हजारीबाग के खानकाह रोड पर हुए मोर्टार विस्फोट ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। घटनास्थल से मोर्टार का टेल यूनिट मिलने के बाद पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है, जिसमें किसी बड़ी साजिश की संभावना भी शामिल है। हबीबी नगर में विस्फोटक कैसे पहुंचा, इसकी पड़ताल हो रही है। पुलिस 2001 के अमेरिकन सेंटर हमले और 2016 के बम विस्फोट जैसी पिछली घटनाओं को भी...
अमेरिकन सेंटर कोलकाता में फरार आतंकियों का हबीबी नगर से सटे खीरगांव में हुआ था एनकाउंटरसंवाद सहयोगी, हजारीबाग। खानकाह रोड में हुए विस्फोट और बरामद मोर्टार का टेल यूनिट कुछ और ही इशारा कर रही है। मोर्टार फटने की घटना ने एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और विस्फोट की तीव्रता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। किसी भी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से जो मोर्टार का टेल यूनिट मिलने की बात सामने आई है, उसने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। मोर्टार बम का यहां पहुंचना पुलिस के सिर में तनाव पैदा कर रहा है। बड़ा सवाल-हबीबी नगर में ऐसा विस्फोटक पहुंचा कैसे यह सवाल अब खुलकर उठने लगा है कि आखिर हबीबी नगर में ऐसा विस्फोटक कैसे पहुंचा। हर पहलू की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस क्षेत्र में हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद छिपाकर रखे गए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले दो दशकों से हजारीबाग का नाम कभी-कभार आतंकी गतिविधियों से जुड़ता रहा है। वर्ष 2001 में हबीबी नगर से सटे खिरगांव इलाके में कोलकाता स्थित अमेरिकन सेंटर पर हमले के आरोपितों को मुठभेड़ में ढेर किए जाने की घटना सामने आ चुकी है। वहीं दूसरी ओर पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह घटना किसी गहरी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि हबीबी नगर वही इलाका है जहां वर्ष 2016 में हुए बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हुई थी। उस मामले की जांच एजेंसी कई आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में मौजूदा विस्फोट को हल्के में लेने के मूड में पुलिस नहीं है।.
अमेरिकन सेंटर कोलकाता में फरार आतंकियों का हबीबी नगर से सटे खीरगांव में हुआ था एनकाउंटरसंवाद सहयोगी, हजारीबाग। खानकाह रोड में हुए विस्फोट और बरामद मोर्टार का टेल यूनिट कुछ और ही इशारा कर रही है। मोर्टार फटने की घटना ने एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और विस्फोट की तीव्रता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। किसी भी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से जो मोर्टार का टेल यूनिट मिलने की बात सामने आई है, उसने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। मोर्टार बम का यहां पहुंचना पुलिस के सिर में तनाव पैदा कर रहा है। बड़ा सवाल-हबीबी नगर में ऐसा विस्फोटक पहुंचा कैसे यह सवाल अब खुलकर उठने लगा है कि आखिर हबीबी नगर में ऐसा विस्फोटक कैसे पहुंचा। हर पहलू की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस क्षेत्र में हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद छिपाकर रखे गए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले दो दशकों से हजारीबाग का नाम कभी-कभार आतंकी गतिविधियों से जुड़ता रहा है। वर्ष 2001 में हबीबी नगर से सटे खिरगांव इलाके में कोलकाता स्थित अमेरिकन सेंटर पर हमले के आरोपितों को मुठभेड़ में ढेर किए जाने की घटना सामने आ चुकी है। वहीं दूसरी ओर पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह घटना किसी गहरी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि हबीबी नगर वही इलाका है जहां वर्ष 2016 में हुए बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हुई थी। उस मामले की जांच एजेंसी कई आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में मौजूदा विस्फोट को हल्के में लेने के मूड में पुलिस नहीं है।
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