओम जय जगदीश हरे।तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकीस्वामी तुम अन्तर्यामी। पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामीमैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ताकिस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमतिअपने हाथ उठा‌ओ, द्वार पड़ा तेरेश्रद्धा-भक्ति बढ़ा‌ओ, संतन की सेवाकहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावेसत्यनारायण स्वामी, जन-पातक-हरणाप्रकट भए कलि कारण, द्विज को दरस दियोचंद्रचूड़ एक राजा, तिनकी बिपति हरीजय लक्ष्मी रमणाग्वाल-बाल संग राजा, बन में भक्ति करीधूप-दीप-तुलसी से, राजी सत्यदेवाजय लक्ष्मी रमणा।आयुषी त्यागी, 8 साल से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में काम कर रही हैं। वैदिक ज्योतिष के विषयों में बीते 5 साल से गहन अध्ययन कर रही हैं और इस पर इन्होंने कई लेख भी लिखे हैं जो नवभारत टाइम्स में लगातार प्रकाशित होते रहे हैं। ज्योतिषशास्त्र में ग्रह गोचर, टैरो कार्ड्स, वास्तु विज्ञान, हस्तरेखा विज्ञान, कुंडली से जुड़े विषयों को समझने के साथ-साथ आसान भाषा में लोगों तक ज्योतिष और इससे संबंधित उपाय पहुंचाने का काम कर रही हैं ताकि पाठकों को सही और सटीक जानकारी मिल सके। पिछले काफी समय से वैदिक ज्योतिष, स्वप्न शास्त्र, लाल किताब, महाभारत, रामायण और शिवपुराण, विष्णु पुराण, जैसे ग्रंथों पर का भी आयुषी अध्ययन कर रही हैं जिससे इनके पास ज्योतिष और धार्मिक विषयों में प्रचुर ज्ञान है। यह अपने आलेखों में पुराणों और ग्रंथों से जुड़ी जानकारियां लोगों तक पहुंचा रही हैं। इन्हें धार्मिक स्थलों पर घूमने का भी शौक हैं और धार्मिक स्थलों की यात्रा के साथ ही साथ वहां के समृद्ध इतिहास और रोचक जानकारियों को भी हासिल करना इनका शौक रहा है और यह अपने अनुभव और तीर्थयात्रा ज्ञान को भी पाठकों तक पहुंचाने का काम करती रही हैं। इनका मानना है कि लोगों तक धर्म और धार्मिक ग्रंथों से जुड़ी सही और सटीक जानकारी पहुंचनी चाहिए ताकि धर्म के प्रति लोगों में भ्रम और गलत धारणाएं न फैलाई जा सकें। कार्य अनुभव और उपलब्धि इन्होंने धर्म और ज्योतिष को और बेहतर तरीके से जानने के लिए कई प्रसिद्ध व्यक्तियों की कुंडली का भी अध्ययन किया है जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई प्रसिद्ध हस्ती भी शामिल हैं। देश के कई प्रसिद्ध ज्योतिषी जैसे नंदिता पांडेय, सचिन मल्होत्रा, आचार्य कृष्णदत्त शर्मा, सद्गुरु श्री आनंद जी के साथ इन्होंने इंटरव्यू भी किया है और उनके आलेख भी प्रस्तुत करती रही हैं। साथ ही घर में वास्तु दोष के कारण होने वाली समस्याओं और उनके समाधान की भी जानकारी इनके पास है। पिछले 5 साल से धर्म कर्म से जुड़े करीब 9500 से अधिक आलेख इनके प्रकाशित हो चुके हैं। नवभारतटाइम्स.

कॉम के साथ जुड़ने से पहले आयुषी त्यागी ने नवोदय टाइम्स,दैनिक जागरण और आज तक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में डिजिटल राइटर के रूप में पॉलिटिकल, क्राइम, बिजनेस और धर्म बीट्स पर लेख लिखे हैं। शैक्षणिक योग्यता इन्होंने जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में बैचलर्स डिग्री प्राप्त करने के बाद बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ यानी एलएलबी की डिग्री भी ली है। आयुषी त्यागी का मानना है कि धर्म के साथ साथ लोगों को अपने अधिकारों के बारे में जानना भी बेहद जरूरी है। लेखन के मुख्य क्षेत्र - रामायण कथा - महाभारत कथा - पुराण कथा - टैरो कार्ड भविष्यवाणी - वास्तु शास्त्र - हस्तरेखा विज्ञान - लाल किताब - वैदिक ज्योतिष - ग्रह गोचर भविष्यवाणी

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