उत्तर प्रदेश का मुरली मनोहर मंदिर Murli Manohar Temple History कृष्ण प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण-राधा के संग रुक्मिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। प्रभु के दर्शनों के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। किसी खास पर्व के अवसर पर मंदिर में भक्तों की अधिक भीड़ देखने को मिलती है। आइए जानते हैं मंदिर से जुड़ी...
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत में देवी-देवताओं के ऐसे कई मंदिर हैं, जो किसी मान्यता, रहस्य या अन्य कारण से प्रसिद्ध हैं। एक ऐसा ही मंदिर उत्तर प्रदेश में स्थित है, जिसका नाम मुरली मनोहर मंदिर है। यह मंदिर राज्य के झांसी शहर में है। मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और राधा को समर्पित है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि मंदिर में राधा-कृष्ण के संग रुक्मिणी भी विराजमान हैं। इसका का इतिहास बहुत ही पुराना बताया जाता है। मुरली मनोहर मंदिर का इतिहास आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मंदिर का निर्माण करीब 250 वर्ष...
राजा गंगाधर राव की मां सक्कू बाई भगवान श्रीकृष्ण-राधा और रुक्मिणी की पूजा-अर्चना और दर्शन करने के लिए आती थी। ऐसा बताया जाता है कि वर्ष 1842 में लक्ष्मीबाई राजा गंगाधर की पत्नी बनने के बाद वो इस मंदिर में उपासना करने के लिए आती थी। कैसे पहुंचे मुरली मनोहर मंदिर? अगर आप मुरली मनोहर मंदिर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो हवाई, रेल और सड़क मार्ग के माध्यम से सरलता से पहुंच सकते हैं। झांसी से 103 किमी दूर ग्वालियर हवाई अड्डा है। यहां से आप टैक्सी और बस के जरिए मंदिर पहुंच सकते हैं। वहीं, झांसी रेलवे...
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